Shami – बंगाल ने मंगलवार की ठंडी दोपहर को सिलिगुड़ी के माहौल में ऐसी पकड़ बनाई कि असम की उम्मीदें लगभग धुंध में खोती दिखीं। रणजी ट्रॉफी ग्रुप सी के तीसरे दिन खेल का रुख जिस तरह बदला, वह पूरी कहानी शाहबाज अहमद के ठोस शतक और मोहम्मद शमी की धारदार शुरुआती स्पेल से ही समझ आ जाता है।
कल के 267/4 स्कोर से आगे बढ़ते हुए बंगाल ने 442 तक कदम बढ़ाए—एक ऐसा टोटल जिसने मैच को एकतरफा मोड़ दे दिया।
शाहबाज का शतक और सुमंत गुप्ता की साझेदारी ने बढ़ाया दबाव
बंगाल की इनिंग का दिल अगर किसी एक पारी में था, तो वो शाहबाज अहमद की 101 रन की नाप-तौल कर खेली गई पारी थी। 122 गेंदें, 11 चौके, 2 छक्के—और सबसे बढ़कर वो भरोसा, जो उन्होंने सुमंत गुप्ता के साथ मिलकर बनाया। गुप्ता भले ही 97 पर आउट हो गए, लेकिन 129 रन की साझेदारी असम की गेंदबाजी को पूरी तरह थका चुकी थी।
| बल्लेबाज़ | पारी | गेंदें | रन | चौके | छक्के |
|---|---|---|---|---|---|
| शाहबाज अहमद | शतक | 122 | 101 | 11 | 2 |
| सुमंत गुप्ता | 97 | 184 | 97 | 12 | 0 |
असम की पहली पारी 200 पर रुक चुकी थी, और बंगाल की 442 रन की जवाबी दीवार ने उन्हें 242 रन की लेड पर ला खड़ा किया—ऐसी बढ़त जिसे पार करना घरेलू क्रिकेट में मुश्किल ही नहीं, लगभग नामुमकिन लगता है।
असम की दूसरी पारी—तीन विकेट आठ पर, शमी की चिंगारी
दूसरी इनिंग में असम की शुरुआत ऐसी रही कि यह कहना गलत नहीं होगा—बल्लेबाज क्रीज पर आते गए और पवेलियन लौटते गए। मोहम्मद शमी ने पारी की दूसरी ही गेंद पर ऋषव दास को विकेटकीपर के हाथों कैच करा दिया। अगले ओवर में उन्होंने स्वरूपम पुरकायस्थ को भी चलता किया। प्रद्युन सैकिया को सूरज सिंधू जायसवाल ने पगबाधा कर दिया।
तीन रन और तीन विकेट। स्कोर: 8/3.
ऐसा स्कोर किसी भी टीम की सांसें रोक देता है।
लेकिन डेनिश दास (63*) और कप्तान सुमित घाडीगांवकर (30*) ने अपनी-अपनी जगह पर टिककर लड़ाई जारी रखी। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 90 रन जोड़कर दिन बचाया और मैच को कम से कम चौथे दिन तक खींच ले गए।
ग्रुप की बाकी तस्वीर—रेलवे की बड़ी जीत, गुजरात की मजबूत स्थिति
वलसाड में रेलवे के बाएं हाथ के स्पिनर राज चौधरी ने दूसरी पारी में 35 पर 5 विकेट लेकर त्रिपुरा को पारी और 117 रन से हराया। मैच में 65 पर 9 विकेट—ऐसा प्रदर्शन घरेलू सीज़न में देखने को मिलता है, लेकिन हर बार नहीं।
रेलवे ने 446/9 घोषित किए थे, जिसमें मोहम्मद सैफ (158) और भार्गव मेराई (160) की पारियों ने मैच पहले ही एकतरफा कर दिया था। त्रिपुरा 136 और 193—इन स्कोरों से ज्यादा उम्मीद नहीं दिखी।
देहरादून में उत्तराखंड ने गुजरात के 344 रन के लक्ष्य के पीछा करते हुए बिना विकेट खोए 43 रन बना लिए हैं। आरव महाजन (27*) और भूपेन लालवानी (16*) अभी क्रीज पर हैं। गुजरात ने इससे पहले आर्य देसाई (80), जयमती पटेल (60) और उर्विल पटेल (58) के अर्धशतकों की मदद से 291/5 पर इनिंग घोषित की थी।
रोहतक में सेना की टीम हरियाणा के खिलाफ जीत की चौखट पर खड़ी है। 378 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए हरियाणा 136/6 पर है। सेना ने अपनी दूसरी पारी 283/7 पर घोषित की थी, जिसमें रजत पालीवाल (61) और विनीत धनखड़ (57*) की पारी अहम रही।
बंगाल की स्थिति—लगातार चौथी जीत की ओर
असम अभी भी 144 रन पीछे है, सात विकेट हाथ में हैं, लेकिन मैच का पलड़ा बुरी तरह बंगाल की ओर झुक चुका है। बोनस पॉइंट के साथ जीत का मौका भी सामने है।
ये वही टीम है जिसने पिछले दो सालों में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इस बार उनकी बॉडी लैंग्वेज और बॉलिंग यूनिट दोनों ही बेहद आत्मविश्वासी दिख रहे हैं।
शमी की लाइन-लेंथ, शाहबाज का शतक, और टीम का सामूहिका—सब कुछ इस मैच को बंगाल के नाम लिखने को तैयार दिख रहा है।
















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