BCCI – भारतीय क्रिकेट में अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए बीसीसीआई ने एक अहम पहल शुरू की है। बोर्ड ने पूर्व दिग्गज गेंदबाज जहीर खान, हरभजन सिंह और अनिल कुंबले जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के लिए संपर्क किया है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देना है जो भविष्य में टीम इंडिया के लिए खेल सकते हैं या उसके बेहद करीब हैं।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लगेगा खास ट्रेनिंग कैंप
बीसीसीआई ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेष कैंप आयोजित करने की योजना बनाई है, जहां चुनिंदा युवा खिलाड़ियों को दिग्गज क्रिकेटरों से सीधे प्रशिक्षण मिलेगा। इस कैंप के लिए उन खिलाड़ियों की सूची तैयार की गई है जो अंडर-एज क्रिकेट, प्रथम श्रेणी क्रिकेट, इंडिया ए या सीनियर टीम में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।
बीसीसीआई की आधिकारिक जानकारी और कार्यक्रमों से जुड़ी अपडेट बोर्ड की वेबसाइट
कैंप में शामिल होने वाले खिलाड़ी
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| आयु वर्ग खिलाड़ी | अंडर-19 और अन्य जूनियर स्तर के खिलाड़ी |
| प्रथम श्रेणी खिलाड़ी | घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले |
| इंडिया ए खिलाड़ी | राष्ट्रीय टीम के करीब पहुंच चुके खिलाड़ी |
| सीनियर टीम अनुभव | कुछ अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी |
इन खिलाड़ियों को भविष्य में भारतीय टीम का हिस्सा बनने के लिए तैयार किया जाएगा।
जहीर खान ने शुरू किया तेज गेंदबाजों का शिविर
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान युवा पेसरों के लिए आयोजित विशेष शिविर में भाग लेने के लिए पहले ही बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। यह शिविर लगभग पांच दिनों का होगा।
इस कैंप में शामिल युवा तेज गेंदबाज वे हैं जो सीनियर टीम में जगह बनाने के करीब हैं या हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ मैच खेल चुके हैं।
तेज गेंदबाजी शिविर की मुख्य जानकारी
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थान | सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेंगलुरु |
| अवधि | लगभग 5 दिन |
| कोच | जहीर खान |
| खिलाड़ी | उभरते तेज गेंदबाज |
वीवीएस लक्ष्मण की पहल
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने इस पहल की शुरुआत की है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को मजबूत बनाने के लिए अपने पूर्व साथियों से सहयोग मांगा।
सूत्रों के मुताबिक लक्ष्मण ने जहीर खान, हरभजन सिंह और अनिल कुंबले से अनुरोध किया कि वे विशेष प्रशिक्षण शिविरों के जरिए युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दें।
बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि इन दिग्गजों ने भारत के लिए 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं और उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को काफी फायदा मिलेगा।
हरभजन सिंह भी करेंगे स्पिनरों को ट्रेन
पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी जल्द ही स्पिन गेंदबाजों के लिए चार से पांच दिन का विशेष शिविर आयोजित कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक हरभजन अपना कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं और वह उन युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं जिन्होंने अंडर-एज क्रिकेट और इंडिया ए स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।
स्पिन गेंदबाजी शिविर
| कोच | स्पिन प्रकार | संभावित अवधि |
|---|---|---|
| हरभजन सिंह | ऑफ स्पिन | 4–5 दिन |
| अनिल कुंबले | लेग स्पिन / कलाई स्पिन | संभावित शिविर |
भारत के महान स्पिनरों में गिने जाने वाले अनिल कुंबले से भी कलाई के स्पिनरों के लिए एक विशेष कैंप आयोजित करने का अनुरोध किया गया है।
कुंबले टेस्ट और वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, इसलिए उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद मूल्यवान माना जाता है।
आईपीएल से पहले होंगे कैंप
इन विशेष शिविरों को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) शुरू होने से पहले आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
कई युवा खिलाड़ी आईपीएल में अलग-अलग फ्रेंचाइजी से जुड़े हुए हैं, इसलिए बोर्ड चाहता है कि वे आईपीएल से पहले इस प्रशिक्षण का लाभ उठा सकें।
तेज गेंदबाजी कोच पद के लिए आवेदन
इसी बीच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तेज गेंदबाजी विभाग के प्रमुख पद के लिए भी आवेदन प्रक्रिया चल रही है।
इस पद के लिए जिन प्रमुख नामों ने आवेदन किया है उनमें शामिल हैं:
तेज गेंदबाजी कोच पद के उम्मीदवार
| नाम | पूर्व भूमिका |
|---|---|
| वीआरवी सिंह | पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज |
| श्रीनाथ अरविंद | पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज |
ये दोनों कोच पहले भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अलग-अलग आयु वर्ग के शिविरों में काम कर चुके हैं।
बीसीसीआई फिलहाल इंग्लैंड के ट्रॉय कूली की जगह नए प्रमुख की तलाश कर रहा है।
स्पिन विभाग की जिम्मेदारी
फिलहाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पिन गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी पूर्व भारतीय स्पिनर सुनील जोशी संभाल रहे हैं।
उनकी देखरेख में कई युवा स्पिनर तैयार किए जा रहे हैं, जो आने वाले समय में भारत की सीनियर टीम का हिस्सा बन सकते हैं।
भविष्य के लिए बड़ा कदम
भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उसे सही दिशा देना बेहद जरूरी होता है। बीसीसीआई की यह पहल इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें देश के सबसे सफल गेंदबाज सीधे युवा खिलाड़ियों के साथ काम करेंगे।
जहीर खान की तेज गेंदबाजी विशेषज्ञता, हरभजन सिंह का ऑफ स्पिन अनुभव और अनिल कुंबले का स्पिन ज्ञान — ये तीनों मिलकर भारत की अगली पीढ़ी के गेंदबाजों को मजबूत बना सकते हैं।
अगर यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में टीम इंडिया को कई नए मैच-विनर खिलाड़ी मिल सकते हैं।
















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