Afridi : कोहली–रोहित 2027 तक खेलें गंभीर को सीख मिले—अफरीदी के बयान ने बढ़ाई चर्चा

Atul Kumar
Published On:
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Afridi – भारत–पाक क्रिकेट में मैदान पर टकराव कोई नई बात नहीं, लेकिन कभी-कभी बयानबाज़ी भी उसी रफ़्तार से उबलने लगती है। और इस बार चिंगारी लगी है शाहिद अफरीदी के ताज़ा इंटरव्यू से, जिसमें उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से गौतम गंभीर पर निशाना साधा—वो भी विराट कोहली और रोहित शर्मा के बहाने।

दिलचस्प बात ये है कि अफरीदी गंभीर की आलोचना करते हुए उसी सांस में रोहित के छह-मार रिकॉर्ड टूटने पर खुशी भी ज़ाहिर कर गए। यानी विवाद और तारीफ़—दोनों एक पैकेट में।

गंभीर vs अफरीदी—पुरानी दुश्मनी, नया मोड़

दोनों के बीच मैदान पर जो झगड़ा 2007 में शुरू हुआ था, वह आज तक पूरी तरह शांत नहीं हुआ। नई भूमिका—गंभीर भारत के कोच, अफरीदी पाकिस्तान के पूर्व कप्तान—लेकिन टोन वही तल्ख़।

अफरीदी ने कहा:

“गौतम ने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत ऐसे की जैसे वही हमेशा सही हों। लेकिन जल्द ही साफ हो गया कि आप हर बार सही नहीं हो सकते।”

ये टिप्पणी सीधी नहीं, लेकिन संकेत साफ—उन्हें गंभीर के शुरुआती सेलेक्शन और फैसलों में ‘overconfidence’ दिखा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब गौतम गंभीर भारत के सेटअप को ‘transition phase’ में ले जा रहे हैं—जहाँ युवा खिलाड़ियों को मौका और सीनियर्स की भूमिका संतुलित करने की कोशिश चल रही है।

अफरीदी की कोहली–रोहित पर बड़ी स्टेटमेंट: “2027 वर्ल्ड कप तक खिलाओ”

अब यह दिलचस्प हिस्सा है। अफरीदी वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत–पाक rivalry में कई बार कड़वे बयान दिए, लेकिन इस बार उन्होंने कोहली और रोहित की तारीफ़ बिना किसी फिल्टर के की।

उनके शब्द:

“विराट और रोहित भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ हैं। जिस फॉर्म में वे हालिया ODIs में दिखे हैं, वे 2027 वर्ल्ड कप तक आसानी से खेल सकते हैं।”

ये टिप्पणी सीधे-सीधे गंभीर के उस सोचे-समझे ट्रांज़िशन प्लान को चुनौती देती दिखती है जिसमें 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम कम उम्र, तेज़ और भविष्य-केंद्रित बनाई जा रही है। अफरीदी का भाव—“बड़े स्टार्स को मत हटाओ, जब तक वे खुद न रुकें।”

रोहित ने अफरीदी का रिकॉर्ड छीना—और ‘बूम बूम’ खुश!

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में रोहित शर्मा ने 351 सिक्स का शाहिद अफरीदी का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड तोड़ दिया।
रोहित अब 355 छक्कों के साथ ODI इतिहास में नंबर-वन हैं।

अफरीदी ने कहा:

“रिकॉर्ड टूटते ही हैं… और बेहतर हुआ कि इसे रोहित शर्मा ने तोड़ा। मैं उसे हमेशा पसंद करता रहा हूँ।”

यानी, यह रिकॉर्ड टूटना egos का टकराव नहीं बना—बल्कि अफरीदी ने surprisingly graceful प्रतिक्रिया दी।

क्रिकेट में रिकॉर्ड… और रियलिटी—कुछ न कुछ टूटना ही होता है

अफरीदी ने याद दिलाया कि उनका सबसे तेज़ शतक वाला रिकॉर्ड लगभग 18 साल तक खड़ा रहा।
फिर मैकुलम आए, फिर AB, और फिर सबसे तेज़ T20 शतक दर्जनों बार पलटता गया।

उनका संदेश—“रिकॉर्ड किसी के बाप की जागीर नहीं, वो खेलते हैं आने और जाने के लिए।”

यह एकदम विपरीत टोन था उस तल्ख़ बयान से जो उन्होंने गंभीर पर दिया।

तो क्या गंभीर–अफरीदी टकराव फिर से पुरानी राह पर लौट रहा है?

दृश्य कुछ ऐसा बन रहा है:

– गंभीर भारत में aggressive rebuilding कर रहे हैं
– रोहित–कोहली धीरे-धीरे लिमिटेड ओवर में चुनिंदा सीरीज तक सीमित हो रहे हैं
– पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी भारतीय प्लान की आलोचना करते आए हैं
– अफरीदी पुरानी प्रतिद्वंद्विता के कारण गंभीर पर निजी टिप्पणी करने से कतराते भी नहीं

ऐसे माहौल में अफरीदी का यह बयान समझना मुश्किल नहीं—यह क्रिकेट के tactical मुद्दे से ज़्यादा पुरानी rivalry का भावनात्मक विस्तार है।

Fact Check

– रोहित शर्मा के 355 ODI सिक्स का आँकड़ा ICC और ESPN Cricinfo के आधिकारिक रिकॉर्ड्स से मेल खाता है।
– शाहिद अफरीदी के बयान टीवी और डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध इंटरव्यू से लिए गए हैं।
– विराट और रोहित को 2027 तक खिलाने की अफरीदी की राय केवल उनकी निजी राय है; BCCI ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
– गंभीर पर की गई टिप्पणी तथ्य नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है।

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