Asia Cup 2025 – एशिया कप 2025 इस बार कुछ खास होने वाला है। वजह साफ है—भारत की टीम में कई नए चेहरे हैं, और कप्तानी की कमान मिली है सूर्यकुमार यादव को। उनके साथ उप-कप्तान शुभमन गिल, पावर हिटर अभिषेक शर्मा, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और भरोसेमंद जसप्रीत बुमराह जैसे नाम हैं।
भारत को ग्रुप A में पाकिस्तान, ओमान और मेज़बान यूएई के साथ रखा गया है, और पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ होगा। ये वो ग्रुप है, जिसमें हर मैच हाई-इंटेंसिटी वाला होने वाला है।
सहवाग की भविष्यवाणी: तीन गेम-चेंजर
वीरेंद्र सहवाग, जो हमेशा बेबाक राय रखते हैं, ने साफ कहा है कि इस टूर्नामेंट में भारत के लिए तीन खिलाड़ी अकेले मैच का पासा पलट सकते हैं। पहला नाम—जसप्रीत बुमराह। उनके बारे में तो कहना ही क्या, T20 में डेथ ओवर्स का बादशाह माने जाते हैं। दूसरा नाम है युवा अभिषेक शर्मा का, जिन्होंने हाल के घरेलू और IPL सीज़न में तूफानी बल्लेबाज़ी से ध्यान खींचा।
तीसरा नाम है वरुण चक्रवर्ती का, जिनकी ‘मिस्ट्री स्पिन’ बल्लेबाज़ों की नींद उड़ा सकती है। सहवाग ने कहा कि ये तीनों खिलाड़ी मैच का नतीजा बदलने की क्षमता रखते हैं।
सहवाग द्वारा बताए गेम-चेंजर | भूमिका | क्यों खास हैं |
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जसप्रीत बुमराह | तेज गेंदबाज | डेथ ओवर में सबसे घातक |
अभिषेक शर्मा | ओपनर/ऑलराउंडर | पावर हिटिंग और फ्लेक्सिबल बैटिंग |
वरुण चक्रवर्ती | स्पिनर | रहस्यमयी गेंदबाज़ी, पढ़ना मुश्किल |
वर्कलोड मैनेजमेंट पर चर्चा
क्रिकेट में वर्कलोड मैनेजमेंट अब बड़ी बहस बन चुका है। इंग्लैंड-भारत टेस्ट सीरीज़ के बाद यह मुद्दा और ज़्यादा गरमाया, जब बुमराह को सिर्फ तीन मैच खिलाया गया जबकि मोहम्मद सिराज ने पांचों खेले। इस पर सहवाग का कहना था कि बल्लेबाज़ों के लिए वर्कलोड कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन गेंदबाज़ों, खासकर तेज़ गेंदबाज़ों के लिए यह बेहद ज़रूरी है।
भारत का शेड्यूल इतना व्यस्त है कि अगर बुमराह और सिराज जैसे तेज गेंदबाज़ों को आराम न मिले, तो चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है। और फिर बड़े टूर्नामेंट—जैसे वर्ल्ड कप या एशिया कप—में यही खिलाड़ी टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार होते हैं।
भारतीय टीम की संभावनाएं
अगर स्क्वॉड को देखा जाए, तो भारत के पास बैटिंग में गहराई और गेंदबाज़ी में बैलेंस दोनों हैं। शुभमन गिल की क्लासिक बल्लेबाज़ी, सूर्यकुमार यादव का 360° गेम, और हार्दिक पांड्या की ऑलराउंड क्षमता टीम को एक मजबूत कंटेंडर बनाती है।
हां, पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला हमेशा दबाव भरा होता है, लेकिन सहवाग जैसे दिग्गज भी मानते हैं कि अगर भारत अपने स्पेशलिस्ट गेंदबाज़ों को फिट रखता है, तो खिताब जीतने का प्रबल दावेदार है।