Sharma – गुवाहाटी की रात भारतीय टी20 क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो गई। स्टेडियम में गेंद नहीं, जैसे आग उड़ रही थी। और उस आग का नाम था—अभिषेक शर्मा। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में इस युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज ने ऐसा तूफान खड़ा किया कि रिकॉर्ड्स की कतार हिल गई।
सिर्फ 35 पारियों में अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 200 बाउंड्री—यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं, यह सीधा ऐलान है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया एक्स-फैक्टर मिल चुका है।
यह वही मैच था जिसमें भारत ने 154 रन का लक्ष्य सिर्फ 10 ओवर में चेज कर लिया। लेकिन उससे भी बड़ी कहानी यह थी कि यह सब किस अंदाज़ में हुआ।
35 पारियां और इतिहास का नया पन्ना
टी20 क्रिकेट में बाउंड्री हिटिंग को अक्सर पावर हिटर्स की पहचान माना जाता है। लेकिन अभिषेक शर्मा ने इस पहचान को नई परिभाषा दे दी है।
उन्होंने 200 चौके-छक्कों का आंकड़ा महज 35 पारियों में छू लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों के नाम था।
| खिलाड़ी | पारियां |
|---|---|
| अभिषेक शर्मा | 35 |
| सूर्यकुमार यादव | 39 |
| आरोन फिंच | 39 |
| विराट कोहली | 40 |
| फिल साल्ट | 42 |
| क्रिस गेल | 43 |
14 गेंदों में अर्धशतक: जब टाइम ही दुश्मन बन गया
न्यूजीलैंड के खिलाफ अभिषेक की पारी सिर्फ तेज नहीं थी, वह बेरहम थी।
उन्होंने महज 14 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया—जो भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे तेज है।
20 गेंद
68 रन*
7 चौके
5 छक्के
यह स्ट्राइक रेट नहीं था, यह चेतावनी थी।
मिचेल सेंटनर और ईश सोढ़ी जैसे अनुभवी गेंदबाजों को उन्होंने लाइन-लेंथ की किताब से बाहर कर दिया। खासकर 7वां और 9वां ओवर, जहां लगातार बाउंड्रीज़ ने न्यूजीलैंड के बॉलिंग प्लान को पूरी तरह तोड़ दिया।
10 ओवर में 154: रिकॉर्ड जो बहुत कुछ कहता है
भारत ने यह मैच सिर्फ जीता नहीं, खत्म कर दिया।
पहला विकेट पहली गेंद पर गिरा—और उसके बाद जो हुआ, वह टी20 इतिहास की सबसे विस्फोटक 10 ओवर की बल्लेबाजी में से एक थी।
यह फुल मेंबर नेशंस के बीच पहला मौका है, जब किसी टीम ने 150+ का लक्ष्य 60 गेंद शेष रहते हासिल किया।
वेस्टइंडीज ने 2024 में साउथ अफ्रीका को 37 गेंद शेष रहते हराया था।
भारत ने यहां एक नई ही लाइन खींच दी।
सूर्या + अभिषेक = 102 रन, 40 गेंद
अगर यह पारी अकेली होती, तो भी काफी थी।
लेकिन अभिषेक को दूसरे छोर से मिला सूर्यकुमार यादव का साथ—और फिर खेल एकतरफा हो गया।
सूर्या:
26 गेंद
57 रन*
6 चौके, 3 छक्के
दोनों के बीच हुई 102 रनों की अटूट साझेदारी सिर्फ स्कोर नहीं बढ़ा रही थी, वह आत्मविश्वास कुचल रही थी। न्यूजीलैंड के फील्डर्स के चेहरे सब कुछ कह रहे थे।
कप्तान सूर्या का संदेश: यही भविष्य है
मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने सिर्फ जीत की बात नहीं की, उन्होंने दिशा की बात की।
उनका साफ कहना था—
भारत आगे भी इसी तरह का निडर, विस्फोटक क्रिकेट खेलेगा।
यह बयान साधारण नहीं है। यह बताता है कि भारतीय टी20 टीम अब सेफ खेलने के दौर से बाहर निकल चुकी है।
युवराज सिंह की छाया, लेकिन अपनी पहचान
मैच के बाद जब अभिषेक से पूछा गया कि क्या वह अपने मेंटर युवराज सिंह का 12 गेंदों में अर्धशतक वाला रिकॉर्ड तोड़ना चाहते हैं, तो जवाब बेहद ईमानदार था।
उन्होंने माना—
“वह रिकॉर्ड लगभग असंभव है।”
लेकिन फर्क साफ है।
अभिषेक युवराज बनने की कोशिश नहीं कर रहे।
वह अभिषेक शर्मा बन रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह फील्ड प्लेसमेंट देखकर शॉट खेलने में विश्वास रखते हैं। पावर नहीं, रूम बनाना उनकी सोच है।
11वीं लगातार टी20 सीरीज जीत: भारत का साइलेंट डॉमिनेशन
इस जीत के साथ भारत ने अपनी लगातार 11वीं टी20 सीरीज या टूर्नामेंट जीत ली है। यह आंकड़ा चुपचाप बना है, लेकिन इसका असर पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है।
भारत की नंबर-1 टी20 रैंकिंग अब सिर्फ कागजों पर नहीं, मैदान पर दिख रही है।
बड़ी तस्वीर: अभिषेक शर्मा क्या बदल रहे हैं?
अभिषेक शर्मा सिर्फ रन नहीं बना रहे, वह तीन बड़ी चीजें बदल रहे हैं—
- पावरप्ले की परिभाषा
- बाएं हाथ के ओपनर की भूमिका
- और भारत के टी20 माइंडसेट की गति
35 पारियों में 200 बाउंड्री—यह बताता है कि यह कोई फॉर्म नहीं, स्टाइल है।
यह सिर्फ शुरुआत है
गुवाहाटी में जो हुआ, वह अंत नहीं था।
वह एक ट्रेलर था।
अभिषेक शर्मा ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ “टैलेंट” नहीं हैं, बल्कि मैच-डिफाइनर हैं। रिकॉर्ड टूटेंगे, तुलना होगी, दबाव आएगा—लेकिन अगर यही माइंडसेट रहा, तो यह नाम लंबे समय तक टी20 क्रिकेट में गूंजेगा।
और शायद कुछ साल बाद,
जब कोई नया बल्लेबाज 200 बाउंड्री का रिकॉर्ड तोड़ेगा—
तो सामने लिखा होगा: अभिषेक शर्मा (35 पारियां)।















