BCCI – भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी का कार्यकाल खत्म हो चुका है और अब बोर्ड को नए अध्यक्ष की तलाश है। तब तक जिम्मेदारी सौंपी गई है उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को, जो कार्यवाहक अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। क्रिकेट प्रशासन और राजनीति—दोनों में गहरी पकड़ रखने वाले शुक्ला के पास यह कोई नया अनुभव नहीं है, बल्कि वो बीसीसीआई की राजनीति के पुराने खिलाड़ी माने जाते हैं।
रोजर बिन्नी का कार्यकाल खत्म, अब बारी चुनाव की
रोजर बिन्नी, जो 1983 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहे थे, 2022 में BCCI अध्यक्ष बने थे। उनके कार्यकाल में महिला प्रीमियर लीग (WPL) की शुरुआत हुई और भारत ने कई बड़े टूर्नामेंटों की मेज़बानी की। अब उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है और सितंबर में नए अध्यक्ष के चुनाव होंगे। तब तक राजीव शुक्ला कार्यवाहक अध्यक्ष बने रहेंगे।
राजीव शुक्ला का सफर
राजीव शुक्ला का नाम भारतीय क्रिकेट प्रशासन में लंबे समय से जुड़ा हुआ है।
- 2015 में वो आईपीएल के अध्यक्ष चुने गए थे।
- 2020 में निर्विरोध बीसीसीआई उपाध्यक्ष बने।
- अब कार्यवाहक अध्यक्ष की भूमिका में हैं।
इससे पहले वो क्रिकेट संचालन से लेकर बड़े स्पॉन्सरशिप डील तक कई फैसलों में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
बीसीसीआई की बैठक और स्पॉन्सरशिप संकट
हाल ही में हुई BCCI की बैठक में न सिर्फ नए कार्यवाहक अध्यक्ष को लेकर फैसला लिया गया, बल्कि टीम इंडिया के टाइटल स्पॉन्सर का मुद्दा भी उठा। दरअसल, ड्रीम11 के साथ BCCI की डील रद्द हो गई है। वजह—संसद में पारित “ऑनलाइन गेमिंग का प्रचार और विनियमन विधेयक, 2025”। इस कानून के तहत ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के साथ खेल प्रायोजन पर रोक लग गई है।
अब चुनौती यह है कि 9 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप से पहले भारतीय टीम को नया प्रायोजक मिले। टाइटल स्पॉन्सर न होना इतने बड़े टूर्नामेंट से पहले बोर्ड के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
ड्रीम11 से साझेदारी खत्म
बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने एएनआई से पुष्टि करते हुए कहा कि अब बोर्ड भविष्य में ऐसे संगठनों के साथ करार नहीं करेगा। यानी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के साथ BCCI का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब टीम इंडिया एशिया कप और फिर वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटी है।
आगे की राह
अब सबकी नज़रें सितंबर में होने वाले BCCI चुनावों पर होंगी। कौन बनेगा नया अध्यक्ष? क्या कोई पूर्व क्रिकेटर फिर से यह पद संभालेगा, या फिर कोई अनुभवी प्रशासक? और उससे भी अहम—क्या टीम इंडिया को एशिया कप से पहले नया प्रायोजक मिल पाएगा? यह आने वाले दिनों में साफ होगा।