Test : पिंक-बॉल टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की चमक – चार साझेदारियों से बना इतिहास

Atul Kumar
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Test – ब्रिस्बेन की गुलाबी रोशनी में दूसरा ऐशेज टेस्ट अब उस मोड़ पर आ चुका है जहाँ बल्लेबाज़ी की तकनीक, धैर्य और साझेदारियों की कला—तीनों एक साथ कहानी का रुख बदल रही हैं।

इंग्लैंड की पहली पारी 334 रन पर समाप्त हुई, जहाँ जो रूट 138* की क्लासिक पारियों में से एक खेलकर ड्रेसिंग रूम लौटे। पर असली जवाब ऑस्ट्रेलिया ने दिया—और ऐसा जवाब जो इतिहास की बुकलेट पलटकर फिर से लिखने जैसा था।

दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने जो किया, वह केवल स्कोरबोर्ड पर बढ़त नहीं—बल्कि रिकॉर्ड बुक में निशान छोड़ने वाली बल्लेबाज़ी थी। एक पारी में पहले चार विकेट के बीच लगातार चार अर्धशतकीय साझेदारियाँ, जो 2015 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने कीं। और एशेज में यह उपलब्धि आखिरी बार 2006, इसी गाबा मैदान पर हुई थी।

यह एक दुर्लभ दृश्य था—हर विकेट के बीच साझेदारी, हर जोड़ी के बीच तालमेल, और हर इंग्लिश गेंदबाज़ के चेहरे पर बढ़ती थकान।

इंग्लैंड की पहली पारी—रूट की क्लास चमकी, सपोर्ट अधूरा

इंग्लैंड ने सुबह पारी 325/9 से आगे बढ़ाई थी। ज्यादा देर नहीं लगी—ब्रेंडन डॉगेट ने आखिरी विकेट ले लिया।
लेकिन कहानी का केंद्रीय चेहरा रूट रहे—एक ऐसी पारी जिसे समय, हालात और पिंक बॉल की हल्की चमक भी रोक नहीं सकी।

रूट की 138* रन की पारी इंग्लैंड को संभालकर रखती है, पर टेस्ट मैचों में यह भी सच है कि एक अकेला योद्धा दिन नहीं जीत सकता—पूरी सेना की ज़रूरत पड़ती है।

ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत—हेड और वेदराल्ड की साझेदारी ने माहौल बदल दिया

ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड मैदान पर उतरे तो इंग्लिश गेंदबाज़ों ने शायद सोचा होगा कि नई गेंद पिंक लाइट में हरकत करेगी।
लेकिन वेदराल्ड की बल्लेबाज़ी? ताजगी, आत्मविश्वास और स्ट्रोकप्ले की एक बंदरगाह जैसी—12 चौके और एक छक्का।
उनके 72 रन इंग्लैंड को पीछे ढकेलने वाले पहले बड़े झटके थे।

दोनों ने पहले विकेट के लिए 77 रन जोड़े—और वहीं से मैच का सुर बदल गया।

रिकॉर्ड साझेदारियाँ—चार विकेट, चार फिफ्टी पार्टनरशिप

यह कैसे खास है?

  • ऑस्ट्रेलिया ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा किया था
  • एशेज में यह उपलब्धि 2006 के बाद पहली बार
  • पिंक बॉल टेस्ट में इतनी लगातार साझेदारियाँ बेहद दुर्लभ दृश्य

चार साझेदारियों का क्रम

विकेटबल्लेबाज़गेंदेंरनविवरण
1हेड – वेदराल्ड77शुरुआत मजबूत
2हेड – लाबुशेन76 गेंद69 रनटेंपो बढ़ा
3लाबुशेन – स्मिथ68 गेंद50 रनस्थिरता
4स्मिथ – कैमरन ग्रीन114 गेंद95 रनमैच का संतुलन बदला

यह सिर्फ साझेदारी नहीं थी—यह इंग्लैंड की गेंदबाज़ी को तोड़ने की ऑस्ट्रेलियाई रणनीति थी। हर विकेट पर नए बल्लेबाज़ बिना घबराए सेंटर में आए और गति बनाए रखी।

मार्नस लाबुशेन—पिंक बॉल के ‘स्पेशलिस्ट’ फिर सक्रिय

कल ही उन्होंने डे-नाइट टेस्ट में 1000 रन पूरे कर इतिहास रचा था।
आज 65 रन (78 गेंद) और यह पारी वैसे ही लगी जैसे अमावस्या में एक मोमबत्ती—शांत, निरंतर और भरोसेमंद।

9 चौकों के साथ खेली यह इनिंग इंग्लैंड पर दबाव बढ़ाने का असली कारण बनी।

कैमरन ग्रीन—साइलेंट किलर वाली पारी

ग्रीन (45 रन, 57 गेंद) ने जब तक क्रीज पर थे, इंग्लैंड की लय बिगाड़े रखी।
उनकी पारी में एक बात खास थी—हर गेंद पर नियंत्रण।
कुलदीप होने पर भी वे सहज दिखे, तेज गेंदों पर भी धैर्य से खेलते रहे।

इंग्लैंड की गेंदबाज़ी—कार्स चमके, बाकी फीके

ब्रायडन कार्स इंग्लैंड के सबसे तेज़ और कल्पनाशील गेंदबाज़ दिखे।
उनके तीन विकेट उन स्थितियों में आए जहाँ बाकी गेंदबाज़ दाएं-बाएं खोजते दिखे।

इंग्लैंड का बॉलिंग कार्ड

गेंदबाज़विकेटखास बात
ब्रायडन कार्स3लेंथ और शॉर्ट-ऑफ-अ-लेंथ पर कमाल
आर्चर1गति तो मिली, निरंतरता नहीं
स्टोक्स1नियंत्रण, लेकिन असर सीमित
बाकी0पिंक बॉल से कोई खास फायदा नहीं लिया

मैच की स्थिति—ऑस्ट्रेलिया बढ़त में, इंग्लैंड बैकफुट पर

डिनर ब्रेक के बाद खबर लिखे जाने तक ऑस्ट्रेलिया 5 विकेट पर इंग्लैंड से आगे निकल चुका था और पहली पारी में लीड हासिल कर ली थी।
यह बढ़त पिंक बॉल के साथ बाद के सत्रों में बेहद कीमती मानी जाएगी।

ऑस्ट्रेलिया का बेस्ट स्कोरर्स

खिलाड़ीरनस्ट्राइक रेट
जेक वेदराल्ड7275+
लाबुशेन6583+
ग्रीन45स्थिर

इन तीनों की वजह से इंग्लैंड का संतुलन हिल गया।

इंग्लैंड की मुश्किलें—कहाँ फँस रही है टीम?

  1. नई गेंद का असर गायब
  2. पिंक-बॉल पर स्विंग की कमी
  3. रूट के अलावा बल्लेबाज़ी ठोस नहीं
  4. स्मिथ-लाबुशेन-हेड जैसी जोड़ी पर कोई खास दबाव नहीं बना सके
  5. तीसरे सत्र में थकान साफ दिखी

अगर इंग्लैंड जल्दी विकेट नहीं निकालता, तो मैच बहुत जल्दी असंतुलित हो सकता है।

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