Chapman – गुवाहाटी की उस रात सिर्फ भारतीय फैंस ही नहीं, विपक्षी डगआउट भी कुछ अलग देख रहा था। छक्के उड़ रहे थे, मैच खत्म हो चुका था—लेकिन अभिषेक शर्मा को लेकर चर्चा रुकी नहीं। इस बार तारीफ भारत से नहीं, न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्क चैपमैन की ओर से आई। और यह तारीफ साधारण नहीं थी।
चैपमैन ने साफ कहा—अभिषेक की छक्के मारने की क्षमता सिर्फ अति-आक्रामकता नहीं, बल्कि खेल की गहरी समझ और सोची-समझी रणनीति का नतीजा है।
यह सिर्फ ताकत नहीं, सोच है
न्यूजीलैंड के लिए सबसे चौंकाने वाली बात सिर्फ रन नहीं थे, बल्कि जिस तरह से रन बने। मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए मार्क चैपमैन ने माना कि अभिषेक का अंदाज़ पढ़ पाना आसान नहीं है।
“सच कहूं तो उनकी बल्लेबाजी बहुत दमदार और विस्फोटक है। मैंने उन्हें ज्यादा खेलते नहीं देखा था, लेकिन छक्के मारने की उनकी क्षमता बेजोड़ है। जिस तरह से वह खेलते हैं, उससे लगता है कि वह अपनी बल्लेबाजी पर काफी मंथन करते हैं।”
यह बयान अपने आप में बड़ा है। क्योंकि आमतौर पर ऐसे बल्लेबाजों को “सिर्फ हिटर” कहकर खारिज कर दिया जाता है। लेकिन चैपमैन की नजर में अभिषेक सिर्फ मार नहीं रहे—मैच को पढ़ रहे हैं।
20 गेंद, 68 रन: जब मैच 10 ओवर में खत्म हो गया
तीसरे टी20 की कहानी अब सबको पता है।
भारत को 154 रन चाहिए थे।
और मैच सिर्फ 10 ओवर चला।
अभिषेक शर्मा—
20 गेंद
68* रन
5 छक्के
14 गेंद में अर्धशतक
टी20 इंटरनेशनल में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज का यह प्रदर्शन सिर्फ तेज नहीं था, यह निर्दयी था। न्यूजीलैंड के लिए वापसी का कोई रास्ता छोड़ा ही नहीं गया।
पहले मैच से ही चेतावनी मिल चुकी थी
यह कोई एक मैच का झटका नहीं था। सीरीज़ की शुरुआत में ही अभिषेक ने न्यूजीलैंड को संकेत दे दिया था कि आगे क्या आने वाला है।
पहले टी20 में—
35 गेंद
84 रन
8 छक्के
यानि पैटर्न साफ था। यह फॉर्म नहीं, फेज़ है।
अच्छा खेल रहा हो तो उसे रोकना मुश्किल होता है
चैपमैन ने स्वीकार किया कि टी20 क्रिकेट में जब कोई बल्लेबाज इस तरह लय में होता है, तो गेंदबाजों के पास ज्यादा जवाब नहीं होते।
“वह इस समय बहुत अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं। टी20 क्रिकेट की यही खासियत है—जब कोई खिलाड़ी बहुत अच्छा खेल रहा होता है, तो उसे रोकना मुश्किल हो जाता है। हमें अपने खेल की समीक्षा करनी होगी।”
यहीं से न्यूजीलैंड के आत्ममंथन की शुरुआत होती है।
हार के बावजूद वर्ल्ड कप की तैयारी
सीरीज़ भले ही न्यूजीलैंड के हाथ से निकल चुकी हो, लेकिन चैपमैन इसे T20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी के लिहाज से अहम मानते हैं।
“हमारे लिए यह आदर्श तैयारी है। भारत जैसी टीम के खिलाफ खेलना—जो इस समय दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टी20 टीमों में से एक है—इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।”
उन्होंने यह भी माना कि भारत की पिचें हर बार एक जैसी नहीं होतीं।
“कई बार गेंद टर्न करेगी, कई बार पिच धीमी होगी। हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।”
“उम्मीद है हम उनसे कुछ सीख लेंगे”
शायद इस पूरी बातचीत का सबसे बड़ा वाक्य यही था।
“जिस तरह से वे खेल रहे हैं, उसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। उम्मीद है कि हम उनसे कुछ सीख लेंगे।”
यह सिर्फ औपचारिक लाइन नहीं लगती। यह उस सम्मान की तरह है, जो आमतौर पर हार के बाद बहुत कम सुनाई देता है।
भारतीय गेंदबाज़ों को भी मिला श्रेय
चैपमैन ने यह भी माना कि न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी इसलिए नहीं चली क्योंकि भारत ने उन्हें मौका ही नहीं दिया।
हम पर्याप्त रन नहीं बना पाए, जो निराशाजनक है। लेकिन भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करनी होगी। उन्होंने बहुत अच्छी गेंदबाजी की और हमें खुलकर खेलने नहीं दिया।
अभिषेक सिर्फ ट्रेंड नहीं, टेम्पलेट हैं
आज टी20 क्रिकेट सिर्फ ताकत का खेल नहीं रह गया है। यह सही गेंद चुनने, सही एंगल ढूंढने और सही समय पर हमला करने का खेल है। अभिषेक शर्मा इस बदलाव का चेहरा बनते जा रहे हैं।
आईपीएल हो या इंटरनेशनल क्रिकेट—
जब वह ट्रैविस हेड जैसे बल्लेबाजों के साथ ओपन करते हैं, तो यह साफ दिखता है कि यह सिस्टम आधारित आक्रामकता है, रैंडम हिटिंग नहीं।















