Vaibhav – युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में अपने बल्ले से एक बार फिर प्रभावित किया। भले ही वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं बन सके, लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में उन्होंने सभी प्रमुख बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में कुल 192 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि, उनकी बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका आक्रामक अंदाज रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 104.92 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए।
वह दलीप ट्रॉफी 2026 में 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने वाले सिर्फ दो खिलाड़ियों में शामिल रहे।
ईशान किशन रहे टूर्नामेंट के टॉप रन स्कोरर
दलीप ट्रॉफी 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ईशान किशन के नाम रहा। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने पूरे टूर्नामेंट में 409 रन बनाए।
ईशान के अलावा कोई भी बल्लेबाज 300 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सका।
दूसरे स्थान पर साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा रहे, जिन्होंने टूर्नामेंट में 266 रन बनाए।
वहीं वैभव सूर्यवंशी 192 रन के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
स्ट्राइक रेट में वैभव सूर्यवंशी सबसे आगे
अगर दलीप ट्रॉफी 2026 में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो वैभव सूर्यवंशी सबसे ऊपर रहे।
उन्होंने 192 रन 104.92 के स्ट्राइक रेट से बनाए। यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि टूर्नामेंट में 100 या उससे ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले सिर्फ दो खिलाड़ी रहे।
वैभव के अलावा इस सूची में दूसरा नाम अंशुल कंबोज का रहा।
गेंदबाज अंशुल कंबोज ने बल्ले से भी दिखाया दम
अंशुल कंबोज को आमतौर पर उनकी गेंदबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन दलीप ट्रॉफी 2026 में उन्होंने बल्ले से भी शानदार योगदान दिया।
कंबोज ने टूर्नामेंट में 120 रन 100 के स्ट्राइक रेट से बनाए और सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे।
इससे पता चलता है कि दलीप ट्रॉफी में कुछ खिलाड़ियों ने पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट के मुकाबले ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
टॉप-5 में आयुष बदोनी, गायकवाड़ और ईशान
स्ट्राइक रेट के मामले में वैभव और अंशुल कंबोज के बाद कई बड़े नाम इस सूची में शामिल रहे।
आयुष बदोनी ने 82.72 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए और टॉप-5 में जगह बनाई।
इसके बाद रुतुराज गायकवाड़ का नाम रहा, जिन्होंने 80.68 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।
ईशान किशन भी इस सूची के टॉप-5 में रहे। टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज ईशान ने 80.35 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए।
दलीप ट्रॉफी 2026 में प्रमुख बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट
| बल्लेबाज | स्ट्राइक रेट |
|---|---|
| वैभव सूर्यवंशी | 104.92 |
| अंशुल कंबोज | 100.00 |
| आयुष बदोनी | 82.72 |
| रुतुराज गायकवाड़ | 80.68 |
| ईशान किशन | 80.35 |
फाइनल में ईशान किशन ने मचाया धमाल
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की।
उन्होंने पहली पारी में 270 रन की बड़ी पारी खेली, जबकि दूसरी पारी में भी 80 रन बनाए।
पहली पारी में दोहरा शतक लगाने के बावजूद ईशान का स्ट्राइक रेट 80.84 रहा। दूसरी पारी में उनका स्ट्राइक रेट 81.63 था।
ईशान के इस प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट का सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज बनाने में अहम भूमिका निभाई।
रिंकू सिंह टॉप-10 में जगह बनाने से चूके
टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रिंकू सिंह दलीप ट्रॉफी 2026 में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट वाले टॉप-10 बल्लेबाजों में जगह नहीं बना सके।
रिंकू सिंह 81.63 के स्ट्राइक रेट के साथ 11वें स्थान पर रहे।
दिलचस्प बात यह है कि उनके ऊपर 10वें स्थान पर मौजूद बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट उनसे काफी कम रहा।
शिखर मोहन ने एक ही मैच में बनाई जगह
सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों की सूची में 10वें स्थान पर शिखर मोहन रहे।
उनका स्ट्राइक रेट 66.83 रहा। शिखर मोहन ने दलीप ट्रॉफी 2026 में केवल फाइनल मुकाबला खेला।
फाइनल की पहली पारी में उन्होंने 85 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से 52 रन निकले।
एकमात्र मैच खेलने के बावजूद उनके प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट के स्ट्राइक रेट टॉप-10 में जगह दिला दी।
वैभव सूर्यवंशी के लिए क्यों खास रहा दलीप ट्रॉफी?
वैभव सूर्यवंशी का 192 रन का आंकड़ा भले ही टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सबसे ऊपर नहीं रहा, लेकिन उनका बल्लेबाजी अंदाज जरूर चर्चा में रहा।
104.92 का स्ट्राइक रेट यह बताता है कि उन्होंने रन बनाने के लिए आक्रामक क्रिकेट खेला।
खास बात यह है कि दलीप ट्रॉफी जैसे प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट में 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
युवा वैभव ने एक बार फिर यह दिखाया कि वह परिस्थिति के अनुसार तेज गति से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।













