Ashes 2025 – मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच ने इस एशेज सीरीज़ में पहले ही काफी कुछ देख लिया था—20 विकेट वाला पहला दिन, गेंदबाज़ों का दबदबा, और टेस्ट क्रिकेट की आत्मा पर बहस।
लेकिन शनिवार को इसी मैदान पर इंग्लैंड ने आखिरकार एशेज 2025-26 में अपना खाता खोल लिया। चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर इंग्लैंड ने न सिर्फ दो दिन में खत्म होने वाले एक और टेस्ट को अंजाम तक पहुंचाया, बल्कि सीरीज़ में अपनी मौजूदगी भी दर्ज करा दी।
हालांकि तस्वीर पूरी तरह नहीं बदली है। पांच मैचों की सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया अब भी 3–1 से आगे है। लेकिन यह जीत इंग्लैंड के लिए सिर्फ एक स्कोरलाइन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की वापसी जैसी है।
175 रन का टारगेट और इंग्लैंड की तेज़ चाल
दूसरे दिन इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रन चाहिए थे। हालात आसान नहीं थे—पिच अब भी खतरनाक थी, गेंद सीधी नहीं आ रही थी। लेकिन इंग्लैंड ने यह लक्ष्य 32.2 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
सलामी जोड़ी ने शुरुआत में ही टोन सेट कर दी।
- जैक क्राउली
- बेन डकेट
दोनों ने पहले विकेट के लिए 51 रन जोड़े और यह साझेदारी इस छोटे से चेज़ में बेहद अहम साबित हुई।
बेन डकेट का कैमियो, फिर विकेटों की झड़ी
बेन डकेट ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए। आक्रामक शुरुआत के बाद वह मिचेल स्टार्क की अंदर आती गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। विकेट गिरा, लेकिन रन-रेट बना रहा।
इसके बाद:
- ब्रायडन कॉर्स – 8 गेंद, 6 रन
- जैक क्राउली – 48 गेंद, 37 रन (LBW, स्कॉट बोलैंड)
दोनों विकेट जल्दी गिरे और एक समय मैच फिर से बराबरी पर आता दिखा।
जैकब बैथल: शांत लेकिन निर्णायक
यहीं पर इंग्लैंड के लिए सबसे अहम पारी आई—जैकब बैथल।
उन्होंने 46 गेंदों में 40 रन बनाए। न ज्यादा आक्रामक, न ज्यादा रक्षात्मक। बस हालात के मुताबिक बल्लेबाज़ी। यह वही पारी थी, जिसने चेज़ को संभाला और ऑस्ट्रेलिया को मैच से दूर रखा।
रूट और स्टोक्स फिर नाकाम
इंग्लैंड को उम्मीद थी कि सीनियर खिलाड़ी काम खत्म करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- जो रूट – 38 गेंद, 15 रन (LBW, रिचर्डसन)
- बेन स्टोक्स – 9 गेंद, 2 रन (कैच आउट, स्टार्क)
दोनों विकेटों से मैच में थोड़ी देर के लिए तनाव आया, लेकिन तब तक इंग्लैंड लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुका था।
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी: 132 रन पर सिमट गए
इस जीत की नींव असल में ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में ही पड़ गई थी। दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने 34.3 ओवर में 132 रन पर अपने सभी विकेट गंवा दिए।
शुरुआत खराब रही:
- स्कॉट बोलैंड – 17 गेंद, 6 रन
- जैक – 5 रन
- मार्नस लाबुशेन – 18 गेंद, 8 रन
टॉप ऑर्डर फिर नाकाम।
ट्रेविस हेड अकेले लड़े
ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी पारी में एकमात्र चमकते नाम रहे ट्रेविस हेड।
- 67 गेंद
- 46 रन
- 4 चौके
हेड ने अकेले ही ऑस्ट्रेलिया को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ टिक नहीं सके।
दो दिन में खत्म हुआ दूसरा टेस्ट
इस एशेज सीरीज़ में यह दूसरा टेस्ट था, जो सिर्फ दो दिन में खत्म हो गया।
- पहला टेस्ट – पर्थ (ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीता)
- चौथा टेस्ट – मेलबर्न (इंग्लैंड ने 4 विकेट से जीता)
यह अपने-आप में बताता है कि इस सीरीज़ की पिचें और हालात कितने चरम पर रहे हैं।
सीरीज़ स्टेटस: ऑस्ट्रेलिया अब भी मजबूत
इस जीत के बावजूद हकीकत यही है:
- ऑस्ट्रेलिया – 3 जीत
- इंग्लैंड – 1 जीत
ऑस्ट्रेलिया पहले ही सीरीज़ अपने नाम कर चुका है, लेकिन इंग्लैंड ने यह दिखा दिया कि वे पूरी तरह ढहे नहीं हैं।
इंग्लैंड के लिए जीत क्यों अहम है?
यह जीत इसलिए मायने रखती है क्योंकि:
- लगातार तीन हार के बाद आई
- चोटों और आलोचनाओं के बीच मिली
- ड्रेसिंग रूम के मनोबल के लिए जरूरी थी
एशेज भले हाथ से निकल चुकी हो, लेकिन इंग्लैंड ने यह साफ कर दिया कि वे हर टेस्ट को यूं ही नहीं छोड़ेंगे।
देर से सही, लेकिन खाता खुला
मेलबर्न टेस्ट में इंग्लैंड की जीत एशेज की कहानी नहीं बदलती, लेकिन उसका स्वर जरूर बदल देती है। यह जीत बताती है कि जब हालात बराबर हों, तो इंग्लैंड अब भी मुकाबला कर सकता है।
ऑस्ट्रेलिया अब भी आगे है। ट्रॉफी उनकी है।
लेकिन मेलबर्न में इंग्लैंड ने यह कह दिया—
“हम आए हैं, खाली हाथ नहीं लौटेंगे।”
अब देखना दिलचस्प होगा कि सीरीज़ के आखिरी टेस्ट में यह जीत सिर्फ एक अपवाद बनती है, या इंग्लैंड इसे किसी लय की शुरुआत बना पाता है।















