Ashes – इतना लंबा इंतज़ार, इतना सन्नाटा, और फिर मेलबर्न की उसी ऐतिहासिक ज़मीन पर इंग्लैंड की जीत। एशेज 2025–26 के चौथे टेस्ट में जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराया, तो यह सिर्फ एक मैच नहीं जीता गया—यह लगभग 15 साल का सूखा खत्म हुआ।
बॉक्सिंग डे टेस्ट के दूसरे दिन 175 रन का पीछा करते हुए बेन स्टोक्स की टीम ने 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया। स्कोरबोर्ड पर भले यह एक साधारण चेज़ लगे, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी बेहद भावुक, थकाऊ और ऐतिहासिक थी।
और शायद इसी वजह से, कमेंट्री बॉक्स में बैठे स्टुअर्ट ब्रॉड की आंखें नम थीं।
15 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई ज़मीन पर जीत
इंग्लैंड की पिछली टेस्ट जीत ऑस्ट्रेलिया में 2010–11 की एशेज सीरीज़ में आई थी। उसके बाद:
- 16 हार
- 2 ड्रॉ
- और अनगिनत “इस बार भी नहीं” वाले पल
मेलबर्न में मिली यह जीत उन सभी यादों पर मरहम जैसी थी। खिलाड़ियों के लिए भी, और उन फैंस के लिए भी जिन्होंने सालों तक ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर हार देखी।
स्टुअर्ट ब्रॉड: कमेंट्री बॉक्स में भावनाओं का सैलाब
जैसे ही इंग्लैंड ने जीत की औपचारिकता पूरी की, कैमरे कमेंट्री बॉक्स की ओर घूमे। वहां बैठे थे इंग्लैंड के दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ स्टुअर्ट ब्रॉड—आंखों में नमी, चेहरे पर मुस्कान, और आवाज़ में भारीपन।
साथी कमेंट्रेटर ने उन्हें पीठ थपथपाई। ब्रॉड कुछ पल चुप रहे, फिर माइक उठाया।
“16 दर्दनाक हारें, 2 ड्रॉ… और अब यह जीत। देखिए इस टेस्ट मैच को जीतने का क्या मतलब है। फैंस की खुशी देखिए। पूरी दुनिया देख रही है।”
ब्रॉड यहीं नहीं रुके।
“थैंक यू बेन स्टोक्स, थैंक यू जो रूट। ये खिलाड़ी इस जीत को डिज़र्व करते हैं। बेन स्टोक्स इस पूरी सीरीज़ के वॉरियर रहे हैं।”
यह सिर्फ शब्द नहीं थे—यह एक ऐसे खिलाड़ी की आवाज़ थी, जिसने ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड के संघर्ष को करीब से जिया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ब्रॉड का पल
ब्रॉड का यह इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। फैंस ने लिखा:
- “यह जीत खिलाड़ियों से ज़्यादा फैंस के लिए है”
- “ब्रॉड की आंखों में पूरा इतिहास दिख गया”
- “15 साल का दर्द एक पल में उतर आया”
क्रिकेट कई बार सिर्फ खेल नहीं रहता—यह पीढ़ियों की यादें बन जाता है।
मैच का पूरा हाल: गेंदबाज़ों का राज
अगर मैच की बात करें, तो यह टेस्ट पूरी तरह गेंदबाज़ों के नाम रहा। शुक्रवार को शुरू हुआ मुकाबला शनिवार को ही खत्म हो गया।
पहली पारी: इंग्लैंड की शानदार गेंदबाज़ी
टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले गेंदबाज़ी चुनी और फैसला सही साबित हुआ।
- ऑस्ट्रेलिया – 152 रन
- पिच पर सीम और बाउंस
- बल्लेबाज़ों के लिए कोई राहत नहीं
इंग्लैंड की पहली पारी: पलटवार में ऑस्ट्रेलिया सफल
जवाब में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों ने और ज़्यादा तीखा हमला किया।
- माइकल नेसर
- स्कॉट बोलैंड
इन दोनों की खतरनाक गेंदबाज़ी के सामने इंग्लैंड की पारी 110 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त मिल गई।
दूसरी पारी: फिर लड़खड़ाया ऑस्ट्रेलिया
दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ टिक नहीं सके।
- कुल स्कोर – 132 रन
- कोई बड़ी साझेदारी नहीं
- इंग्लैंड के गेंदबाज़ लगातार दबाव में
इस बढ़त को जोड़कर ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 175 रन का लक्ष्य दिया।
175 रन का पीछा: धैर्य और हिम्मत की परीक्षा
मेलबर्न की पिच अब भी आसान नहीं थी। विकेट गिरते रहे, लेकिन इंग्लैंड ने घबराहट नहीं दिखाई।
- लक्ष्य हासिल – 6 विकेट खोकर
- कप्तान स्टोक्स का शांत नेतृत्व
- मिडिल ऑर्डर की सूझबूझ
जैसे ही विजयी रन बना, इंग्लैंड की बालकनी में जश्न शुरू हो गया—और कमेंट्री बॉक्स में भावनाएं।
यह जीत क्यों खास है?
क्योंकि:
- 15 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीत
- एशेज सीरीज़ पहले ही गंवाने के बाद मिली
- आलोचनाओं और चोटों के बीच आई
- टीम के आत्मविश्वास को दोबारा जिंदा किया
यह जीत एशेज की ट्रॉफी नहीं बदलती, लेकिन इंग्लैंड क्रिकेट की कहानी में एक अहम अध्याय जोड़ देती है।
जीत से ज़्यादा, एहसास की कहानी
मेलबर्न टेस्ट इंग्लैंड के लिए सिर्फ एक स्कोरलाइन नहीं था। यह याद दिलाने वाला पल था कि इतिहास चाहे कितना भी भारी क्यों न हो, उसे बदला जा सकता है।
स्टुअर्ट ब्रॉड की आंखों में जो नमी थी, वह उसी एहसास की गवाही थी।
15 साल लगे, लेकिन इंग्लैंड ने आखिरकार कह ही दिया—
ऑस्ट्रेलिया में हम अब भी जीत सकते हैं।















