T20I : 20 बार 20 से कम रन – बुमराह का अनोखा टी20 रिकॉर्ड

Atul Kumar
Published On:
T20I

T20I – गुवाहाटी की पिच पर भले ही सुर्खियां बल्लेबाज़ों ने बटोरी हों, लेकिन मैच की नींव गेंद से रखी गई थी। न्यूजीलैंड की पारी जिस तरह 20 ओवर में 153/9 पर सिमटी, उसके पीछे सबसे बड़ा नाम था—जसप्रीत बुमराह।

जब भी कीवी बल्लेबाज़ लय पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, बुमराह ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और घातक यॉर्कर्स से उन्हें पीछे धकेल दिया।

चार ओवर, 17 रन, तीन विकेट।
टी20 क्रिकेट में इससे ज्यादा असरदार स्पेल कम ही देखने को मिलता है।

बुमराह: किफायत और घातकपन का परफेक्ट मेल

जसप्रीत बुमराह को इस शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, लेकिन यह सिर्फ एक मैच की कहानी नहीं है। बुमराह अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा बार 20 या उससे कम रन देने वाला स्पेल डालने वाले गेंदबाज़ बन चुके हैं।

यह आंकड़ा बताता है कि बुमराह सिर्फ विकेट-टेकर नहीं हैं, बल्कि वह बल्लेबाज़ों की रन-गति को पूरी तरह जकड़ने वाले गेंदबाज़ हैं—जो टी20 जैसे फॉर्मेट में सबसे कीमती गुण माना जाता है।

लंबे इंतज़ार के बाद बिश्नोई की दमदार वापसी

इस मुकाबले का दूसरा बड़ा प्लस पॉइंट रहे रवि बिश्नोई। लंबे समय बाद टीम इंडिया में लौटे बिश्नोई ने यह साफ कर दिया कि उन्हें नजरअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।

मध्य ओवरों में, जहां टी20 मैच अक्सर हाथ से फिसल जाते हैं, बिश्नोई ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने ही नहीं दिया।

4 ओवर
18 रन
2 विकेट

लेग स्पिन में गति, फ्लाइट और गूगली का सही इस्तेमाल—बिश्नोई ने अपने हर ओवर से दबाव बनाया।

बुमराह और बिश्नोई: रिकॉर्ड बुक में एंट्री

इस मैच के साथ बुमराह और बिश्नोई दोनों ने एक खास टी20I क्लब में अपनी जगह और पक्की कर ली।

T20I में मैच में सबसे ज्यादा बार 20 या उससे कम रन देने वाले भारतीय गेंदबाज़

गेंदबाज़20 या कम रन के स्पेल
जसप्रीत बुमराह20 बार
कुलदीप यादव14 बार
अक्षर पटेल12 बार
रविचंद्रन अश्विन11 बार
रवींद्र जडेजा10 बार
हरभजन सिंह9 बार
भुवनेश्वर कुमार8 बार
रवि बिश्नोई6 बार
युजवेंद्र चहल6 बार

इस सूची में सबसे दिलचस्प नाम रवि बिश्नोई का है, क्योंकि उन्होंने बाकी गेंदबाज़ों की तुलना में काफी कम मैच खेलकर यह उपलब्धि हासिल की है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं की नज़र अब उन पर और टिकेगी।

कुलदीप, अक्षर और अश्विन की निरंतरता

इस लिस्ट में कुलदीप यादव दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 14 बार यह कारनामा किया है। वहीं अक्षर पटेल (12 बार) और रविचंद्रन अश्विन (11 बार) यह साबित करते हैं कि स्पिनर्स भी टी20 में सिर्फ रन लुटाने के लिए नहीं होते।

टी20 फॉर्मेट से संन्यास ले चुके रवींद्र जडेजा का नाम भी इस सूची में है—जो बताता है कि उनका प्रभाव कितने लंबे समय तक रहा।

गुवाहाटी मैच: गेंद से नींव, बल्ले से खत्म

गुवाहाटी में भारत की जीत का पैटर्न साफ था—
पहले गेंद से दबाव, फिर बल्ले से तूफान।

153/9 पर न्यूजीलैंड को रोकने के बाद भारतीय बल्लेबाज़ों ने लक्ष्य को सिर्फ 10 ओवर में हासिल कर लिया और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज़ में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है।

विश्व कप से पहले सही संकेत

आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को देखते हुए यह सीरीज़ भारत के लिए बेहद अहम है। बुमराह का फिट और लय में होना, और बिश्नोई जैसे युवा स्पिनर का विकल्प के रूप में उभरना—टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी राहत है।

बल्लेबाज़ों के दौर में गेंदबाज़ों की जीत

टी20 क्रिकेट को अक्सर बल्लेबाज़ों का खेल कहा जाता है, लेकिन गुवाहाटी में कहानी उलटी थी।
बुमराह ने सटीकता दिखाई।
बिश्नोई ने धैर्य दिखाया।

और भारत ने यह जता दिया कि बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए सिर्फ चौके-छक्के नहीं, कंट्रोल्ड गेंदबाज़ी भी उतनी ही ज़रूरी है।

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