India – भारत आने को लेकर सुरक्षा का सवाल बांग्लादेश के लिए एक बार फिर चर्चा में है—लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग है।
एक तरफ जहां बांग्लादेश सरकार ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी तरफ उसी सरकार ने एशियाई राइफल और पिस्टल चैंपियनशिप के लिए अपने निशानेबाजों को भारत यात्रा की औपचारिक मंजूरी दे दी है।
यानी खेल वही, देश वही—लेकिन फैसला बिल्कुल अलग।
क्रिकेट नहीं, शूटिंग को हरी झंडी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच भारत और श्रीलंका के अलग-अलग शहरों में होना है।
सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बांग्लादेश पहले ही साफ कर चुका है कि उसकी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम भारत नहीं आएगी।
लेकिन अब जो खबर सामने आई है, उसने बहस को नया मोड़ दे दिया है।
एशियाई राइफल और पिस्टल चैंपियनशिप, जो
2 से 14 फरवरी तक
दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह निशानेबाजी परिसर में आयोजित होगी—
उसके लिए बांग्लादेश ने अपने खिलाड़ियों को भारत भेजने की मंजूरी दे दी है।
17 देशों की मेजबानी, 300 से ज्यादा निशानेबाज
यह सिर्फ एक छोटी प्रतियोगिता नहीं है।
इस चैंपियनशिप में:
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| भाग लेने वाले देश | 17 |
| कुल निशानेबाज | 300+ |
| आयोजन स्थल | डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, दिल्ली |
| तारीख | 2–14 फरवरी |
बांग्लादेश इस प्रतियोगिता में दो राइफल निशानेबाजों को भेजेगा, जो तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे।
कौन होंगे बांग्लादेश के प्रतिनिधि?
बांग्लादेश की ओर से जिन दो खिलाड़ियों को मंजूरी मिली है, वे हैं:
| खिलाड़ी | उम्र | स्पर्धा |
|---|---|---|
| अरेफिन शायरा | 21 | 10 मीटर एयर राइफल (महिला) |
| मोहम्मद रोबिउल इस्लाम | 26 | 10 मीटर एयर राइफल (पुरुष, ओलंपियन) |
दोनों:
- व्यक्तिगत स्पर्धा में उतरेंगे
- इसके बाद मिक्स्ड टीम इवेंट भी खेलेंगे
यानी बांग्लादेश की मौजूदगी सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, पूरी तैयारी के साथ होगी।
अटकलें थीं, लेकिन NRAI ने साफ कर दिया
जैसे ही बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप से हटने की खबर आई, यह सवाल उठने लगा था—
क्या शूटिंग टीम भी भारत नहीं आएगी?
इस पर भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी।
एनआरएआई के सचिव राजीव भाटिया ने पीटीआई से कहा,
“अब तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि बांग्लादेश की टीम नहीं आ रही है। उनकी टीम आ रही है, इसमें कोई संदेह नहीं है।”
उन्होंने यह भी बताया कि:
- विदेश मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है
- वीज़ा प्रक्रिया भारतीय दूतावास को भेज दी गई है
- बांग्लादेश महासंघ के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है
बांग्लादेश सरकार का तर्क क्या है?
ढाका से प्रकाशित डेली सन की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार ने यह फैसला सुरक्षा जोखिम के आकलन के आधार पर लिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि:
- निशानेबाजी प्रतियोगिता इनडोर और हाई-सिक्योरिटी परिसर में हो रही है
- इसमें किसी तरह का बड़ा सार्वजनिक मूवमेंट नहीं है
- इसलिए इसे “कम जोखिम वाला आयोजन” माना गया
यही वजह है कि युवा और खेल मंत्रालय ने बुधवार को आधिकारिक सरकारी आदेश (GO) जारी कर टीम को भारत जाने की मंजूरी दी।
तो सवाल उठता है—क्रिकेट में जोखिम, शूटिंग में नहीं?
यहीं से कहानी दिलचस्प हो जाती है।
क्रिकेट:
- कई शहर
- खुले स्टेडियम
- बड़े पैमाने पर भीड़
- लंबा टूर्नामेंट
शूटिंग:
- एक ही इनडोर वेन्यू
- नियंत्रित माहौल
- सीमित दर्शक
- छोटा, तकनीकी आयोजन
बांग्लादेश सरकार का साफ मानना है कि दोनों की सुरक्षा प्रोफाइल एक जैसी नहीं है।
खेल, राजनीति और सुरक्षा
यह फैसला बताता है कि अंतरराष्ट्रीय खेल अब सिर्फ खेल नहीं रहे।
वे सुरक्षा, कूटनीति और जोखिम प्रबंधन का हिस्सा बन चुके हैं।
बांग्लादेश का संदेश साफ है:
- क्रिकेट जैसे बड़े इवेंट में जोखिम ज्यादा
- शूटिंग जैसे नियंत्रित इवेंट में जोखिम कम
इससे यह भी साफ होता है कि दोनों देशों के खेल संबंध पूरी तरह टूटे नहीं हैं—बस संदर्भ बदल गया है।















