Ashes 2025-26 – क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड शोर मचाकर आते हैं, और कुछ बिल्कुल खामोशी से इतिहास में दर्ज हो जाते हैं। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया एशेज 2025–26 का चौथा टेस्ट ठीक उसी दूसरी किस्म का रिकॉर्ड बनाकर खत्म हुआ।
500 से ज्यादा रन बने, दो दिन में मैच निपट गया, 36 विकेट गिरे—लेकिन एक भी अर्धशतक नहीं। न शतक, न फिफ्टी। बस गेंदबाज़ों का राज और बल्लेबाज़ों की जद्दोजहद।
बॉक्सिंग डे टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराया, लेकिन स्कोरकार्ड से ज़्यादा चर्चा उस अजीब आंकड़े की है, जिसने 138 साल पुराने इतिहास को दोबारा ज़िंदा कर दिया।
500+ रन, लेकिन फिफ्टी भी नहीं—कैसे?
मेलबर्न टेस्ट में दोनों टीमों को मिलाकर कुल 572 रन बने। आम तौर पर इतना स्कोर मतलब कम से कम एक-दो शतक, या कई अर्धशतक। लेकिन इस मैच में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
- ऑस्ट्रेलिया का टॉप स्कोर – ट्रैविस हेड (46 रन)
- इंग्लैंड का टॉप स्कोर – हैरी ब्रूक (41 रन)
यही इस मैच की सबसे बड़ी कहानी है। हर बल्लेबाज़ आया, लड़ा, कुछ देर टिका—और फिर आउट।
138 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में ऐसा टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया में यह 138 साल बाद पहली बार हुआ, जब किसी टेस्ट मैच में:
- 500 से ज्यादा रन बने
- लेकिन एक भी अर्धशतक नहीं लगा
इससे पहले ऐसा सिर्फ 1887 के सिडनी टेस्ट में हुआ था, जहां कुल 539 रन बने थे। तब भी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने थे।
मतलब एशेज को इतिहास दोहराना आता है—बस अंदाज़ बदल जाता है।
100 साल बाद एशेज में दोहराया गया संयोग
और दिलचस्प बात यह है कि 100 साल से ज्यादा समय बाद किसी एशेज टेस्ट में यह अजीब संयोग देखने को मिला है। आधुनिक क्रिकेट, बेहतर बैट्स, फ्लैट पिचों के दौर में ऐसा होना अपने आप में हैरान करने वाला है।
इसका सीधा जवाब है—पिच और हालात।
मेलबर्न की पिच: पूरी तरह तेज़ गेंदबाज़ों के नाम
एमसीजी की पिच पर सीम, स्विंग और बाउंस—तीनों मौजूद थे। नतीजा?
- मैच सिर्फ 2 दिन चला
- कुल 36 विकेट गिरे
- बल्लेबाज़ों के लिए कोई राहत नहीं
यह टेस्ट तकनीक का नहीं, सर्वाइवल का इम्तिहान बन गया था।
बिना अर्धशतक के सबसे ज़्यादा रन वाले टेस्ट: टॉप 5
इतिहास में यह पहला मौका नहीं है, जब बिना फिफ्टी के इतने रन बने हों। लेकिन यह लिस्ट बहुत छोटी और खास है।
| रैंक | मैच | साल | कुल रन |
|---|---|---|---|
| 1 | इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया, एजबेस्टन | 1981 | 787 |
| 2 | भारत vs दक्षिण अफ्रीका, नागपुर | 2015 | 652 |
| 3 | ऑस्ट्रेलिया vs इंग्लैंड, मेलबर्न | 2025 | 572 |
| 4 | ऑस्ट्रेलिया vs इंग्लैंड, सिडनी | 1887 | 539 |
| 5 | वेस्टइंडीज vs ऑस्ट्रेलिया | 2025 | 516 |
मेलबर्न टेस्ट इस सूची में तीसरे नंबर पर पहुंच गया—और वह भी एशेज जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले में।
आधुनिक क्रिकेट में क्यों है यह रिकॉर्ड खास?
आज के दौर में:
- छोटे बाउंड्री
- बेहतर बैटिंग तकनीक
- फ्लैट पिचों की भरमार
इन सबके बावजूद बिना अर्धशतक के 500+ रन बनना यह दिखाता है कि जब हालात चरम पर हों, तो क्रिकेट आज भी गेंदबाज़ों का खेल बन सकता है।
इंग्लैंड की जीत, लेकिन बल्लेबाज़ों की हार
इंग्लैंड ने मैच जरूर जीता, लेकिन अगर ईमानदारी से देखें तो यह टेस्ट बल्लेबाज़ों के लिए हार जैसा था। किसी ने भी पारी को बड़ा नहीं खींचा, किसी ने मैच पर अकेले कब्ज़ा नहीं किया।
यह टेस्ट “हीरो इनिंग” का नहीं, बल्कि डिसिप्लिन और दबाव झेलने का था।
एक ऐसा टेस्ट, जो आंकड़ों से याद रखा जाएगा
मेलबर्न का यह टेस्ट शायद भविष्य में अपनी जीत-हार से ज़्यादा इस वजह से याद रखा जाएगा कि:
- 500+ रन बने
- कोई अर्धशतक नहीं
- 138 साल बाद इतिहास दोहराया गया
यह वही टेस्ट है, जो बताता है कि क्रिकेट सिर्फ बड़े स्कोर का खेल नहीं—कभी-कभी अजीब आंकड़े ही सबसे बड़ी कहानी बन जाते हैं।















