Arshdeep – सीरीज़ खत्म हो चुकी थी, ट्रॉफी हाथ में थी, लेकिन ड्रेसिंग रूम के अंदर माहौल अभी भी गर्म था। हंसी, तालियां और फिर एक नाम—अर्शदीप सिंह। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के बाद जब “इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज” का ऐलान हुआ, तो किसी को हैरानी नहीं हुई। यह अवॉर्ड आंकड़ों से ज्यादा लगातार असर का इनाम था।
बीसीसीआई ने रविवार को जो बिहाइंड-द-सीन्स वीडियो जारी किया, उसने उसी भरोसे को कैमरे में कैद कर लिया।
ड्रेसिंग रूम में ऐलान, तालियों के बीच अर्शदीप
बीसीसीआई टीवी पर शेयर किए गए वीडियो में ट्रेनिंग असिस्टेंट उडेनेका नेवान ने मेडल हाथ में लेते हुए साफ शब्दों में कहा—
“यह मेडल उस खिलाड़ी को जाता है जिसने हर मैच में इम्पैक्ट डाला है। और यह मेडल मिस्टर अर्शदीप सिंह को जाता है।”
कोई लंबा भाषण नहीं, कोई बनावटी ड्रामा नहीं।
बस एक सीधा संदेश—आपने फर्क डाला है।
अर्शदीप ने मेडल लेते हुए सपोर्ट स्टाफ और फैंस का शुक्रिया अदा किया।
उनके शब्दों में सादगी थी, लेकिन आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
“मुझे उम्मीद है कि भीड़ हमें खेलते हुए देखकर मज़ा लेती है। वे हमसे बहुत प्यार करते हैं। हम उन्हें गर्व महसूस कराएंगे।”
आखिरी मैच में पांच विकेट: सीरीज पर मुहर
31 जनवरी, तिरुवनंतपुरम।
ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत ने आखिरी टी20 खेला—और पूरी सीरीज पर ठप्पा लगा दिया।
न्यूजीलैंड 271 रनों के जवाब में 19.4 ओवर में 225 रन पर सिमट गया।
और उस पतन के केंद्र में थे—अर्शदीप सिंह।
| गेंदबाज | ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|---|
| अर्शदीप सिंह | 4 | 51 | 5 |
51 रन देकर 5 विकेट—और वह भी उस मैच में, जहां बल्लेबाजों का बोलबाला रहा।
यही वजह है कि यह सिर्फ “मैच का प्रदर्शन” नहीं, बल्कि सीरीज का बयान था।
271 का स्कोर, लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 271 रन बनाए—टी20 क्रिकेट में किसी भी टीम के लिए एक मनोवैज्ञानिक झटका।
इस स्कोर की नींव रखी:
- ईशान किशन: 43 गेंदों में 103 रन (6 चौके, 10 छक्के)
- सूर्यकुमार यादव: 30 गेंदों में 63 रन
दोनों के बीच 137 रनों की साझेदारी—करीब दस ओवर में।
न्यूजीलैंड मैच से पहले ही पीछे चला गया था।
लेकिन टी20 में 270 भी तभी मायने रखता है, जब गेंद से उसे डिफेंड किया जाए।
यहीं अर्शदीप सामने आए।
सिर्फ विकेट नहीं, सही वक्त पर विकेट
अर्शदीप की खासियत इस सीरीज में यही रही—
- पावरप्ले में नई गेंद से नियंत्रण
- मिडिल ओवर्स में ब्रेकथ्रू
- और डेथ ओवर्स में साहस
न्यूजीलैंड की दूसरी इनिंग में जब लग रहा था कि रन चेज़ थोड़ी देर खिंच सकता है, वहीं अर्शदीप ने बैक-टू-बैक विकेट निकालकर मैच को सीधा खत्म की ओर धकेल दिया।
इम्पैक्ट प्लेयर क्यों, सिर्फ टॉप विकेट टेकर क्यों नहीं?
क्योंकि अर्शदीप सिर्फ आंकड़ों में नहीं दिखे—
वह हर मैच की कहानी में मौजूद थे।
- कभी साझेदारी तोड़ी
- कभी रन फ्लो रोका
- कभी आखिरी ओवर में नर्व्स संभाली
यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें सीरीज का इम्पैक्ट प्लेयर चुना।
4-1 की जीत और वर्ल्ड कप का रोडमैप
भारत ने सीरीज 4-1 से जीती।
और यह जीत सिर्फ स्कोरलाइन नहीं थी—यह तैयारी का सर्टिफिकेट थी।
- टॉप ऑर्डर रन बना रहा है
- मिडिल ऑर्डर रिस्क ले रहा है
- और गेंदबाजी में अर्शदीप जैसे गेंदबाज डेथ ओवर्स को लॉक कर रहे हैं
टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले इससे बेहतर संकेत मुश्किल है।
अर्शदीप की जगह अब तय?
पिछले कुछ सालों में कई नाम आए, गए।
लेकिन इस सीरीज के बाद एक बात साफ होती जा रही है—
डेथ ओवर्स में भारत का पहला नाम: अर्शदीप सिंह।
ना ज्यादा शोर,
ना ज्यादा दिखावा—
बस विकेट, सही समय पर।
















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