Babar – लाहौर से कराची तक जश्न का शोर तो सुनाई दिया, लेकिन उसके पीछे बेचैनी साफ महसूस की जा सकती थी। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले ही मैच में पाकिस्तान की टीम नीदरलैंड के खिलाफ हार की दहलीज तक पहुंच गई थी।
12 गेंदों में 29 रन—ये वो मोड़ था जहां मैच किसी भी तरफ जा सकता था। 19वें ओवर में बने 24 रन पाकिस्तान के लिए लाइफलाइन साबित हुए, वरना कहानी कुछ और होती।
लेकिन स्कोरकार्ड से ज्यादा चर्चा एक नाम को लेकर रही—बाबर आज़म। 18 गेंदों पर 15 रन। न आक्रामकता, न मैच फिनिश करने की झलक। और यहीं से शुरू हुआ वो तूफान, जिसने पाकिस्तान के ड्रेसिंग रूम तक सवालों की गूंज पहुंचा दी।
हारते-हारते बचा पाकिस्तान, नीदरलैंड ने डराया
नीदरलैंड जैसी टीम के खिलाफ पाकिस्तान का यह हाल होना अपने आप में बड़ा संकेत है। लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय रन रेट हाथ से निकलता दिख रहा था। निचले क्रम ने किसी तरह मैच संभाला, लेकिन टॉप और मिडिल ऑर्डर की सुस्त बल्लेबाज़ी ने टीम मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी।
टी20 वर्ल्ड कप जैसे छोटे फॉर्मेट में ऐसे मुकाबले अक्सर चेतावनी बन जाते हैं। पाकिस्तान जीत गया, लेकिन सवाल यह है—क्या ये जीत वाकई भरोसा दिलाने वाली थी?
बाबर आज़म की पारी और बढ़ती आलोचना
इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा बाबर आज़म की रही। कप्तानी छोड़ने के बाद उनसे उम्मीद थी कि वह आज़ादी से खेलेंगे, लेकिन नंबर 4 पर आई उनकी पारी ने उल्टा असर डाला। 18 गेंदों में 15 रन, वो भी तब जब रन रेट 10 के पार जा चुका था।
यही वजह है कि पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी खुलकर सामने आए। आलोचना सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि टीवी स्टूडियो से लेकर क्रिकेट शो तक बाबर के टी20 भविष्य पर सवाल उठने लगे।
बासित अली का बड़ा बयान: “अगला मैच न खेलें बाबर”
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने ‘गेम प्लान’ शो में वो कह दिया, जो शायद बहुत लोग सोच रहे थे। उन्होंने साफ कहा कि बाबर आज़म अगले मैच में प्लेइंग इलेवन से बाहर भी हो सकते हैं।
बासित के मुताबिक, कोच माइक हेसन के चेहरे पर मैच के दौरान जो नाराज़गी दिखी, वह बहुत कुछ कहती है। उन्होंने कहा कि नंबर 4 पर बाबर को जबरदस्ती फिट किया जा रहा है, जबकि वह खुद भी जानते हैं कि यह उनकी नैचुरल पोज़िशन नहीं है।
उनके शब्दों में तल्खी साफ थी—“अगर आप बाबर को टेस्ट या वनडे का सुपरस्टार कहें तो बात समझ आती है, लेकिन टी20 में? यहां वह सुपरस्टार नहीं हैं।”
टी20 में बाबर से बेहतर विकल्प मौजूद हैं
बासित अली यहीं नहीं रुके। उन्होंने सीधे-सीधे मौजूदा टीम के कई खिलाड़ियों को बाबर से बेहतर टी20 क्रिकेटर बता दिया। शादाब खान, उस्मान खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ—यह लिस्ट लंबी थी।
उन्होंने साहिबज़ादा फरहान, सैम अयूब और यहां तक कि सलमान अली आगा का नाम भी लिया, यह कहते हुए कि नंबर 3 या 4 पर ये खिलाड़ी बाबर से ज्यादा असरदार हो सकते हैं।
बासित ने बिग बैश लीग का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे स्टीव स्मिथ ने बाबर को सिंगल तक नहीं लेने दिया था। उनके मुताबिक, टी20 में बाबर का गेम आसानी से पढ़ा जा सकता है।
कामरान अकमल का सवाल: सिस्टम कहां है?
इस चर्चा में कामरान अकमल ने भी आग में घी डाल दिया। उन्होंने कहा कि बाबर को नंबर 4 पर जबरदस्ती खिलाना इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान क्रिकेट के पास कोई ठोस सिस्टम नहीं है।
कामरान ने सवाल उठाया कि नीदरलैंड जैसी टीम के खिलाफ भी पाकिस्तान को आखिरी ओवरों तक क्यों जाना पड़ता है। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को सही रोल में मदद करने की बजाय उन्हें एडजस्ट करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
बासित अली का एक सवाल तो फैंस के दिल में सीधा चुभ गया—“क्या बाबर आज़म ने कभी 10 रन प्रति ओवर की दर से बल्लेबाज़ी करके कोई टी20 मैच जिताया है?”
कोच माइक हेसन और चयन पर दबाव
मैच के बाद भले ही आधिकारिक बयान संतुलित रहे हों, लेकिन अंदरखाने दबाव साफ महसूस किया जा सकता है। कोच माइक हेसन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है—क्या बाबर आज़म को टी20 टीम में उसी रोल में रखा जाए, या फिर बड़ा फैसला लिया जाए?
टी20 वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में भावनाओं से ज्यादा परफॉर्मेंस मायने रखती है। और अगर पाकिस्तान को आगे जाना है, तो हर मैच फाइनल जैसा ही खेलना होगा।
आगे का रास्ता: बाबर या बैलेंस?
पाकिस्तान का अगला मुकाबला अपेक्षाकृत मजबूत टीम के खिलाफ है। ऐसे में सवाल यही है—क्या मैनेजमेंट साहस दिखाएगा? या फिर बाबर आज़म को एक और मौका मिलेगा?
टी20 क्रिकेट में नाम नहीं, मोमेंटम चलता है। और इस वक्त बाबर आज़म उसी कसौटी पर खड़े हैं।















