Virat Kohli – पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों एक नई बहस में घिरा है—और यह शुरू हुई है विकेटकीपर-बल्लेबाज आजम खान के बयान से। क्रिकेट पॉडकास्ट क्रिकविक पर बातचीत के दौरान आजम ने खुलकर कहा कि बाबर आजम को वैसा माहौल और साथ नहीं मिला, जैसा भारत में विराट कोहली को अपने करियर के शुरुआती दौर में मिला था।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि “कोहली को सचिन, द्रविड़ और धोनी जैसे दिग्गजों के साथ खेलने का मौका मिला, लेकिन बाबर के समय में कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं था।”
“बाबर के समय कोई दिग्गज नहीं, कोहली भाग्यशाली थे” – आजम खान
27 वर्षीय आजम खान, जो पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोईन खान के बेटे हैं, ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से फास्ट बॉलिंग के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन बाबर ने टीम को बल्लेबाजी के लिए मशहूर बना दिया।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की पहचान हमेशा तेज गेंदबाजों से रही, मगर बाबर आजम ने अपनी बल्लेबाजी से इसे बदल दिया—जैसे विराट कोहली ने भारत के लिए किया।”
आजम ने आगे कहा,
“विराट को जब इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका मिला (2008 में), उनके आसपास सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग और एमएस धोनी जैसे बड़े नाम थे। लेकिन बाबर के साथ कौन था? कोई नहीं। वह अकेले अपने दम पर पाकिस्तान की बल्लेबाजी संभाल रहे हैं।”
| तुलना | विराट कोहली | बाबर आजम |
|---|---|---|
| इंटरनेशनल डेब्यू | 2008 | 2015 |
| शुरुआती साथी खिलाड़ी | सचिन, धोनी, द्रविड़, सहवाग | कोई बड़ा नाम नहीं |
| टीम पहचान | संतुलित बल्लेबाजी लाइनअप | मुख्यतः तेज गेंदबाजी |
कोहली की विरासत बनाम बाबर की चुनौती
आजम का मानना है कि विराट कोहली को जहां एक मजबूत टीम संस्कृति और मेंटरशिप मिली, वहीं बाबर को खुद अपना रास्ता बनाना पड़ा।
उन्होंने कहा, “कोहली के पास हमेशा कोई ऐसा खिलाड़ी रहा जो उन्हें बैक करता था। बाबर के साथ ऐसा कोई नहीं। उन्होंने अपनी राह खुद बनाई।”
यह तुलना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक अब इस पर बहस कर रहे हैं कि क्या बाबर वाकई उसी स्तर पर पहुंच सकते हैं, जहां कोहली खड़े हैं।
मोहसिन खान ने भी रखी थी यही राय
आजम खान से पहले पूर्व पाकिस्तानी ओपनर मोहसिन खान भी यही बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा था—
“बाबर एक बुरा बल्लेबाज नहीं है, लेकिन उन्हें सपोर्ट की जरूरत है। विराट कोहली के आसपास चेतेश्वर पुजारा, रहाणे, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे बल्लेबाज थे। ऐसे साथी होने से खिलाड़ी और भी महान बनता है।”
मोहसिन ने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान क्रिकेट में कभी माजिद खान, जावेद मियांदाद, सईद अनवर और इंजमाम-उल-हक जैसे कई स्टार्स साथ खेलते थे।
“लेकिन आज के दौर में बाबर और बाकी खिलाड़ियों के बीच बहुत अंतर है,” उन्होंने कहा।
बाबर आजम की बल्लेबाजी और प्रभाव
बाबर आजम पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बने हैं। चाहे टी20 हो या वनडे, वह लगातार टीम के लिए रन बना रहे हैं।
उनका करियर औसत और स्थिरता उन्हें पाकिस्तान का सर्वश्रेष्ठ आधुनिक बल्लेबाज बनाते हैं।
| प्रारूप | मैच | रन | औसत | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 54 | 4390 | 47.7 | — |
| वनडे | 117 | 5720 | 57.1 | 89.2 |
| टी20I | 107 | 3698 | 41.1 | 128.5 |
आजम खान की टिप्पणी से इतना तो साफ है कि पाकिस्तान के भीतर भी अब यह चर्चा तेज हो गई है—क्या बाबर को बेहतर सपोर्ट सिस्टम मिल रहा है?
विराट कोहली का अनुभव और नेतृत्व
दूसरी ओर, विराट कोहली ने 2008 से अब तक भारतीय क्रिकेट में एक नई पहचान बनाई।
उन्होंने सचिन, धोनी और द्रविड़ जैसे दिग्गजों से सीखा, फिर खुद कप्तान बनकर एक नई टीम संस्कृति बनाई।
हालांकि अब उन्होंने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया है, लेकिन वनडे में वे अब भी भारत के लिए खेल रहे हैं।















