Ashes – एडिलेड ओवल की पिच पर जैसे-जैसे धूप चढ़ी, वैसे-वैसे एशेज पर ऑस्ट्रेलिया की पकड़ और कसती चली गई। स्कोरबोर्ड भले बताए कि इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर ने पांच विकेट झटके, लेकिन मैच की कहानी कुछ और कह रही है। यह कहानी है ऑस्ट्रेलिया के कंट्रोल की, धैर्य की और सही वक्त पर वार करने की।
तीसरे एशेज टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चल रहे तीसरे एशेज टेस्ट में मेजबान टीम ने शुरुआती झटकों के बावजूद पहली पारी में 371 रन ठोक दिए।
यह वही ऑस्ट्रेलिया है, जिसने पहले दो टेस्ट में इंग्लैंड को रणनीति और मानसिक दबाव—दोनों में पछाड़ा था।
इस मैच में भी ट्रेंड नहीं बदला।
टॉस जीतकर बल्लेबाजी, फिर वापसी की कहानी
कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी।
शुरुआत जरूर लड़खड़ाई, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने पैनिक बटन नहीं दबाया।
यहीं से कहानी बदली।
एलेक्स कैरी—संकट में कप्तानी वाली पारी
जब विकेट गिर रहे थे, तब एलेक्स कैरी ने जिम्मेदारी उठाई।
– रन: 106
– कंट्रोल + अटैक का बैलेंस
– इंग्लिश गेंदबाजों की लाइन-लेंथ पर सीधा हमला
कैरी की यह पारी सिर्फ शतक नहीं थी, यह मोमेंटम शिफ्ट थी।
ख्वाजा ने भरी स्मिथ की कमी
मैच से ठीक पहले स्टीव स्मिथ अनफिट पाए गए।
उनकी जगह प्लेइंग इलेवन में आए उस्मान ख्वाजा—और उन्होंने मौका दोनों हाथों से लपक लिया।
– रन: 82
– गेंदों की समझ
– स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ धैर्य
ख्वाजा ने दिखा दिया कि ऑस्ट्रेलिया की बेंच स्ट्रेंथ सिर्फ नाम की नहीं है।
स्टार्क और इंग्लिस का बोनस रन पैकेज
इंग्लैंड की टीम तब और बैकफुट पर चली गई, जब निचले क्रम ने भी रन जोड़ दिए।
– मिचेल स्टार्क: 54 रन
– जोश इंग्लिस: 32 रन
इन रनों ने 300 को 370 में बदला—और टेस्ट क्रिकेट में यही फर्क मैच जिताता है।
आर्चर की धार, लेकिन अकेली कोशिश
इंग्लैंड के लिए दूसरे दिन की सुबह जोफ्रा आर्चर ने जबरदस्त स्पेल डाला।
इंग्लैंड के गेंदबाजों का प्रदर्शन
| गेंदबाज | विकेट |
|---|---|
| जोफ्रा आर्चर | 5 |
| ब्रायडन कार्स | 2 |
| विल जैक्स | 2 |
आर्चर की रफ्तार और बाउंस ने ऑस्ट्रेलिया को परेशान किया, लेकिन सपोर्ट उतना नहीं मिला कि टीम को 300 के भीतर रोका जा सके।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी—फिर वही कहानी
371 रन के जवाब में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी शुरू की, लेकिन कहानी जानी-पहचानी रही।
– पहला विकेट: 37 रन
– अगले 5 रनों में 2 और विकेट
यानी टॉप ऑर्डर फिर दबाव में बिखरता नजर आया।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की आक्रामक लाइन ने इंग्लैंड को सांस लेने का मौका ही नहीं दिया।
सीरीज पर मंडराता 3-0 का खतरा
इंग्लैंड यह सीरीज पहले ही 0-2 से पीछे चल रहा है।
अगर एडिलेड टेस्ट भी हाथ से गया, तो:
– सीरीज: 3-0 से खत्म
– बाकी 2 टेस्ट: सिर्फ स्कोरलाइन के लिए
– एशेज ट्रॉफी: ऑस्ट्रेलिया के पास बरकरार
यानी इंग्लैंड के लिए अब हर सेशन डू-ऑर-डाई है।
क्या इंग्लैंड कर सकता है वापसी?
टेस्ट क्रिकेट ने हमें चमत्कार दिखाए हैं, लेकिन इसके लिए चाहिए:
– लंबी साझेदारियां
– टॉप ऑर्डर का रिस्पॉन्स
– गेंदबाजों से फिर एक बड़ा स्पेल
फिलहाल इन तीनों में से कोई भी चीज़ इंग्लैंड के पक्ष में जाती नहीं दिख रही।
ऑस्ट्रेलिया क्यों बार-बार आगे निकल जाता है?
क्योंकि यह टीम जानती है:
– कब रुकना है
– कब हमला करना है
– और कब विपक्ष का हौसला तोड़ना है
एडिलेड में भी वही स्क्रिप्ट चल रही है।















