BCCI : छठी बार चैंपियन भारत – अंडर-19 टीम को करोड़ों का इनाम

Atul Kumar
Published On:
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BCCI – हरारे की उस रात भारत ने सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं उठाई, बल्कि अपने जूनियर क्रिकेट सिस्टम की ताकत को एक बार फिर दुनिया के सामने रख दिया। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर रिकॉर्ड छठी बार चैंपियन बनी टीम इंडिया के लिए अब इनाम का ऐलान भी हो चुका है।

बीसीसीआई ने विजेता अंडर-19 टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये की प्राइज मनी घोषित कर दी है—एक ऐसा फैसला जो मेहनत, निरंतरता और दबदबे का सम्मान करता है।

आयुष म्हात्रे की कप्तानी में यह टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। और फाइनल में, जब दबाव अपने चरम पर था, तब 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी पारी खेली कि मैच वहीं खत्म हो गया।

7.5 करोड़ का इनाम: BCCI का बड़ा ऐलान

बीसीसीआई ने आधिकारिक बयान में बताया कि यह कैश अवॉर्ड सिर्फ खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ और जूनियर क्रिकेट कमेटी के लिए भी है।

बीसीसीआई के ऑनरेरी सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने कहा कि जिम्बाब्वे में भारत की छठी अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है, खासकर इसलिए क्योंकि टीम ने एक भी मैच नहीं गंवाया।

पूरे देश को गर्व है—देवजीत सैकिया

देवजीत सैकिया ने ANI से बातचीत में टीम की जमकर तारीफ की।
उनके शब्दों में,
“पूरा देश और BCCI हमारी अंडर-19 टीम पर गर्व महसूस कर रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए फाइनल में इंग्लैंड को हराया, वह काबिले-तारीफ है। इसी उपलब्धि के सम्मान में BCCI 7.5 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देगा।”

यह बयान साफ करता है कि बोर्ड अब जूनियर लेवल की उपलब्धियों को भी सीनियर क्रिकेट जितना महत्व देने लगा है।

फाइनल की कहानी: वैभव सूर्यवंशी का तूफान

अगर फाइनल को एक लाइन में समेटना हो, तो बस इतना काफी है—
वैभव सूर्यवंशी, 80 गेंद, 175 रन।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी की नींव रखी सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने, जिनकी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की रणनीति ही तोड़ दी।

वैभव की पारी में शामिल थे—

  • 15 चौके
  • 15 छक्के
  • स्ट्राइक रेट: 218.75

इस विस्फोटक प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यहीं कहानी खत्म नहीं हुई—पूरे टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने के चलते वैभव को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी मिला।

कप्तान आयुष म्हात्रे और मिडिल ऑर्डर का योगदान

वैभव के साथ-साथ कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी जिम्मेदारी भरी पारी खेली। उन्होंने 51 गेंदों में 53 रन जोड़े और एक छोर संभाले रखा।

मिडिल ऑर्डर में अभिज्ञान कुंडू ने तेज़ 40 रन (31 गेंद) बनाकर स्कोर को 400 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

इंग्लैंड की ओर से कैलेब फाल्कनर ने 115 रन की साहसी पारी खेली, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर सिमट गई।

अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत का दबदबा

इस जीत के साथ भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया।

सालभारत की जीत
2000चैंपियन
2008चैंपियन
2012चैंपियन
2018चैंपियन
2022चैंपियन
2026चैंपियन

छह खिताब—और किसी भी देश के पास यह आंकड़ा नहीं है।

इनाम का मतलब सिर्फ पैसा नहीं

7.5 करोड़ रुपये की यह घोषणा सिर्फ एक चेक नहीं है। यह संदेश है—

  • घरेलू क्रिकेट सिस्टम पर भरोसा
  • जूनियर खिलाड़ियों के लिए मोटिवेशन
  • और यह स्वीकारोक्ति कि भविष्य यहीं से बनता है

आज वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और उनकी टीम अंडर-19 चैंपियन हैं। कल यही नाम सीनियर टीम इंडिया की रीढ़ बन सकते हैं।

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