BCCI – भारतीय क्रिकेट में बदलाव अब चुपचाप नहीं हो रहे। वे सीधे फैसलों में दिख रहे हैं—और 2025–26 सीज़न के लिए जारी हुए बीसीसीआई के नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट इसकी सबसे साफ मिसाल हैं।
रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों का डिमोशन, ए+ कैटेगरी का पूरी तरह हटना और पांच स्थापित नामों का लिस्ट से बाहर होना… यह सब मिलकर एक ही कहानी कहता है—भारतीय क्रिकेट अब पूरी तरह “नेक्स्ट फेज़” में दाखिल हो चुका है।
A+ खत्म, अब सिर्फ उपलब्धता का खेल
इस बार बीसीसीआई ने सबसे बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव करते हुए A+ कैटेगरी को ही हटा दिया है। यह वही कैटेगरी थी, जिसे तीनों फॉर्मेट में नियमित खेलने वाले “ऑल-फॉर्मेट स्टार्स” के लिए बनाया गया था।
लेकिन हालात बदल चुके हैं।
रोहित शर्मा और विराट कोहली—दोनों अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं।
टी20 से 2024 में विदाई।
टेस्ट से 2025 में संन्यास।
ऐसे में बोर्ड ने साफ लाइन खींच दी—एक फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी टॉप टियर में नहीं रहेंगे। नतीजा, दोनों दिग्गज सीधे ग्रेड B में।
ग्रेड A: गिल युग की आधिकारिक शुरुआत
नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेड A में सिर्फ तीन नाम हैं—
शुभमन गिल
जसप्रीत बुमराह
रवींद्र जडेजा
यह लिस्ट अपने आप में बहुत कुछ कहती है। गिल अब टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं। भले ही उन्हें टी20 वर्ल्ड कप स्क्वाड में जगह न मिली हो, लेकिन बोर्ड का भरोसा साफ है—वह लंबी रेस का घोड़ा हैं।
बुमराह फिलहाल भारत के सबसे अहम ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बने हुए हैं। जडेजा अनुभव, फिटनेस और ऑलराउंड वैल्यू का पैकेज हैं।
कोहली-रोहित का डिमोशन: भावनात्मक झटका, लेकिन लॉजिक साफ
ग्रेड B में विराट कोहली और रोहित शर्मा का नाम देखकर फैंस को झटका लगना स्वाभाविक है। लेकिन बोर्ड का तर्क सीधा है—केंद्रीय अनुबंध भविष्य की उपलब्धता पर तय होते हैं, अतीत की उपलब्धियों पर नहीं।
ग्रेड B में इनके साथ मौजूद नाम भी यह बताते हैं कि यह कैटेगरी अब “कोर प्लेयर्स” की असली रीढ़ बन चुकी है—
केएल राहुल
हार्दिक पंड्या
ऋषभ पंत
सूर्यकुमार यादव
यशस्वी जायसवाल
कुलदीप यादव
यानी यह डिमोशन सम्मान घटाने का नहीं, बल्कि भूमिका बदलने का संकेत है।
पांच खिलाड़ियों की छुट्टी: सबसे बड़ा संदेश
इस नए साइकिल में कुल पांच खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया है—
मोहम्मद शमी
ईशान किशन
मुकेश कुमार
सरफराज खान
रजत पाटीदार
शमी का बाहर होना सबसे ज्यादा चौंकाता है। इसे सेलेक्टर्स की “शॉर्ट-टर्म प्लानिंग” से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं किशन, मुकेश और सरफराज को इवैल्यूएशन पीरियड में एक भी इंटरनेशनल मैच न खेलने की वजह से बाहर किया गया।
दिलचस्प बात यह है कि किशन टी20I सेटअप में लौट चुके हैं, लेकिन यह वापसी नए साइकिल में हुई—इसलिए कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में जगह नहीं मिली।
साई सुदर्शन की एंट्री: भविष्य की झलक
इस पूरी लिस्ट में एक नया नाम है—साई सुदर्शन।
वह सीनियर पुरुष सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले इकलौते नए खिलाड़ी हैं और उन्हें ग्रेड C में रखा गया है।
यह एंट्री छोटी लग सकती है, लेकिन मैसेज बड़ा है—बीसीसीआई अब परफॉर्मेंस + पोटेंशियल दोनों पर निवेश कर रहा है।
रिटेनर फीस पर सस्पेंस
बीसीसीआई ने इस बार रिटेनरशिप अमाउंट का खुलासा नहीं किया है। पिछली साइकिल में—
ग्रेड A: ₹5 करोड़
ग्रेड B: ₹3 करोड़
ग्रेड C: ₹1 करोड़
मिलते थे। A+ कैटेगरी खत्म होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फीस स्ट्रक्चर में भी बदलाव होता है।
पूरी पुरुष कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट (2025–26)
ग्रेड A
शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा
ग्रेड B
विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर
ग्रेड C
अक्षर पटेल, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई
यह सिर्फ लिस्ट नहीं, दिशा है
इन फैसलों को अलग-अलग देखना गलत होगा। यह एक क्लियर पॉलिसी शिफ्ट है—
तीनों फॉर्मेट खेलने वालों को प्राथमिकता
फिटनेस और उपलब्धता पर फोकस
युवाओं के लिए ऑफिशियल बैकिंग
भारतीय क्रिकेट अब “नामों से चलने वाली टीम” से निकलकर “सिस्टम-ड्रिवन टीम” बन रही है।
















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