BCCI : टेस्ट में खराब रिकॉर्ड – गौतम गंभीर के भविष्य पर सवाल

Atul Kumar
Published On:
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BCCI – क्रिकेट में जीत सब कुछ ढक देती है, और हार हर सवाल को सामने ले आती है। गौतम गंभीर इस वक्त ठीक उसी मोड़ पर खड़े हैं। वनडे में चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 में एशिया कप जिताने वाले कोच, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वही नाम अब बोर्डरूम से लेकर ड्रेसिंग रूम तक बहस का विषय बन चुका है।

आंकड़े सीधे और सख्त हैं।
शीर्ष टीमों के खिलाफ 10 टेस्ट हार, वो भी गंभीर के दौर में। इतना ही नहीं, घर पर दो बार टेस्ट सीरीज़ में क्लीन स्वीप—भारतीय टेस्ट इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। नतीजा यह है कि अब पहली बार खुलकर कहा जाने लगा है:
क्या टेस्ट टीम के हेड कोच के तौर पर गौतम गंभीर का भविष्य सुरक्षित है?

टेस्ट में खराब रिकॉर्ड, सवालों के घेरे में कोच

गंभीर का कोचिंग प्रोफाइल सफेद गेंद में मजबूत दिखता है, लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में तस्वीर उतनी चमकदार नहीं है। पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज़ हार ने आलोचना को और तेज कर दिया।

यही वह सीरीज़ मानी जा रही है, जिसके बाद बीसीसीआई के गलियारों में हलचल बढ़ी।

वीवीएस लक्ष्मण से अनौपचारिक बातचीत

सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के बाद बोर्ड के शीर्ष स्तर से वीवीएस लक्ष्मण से अनौपचारिक तौर पर यह पूछा गया कि क्या वह टेस्ट टीम के कोच की जिम्मेदारी लेने में दिलचस्पी रखते हैं।

लेकिन जवाब साफ था।
लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की भूमिका में ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कोच बनने की किसी इच्छा का संकेत नहीं दिया।

यानी विकल्प सीमित हैं, और यही बात फिलहाल गंभीर के पक्ष में जाती दिख रही है।

2027 तक कॉन्ट्रैक्ट, लेकिन सब कुछ टी20 वर्ल्ड कप पर टिका

गौतम गंभीर का बीसीसीआई के साथ करार 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक का है। कागज़ पर यह लंबा समय है, लेकिन हकीकत में इस पर पुनर्विचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

सब कुछ अब पांच हफ्ते बाद शुरू हो रहे टी20 विश्व कप पर टिका है।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने साफ कहा:

“गंभीर को बोर्ड का समर्थन हासिल है। अगर भारत टी20 विश्व कप बरकरार रखता है या कम से कम फाइनल तक पहुंचता है, तो वह बने रहेंगे। लेकिन टेस्ट प्रारूप में उनकी भूमिका पर चर्चा जारी रहेगी।”

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और आने वाला कठिन शेड्यूल

बीसीसीआई के सामने असली सवाल यह है कि WTC 2025–27 सत्र के बचे हुए नौ टेस्ट के लिए क्या गंभीर ही सही विकल्प हैं?

आगे का शेड्यूल आसान नहीं है:

  • अगस्त 2026 – श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट
  • अक्टूबर 2026 – न्यूजीलैंड दौरा
  • जनवरी–फरवरी 2027 – ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा (5 टेस्ट)

यह वही दौर होगा, जहां कोचिंग फैसलों का सीधा असर टीम की दिशा पर पड़ेगा।

ड्रेसिंग रूम का माहौल: द्रविड़ बनाम गंभीर

सूत्रों की मानें तो ड्रेसिंग रूम में भी माहौल पहले जैसा नहीं है।
राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में खिलाड़ियों की भूमिकाएं स्पष्ट थीं और उन्हें खुद को साबित करने के लिए समय मिलता था।

गंभीर के दौर में कुछ खिलाड़ी खुद को उतना सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।

यह बात खासतौर पर शुभमन गिल के टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के बाद और तेज हो गई।

शुभमन गिल का बाहर होना और डर का माहौल

टी20 विश्व कप स्क्वॉड से शुभमन गिल को बाहर रखने के फैसले पर गंभीर की छाप साफ दिखी। ड्रेसिंग रूम में कई खिलाड़ियों की सोच कुछ ऐसी है:

अगर भारत के संभावित “पोस्टर बॉय” के साथ ऐसा हो सकता है,
तो अगला नंबर किसी का भी हो सकता है।

यह अनिश्चितता लंबे फॉर्मेट में खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर असर डाल सकती है।

बीसीसीआई के पास समय और विकल्प

टी20 विश्व कप के बाद करीब दो महीने सिर्फ आईपीएल के होंगे। यह वही वक्त है, जब बीसीसीआई ठंडे दिमाग से बड़े फैसले ले सकता है:

  • क्या अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच हों?
  • या तीनों फॉर्मेट के लिए एक ही कोच जारी रखा जाए?

फिलहाल एक बात साफ है—टेस्ट क्रिकेट के लिए कोचिंग विकल्प बेहद सीमित हैं।

टी20 में भविष्य, टेस्ट में परीक्षा

गौतम गंभीर फिलहाल सुरक्षित दिखते हैं, लेकिन पूरी तरह नहीं।
टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन उन्हें समय दिला सकता है,
लेकिन टेस्ट क्रिकेट में सवाल कम नहीं होंगे।

बीसीसीआई की दुविधा साफ है—
जीत दिलाने वाला कोच हटाया जाए या
टेस्ट क्रिकेट की गिरती तस्वीर को देखते हुए बड़ा फैसला लिया जाए?

आने वाले कुछ महीने सिर्फ टीम इंडिया के लिए नहीं,
गौतम गंभीर के कोचिंग भविष्य के लिए भी निर्णायक होने वाले हैं।

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