PAK vs ENG – इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी एक बार फिर पूरी तरह फ्लॉप रही।
बुधवार, 9 सितंबर को पाकिस्तान ने प्लेइंग XI में चार बदलाव किए और तीन खिलाड़ियों को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया, लेकिन इसके बावजूद टीम की कहानी नहीं बदली।
पाकिस्तान की पूरी टीम पहली पारी में महज 133 रन पर ऑलआउट हो गई। हालात इतने खराब थे कि एक समय टीम ने सिर्फ 48 रन के स्कोर पर अपने शीर्ष पांच विकेट गंवा दिए थे। पाकिस्तान के टॉप-5 बल्लेबाजों में से कोई भी दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। इसी के साथ इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट के दौरान पाकिस्तान के नाम एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया।
48 रन पर गंवा दिए थे टॉप-5 विकेट
पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने सिर्फ 15 ओवर में 48 रन के स्कोर पर अपने पांच प्रमुख बल्लेबाजों को गंवा दिया।
पाकिस्तान की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके टॉप-5 बल्लेबाजों में कोई भी 10 रन तक नहीं पहुंच पाया।
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| सईम अयूब | 0 |
| अजान अवैस | 9 |
| अब्दुल्लाह शफीक | 3 |
| शान मसूद | 5 |
| बाबर आजम | 7 |
इन पांच बल्लेबाजों के बल्ले से कुल मिलाकर सिर्फ 24 रन आए। टॉप-5 बल्लेबाजों ने मिलकर केवल चार चौके लगाए।
बाबर आजम भी नहीं चला पाए बल्ला
पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम से टीम को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह भी एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।
बाबर ने 18 गेंदों में सिर्फ 7 रन बनाए और पवेलियन लौट गए।
वहीं सईम अयूब अपना खाता भी नहीं खोल सके। अजान अवैस 9 रन, अब्दुल्लाह शफीक 3 रन और कप्तान शान मसूद सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हुए।
इस तरह पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बिखर गया।
पहले सेशन में 84 रन पर गिर गए 7 विकेट
पाकिस्तान की बल्लेबाजी की हालत इतनी खराब थी कि लंच से पहले ही टीम के सात विकेट गिर चुके थे।
पहले सेशन के दौरान पाकिस्तान ने 84 रन के स्कोर तक अपने सात बल्लेबाज खो दिए थे।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने कप्तान के पहले गेंदबाजी करने के फैसले को पूरी तरह सही साबित किया। मैच के शुरुआती घंटे में ही पाकिस्तान के चार बल्लेबाज पवेलियन लौट गए थे।
इंग्लैंड के पूर्व व्हाइट-बॉल कप्तान ईयोन मोर्गन ने कमेंट्री के दौरान पाकिस्तान की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टीम खराब दौर से निकलकर उससे भी खराब स्थिति में पहुंच गई है।
शऊद शकील ने बचाई पाकिस्तान की लाज
जब पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर पूरी तरह फेल हो गया, तब शऊद शकील ने पारी संभालने की कोशिश की।
शकील ने 43 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और टीम को 100 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अगर शकील का योगदान नहीं होता तो पाकिस्तान के लिए 100 रन के अंदर ऑलआउट होने का खतरा काफी बढ़ सकता था।
हालांकि उनकी पारी भी पाकिस्तान को बड़े स्कोर तक नहीं ले जा सकी और पूरी टीम 133 रन पर सिमट गई।
पाकिस्तान ने सीरीज में अभी तक एक बार भी नहीं बनाए 200 रन
इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि टीम अब तक एक भी पारी में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है।
तीन टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की पारियों का रिकॉर्ड इस प्रकार रहा:
| टेस्ट | पाकिस्तान की पारी |
|---|---|
| पहला टेस्ट | 171 और 135 रन |
| दूसरा टेस्ट | 110 और 194 रन |
| तीसरा टेस्ट | 133 रन |
यानी इस सीरीज में पाकिस्तान की सबसे बड़ी पारी भी अभी तक 194 रन की रही है।
यह आंकड़ा बताता है कि टीम की बल्लेबाजी कितने गंभीर संकट से गुजर रही है।
इंग्लैंड में पाकिस्तान के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड
एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान के टॉप-5 बल्लेबाजों का सिंगल डिजिट में आउट होना टीम के लिए बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड बन गया।
पाकिस्तान का टॉप ऑर्डर शुरुआत में ही पूरी तरह ढह गया। पांचों प्रमुख बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए।
यह प्रदर्शन उस टीम के लिए और भी चिंता का विषय है जो इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज में वापसी की कोशिश कर रही है।
प्लेइंग XI में 4 बदलाव भी नहीं बदल सके किस्मत
लॉर्ड्स टेस्ट के बाद पाकिस्तान ने अपने स्क्वॉड में कुल सात बदलाव किए थे। इसके बाद तीसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग XI में भी चार बदलाव किए गए।
इनमें से तीन खिलाड़ियों को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला।
टीम मैनेजमेंट को उम्मीद थी कि नए खिलाड़ियों के आने से टीम का प्रदर्शन सुधरेगा, लेकिन पहली पारी में बल्लेबाजी का वही पुराना संकट देखने को मिला।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने बरपाया कहर
एजबेस्टन की परिस्थितियों में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने नई गेंद का भरपूर फायदा उठाया।
शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों को मूवमेंट मिला और पाकिस्तानी बल्लेबाज लगातार दबाव में दिखाई दिए। कप्तान जो रूट का पहले गेंदबाजी करने का फैसला पूरी तरह सफल रहा।
पहले घंटे में चार विकेट गिरना इस बात का प्रमाण था कि पाकिस्तान के बल्लेबाज शुरुआत से ही मुश्किल में थे।
पाकिस्तान के लिए बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता
पाकिस्तान की मौजूदा समस्या केवल एक टेस्ट मैच तक सीमित नहीं है। पूरी सीरीज में बल्लेबाजी लगातार लड़खड़ाती रही है।
पहले टेस्ट में 171 और 135 रन, दूसरे टेस्ट में 110 और 194 रन तथा तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 133 रन—ये आंकड़े टीम की बल्लेबाजी की कमजोरी को साफ दिखाते हैं।
विशेष रूप से टॉप ऑर्डर का प्रदर्शन चिंता का विषय है। जब शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट होते हैं तो मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव आ जाता है।













