Rashid – टी20 वर्ल्ड कप 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में होने जा रहा यह टूर्नामेंट सिर्फ क्रिकेट का महाकुंभ नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स और डिप्लोमेसी की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। ज़्यादातर टीमों के खिलाड़ी भारत का वीज़ा पा चुके हैं, लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जिनके लिए रास्ता अभी थोड़ा लंबा है—पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी।
मुद्दा नया नहीं है, लेकिन वर्ल्ड कप की टाइमिंग ने इसे सुर्खियों में ला दिया है। इंग्लैंड जैसी टीम, जो खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है, उसकी तैयारियों पर भी इसका असर दिखने लगा है।
भारत में वीज़ा: रिजेक्शन नहीं, अतिरिक्त जांच
सबसे पहले साफ़ कर लें—किसी भी खिलाड़ी का वीज़ा रिजेक्ट नहीं हुआ है। भारत सरकार की ओर से अब तक ऐसा कोई फैसला सामने नहीं आया है। दिक्कत सिर्फ उन मामलों में आ रही है जहां खिलाड़ी पाकिस्तान में जन्मे हैं। ऐसे आवेदनों में भारतीय वीज़ा नियमों के तहत अतिरिक्त डॉक्युमेंटेशन और सुरक्षा जांच होती है, जिसमें समय लगता है।
इंग्लैंड की चिंता: आदिल राशिद और रेहान अहमद
इस देरी का सबसे बड़ा असर फिलहाल इंग्लैंड टीम पर पड़ा है। उनके दो प्रमुख स्पिनर—आदिल राशिद और रेहान अहमद—को भारत सरकार से वीज़ा मिलने में देरी हो रही है। दोनों खिलाड़ी पाकिस्तानी मूल के हैं, और इसी वजह से उनकी फाइलें अतिरिक्त प्रशासनिक जांच से गुजर रही हैं।
इंग्लैंड के लिए यह छोटी बात नहीं है। आदिल राशिद अनुभवी लेग स्पिनर हैं, जबकि रेहान अहमद को टीम भविष्य का एक्स-फैक्टर मानती है। वर्ल्ड कप से पहले तैयारी के हर दिन की कीमत होती है।
श्रीलंका दौरा अधर में
वीज़ा देरी का सीधा असर इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल सीरीज़ की योजना पर पड़ा है। दोनों खिलाड़ियों के इस वीकेंड टीम के साथ श्रीलंका रवाना होने की संभावना कम बताई जा रही है। इसका मतलब:
– टीम से देर से जुड़ना
– कंडीशंस में ढलने का कम समय
– और मैच प्रैक्टिस में कटौती
वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में यह सब मामूली नहीं माना जाता।
ECB को मिला आश्वासन, लेकिन तारीख तय नहीं
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को भारत सरकार की ओर से यह भरोसा ज़रूर मिला है कि वीज़ा एप्लीकेशन पर कोई आपत्ति नहीं है। यानी मामला तकनीकी है, राजनीतिक नहीं। लेकिन परेशानी यह है कि टाइमलाइन अभी भी साफ़ नहीं।
इसी अनिश्चितता को देखते हुए ECB ने प्रक्रिया तेज़ कराने के लिए यूके सरकार से भी मदद मांगी है। यह कदम बताता है कि बोर्ड स्थिति को लेकर कितना गंभीर है।
सिर्फ इंग्लैंड नहीं, और भी टीमें
यह समस्या सिर्फ इंग्लैंड तक सीमित नहीं है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा ले रहीं कई टीमों के स्क्वॉड में पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी शामिल हैं:
– इंग्लैंड
– यूएई
– ओमान
– कनाडा
– नेपाल
– नीदरलैंड्स
– जिम्बाब्वे
क्यों खास होती है पाकिस्तान में जन्मे खिलाड़ियों की जांच?
यहां अक्सर गलतफहमी पैदा होती है। सवाल उठता है—अगर खिलाड़ी अमेरिकी, ब्रिटिश या किसी और देश का नागरिक है, तो फिर अतिरिक्त जांच क्यों?
असल वजह यह है कि:
– पाकिस्तान दोहरी नागरिकता की अनुमति देता है
– जन्म स्थान के आधार पर वेरिफिकेशन ज़रूरी होता है
– भारत-पाकिस्तान के बीच वीज़ा प्रोटोकॉल अलग हैं
यही वजह है कि चाहे खिलाड़ी किसी भी टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा हो, पाकिस्तान में जन्म होने पर प्रोसेस लंबा हो जाता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: शेड्यूल और दबाव
टी20 वर्ल्ड कप 2026:
– 7 फरवरी से 8 मार्च
– मेज़बान: भारत और श्रीलंका
– कुल टीमें: 20
इंग्लैंड अपना पहला मुकाबला 8 फरवरी को नेपाल के खिलाफ खेलेगा। ECB को भरोसा है कि उससे पहले राशिद और अहमद को ज़रूरी वीज़ा मिल जाएंगे।















