BCCI : घरेलू क्रिकेट या कुछ नहीं—BCCI नीति के बाद कर्नाटक की बदली तस्वीर

Atul Kumar
Published On:
BCCI

BCCI – अहमदाबाद में विजय हजारे ट्रॉफी की तैयारी अचानक चर्चा में आ गई, जब कर्नाटक की टीम लिस्ट में तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय नाम दिखे।
लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल और प्रसिद्ध कृष्णा—और इसके पीछे वजह साफ है।
BCCI की नई सख्त नीति।

अब इंटरनेशनल स्टार होना घरेलू क्रिकेट से छूट का पास नहीं रहा।

BCCI का निर्देश और घरेलू क्रिकेट की वापसी

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में साफ कर दिया है कि
राष्ट्रीय टीम के मौजूदा खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलना ही होगा।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने निर्देश दिया है कि
हर इंटरनेशनल खिलाड़ी को कम से कम दो विजय हजारे ट्रॉफी मैच खेलने होंगे।

मैसेज सीधा है—
फॉर्म, फिटनेस और चयन…
तीनों का रास्ता अब डोमेस्टिक क्रिकेट से होकर जाएगा।

कर्नाटक स्क्वॉड में केएल राहुल की एंट्री

इसी नीति के तहत कर्नाटक ने बुधवार को विजय हजारे ट्रॉफी के लिए अपनी टीम घोषित की, जिसमें
केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल और प्रसिद्ध कृष्णा को शामिल किया गया।

यह सिर्फ टीम सेलेक्शन नहीं,
बल्कि BCCI की पॉलिसी का ग्राउंड-लेवल असर है।

ग्रुप A में कर्नाटक की चुनौती

कर्नाटक को विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप A में रखा गया है, जहां मुकाबला आसान नहीं होगा।

ग्रुप A की टीमें

टीमें
झारखंड
केरल
तमिलनाडु
पुडुचेरी
त्रिपुरा
राजस्थान
मध्य प्रदेश
कर्नाटक

कर्नाटक अपने सभी लीग मैच अहमदाबाद में खेलेगा—जहां विकेट आमतौर पर बैटिंग फ्रेंडली मानी जाती है।

कप्तानी पर भरोसा बरकरार

भले ही कर्नाटक की टीम
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के नॉकआउट में नहीं पहुंच पाई,
लेकिन टीम मैनेजमेंट ने कप्तान पर भरोसा कायम रखा है।

– मयंक अग्रवाल — कप्तान
– करुण नायर — उप कप्तान

यानी रिजल्ट्स से ज्यादा फोकस अब कंटीन्यूटी और स्ट्रक्चर पर है।

केएल राहुल के लिए यह टूर्नामेंट क्यों अहम?

केएल राहुल के लिए विजय हजारे ट्रॉफी सिर्फ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं है।

– व्हाइट-बॉल फॉर्म
– निरंतरता
– और सेलेक्टर्स को साफ मैसेज

BCCI के नए सिस्टम में
डोमेस्टिक परफॉर्मेंस अब CV का हिस्सा है,
कोई ऑप्शनल एक्स्ट्रा नहीं।

कर्नाटक की पूरी विजय हजारे स्क्वॉड

Karnataka Squad – Vijay Hazare Trophy

मयंक अग्रवाल (कप्तान)
देवदत्त पडिक्कल
करुण नायर (उप कप्तान)
आर स्मरण
केएल श्रीजीत
अभिनव मनोहर
श्रेयस गोपाल
वैशाख विजयकुमार
एल मनवंत कुमार
श्रीशा एस अचार
अभिलाष शेट्टी
बीआर शरत
हर्षित धरमानी
ध्रुव प्रभाकर
लोकेश राहुल
प्रसिद्ध कृष्णा

अनुभव और युवाओं का यह मिश्रण कर्नाटक को ग्रुप A में खतरनाक बनाता है।

BCCI की पॉलिसी का बड़ा असर

यह पहली बार नहीं है जब बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता दी हो,
लेकिन इस बार फर्क यह है कि—

– नियम लिखित हैं
– सभी के लिए समान हैं
– और अमल तुरंत शुरू हो चुका है

अब स्टारडम चयन की गारंटी नहीं।

बड़ा संकेत साफ है

जो खेलेगा—वही चुना जाएगा।
और जो घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाएगा—
उसकी वापसी मुश्किल होगी।

विजय हजारे ट्रॉफी अब सिर्फ ट्रॉफी की लड़ाई नहीं,
भारतीय क्रिकेट के पावर स्ट्रक्चर का टेस्ट बन चुकी है।

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