Chahal – वानखेड़े में टी20 वर्ल्ड कप का पहला मैच। सामने अमेरिका। दबाव कम, उम्मीदें भारी। और इसी बीच युजवेंद्र चहल ने अपनी नज़र से भारत की प्लेइंग इलेवन रख दी—एक ऐसा कॉम्बिनेशन, जिसने बहस को फिर से हवा दे दी है। वजह? संजू सैमसन को मौका, ईशान किशन बाहर।
यह फैसला सिर्फ नामों का नहीं है। यह रोल, बैलेंस और मैच-अप्स की कहानी है—और चहल की सोच साफ संकेत देती है कि टीम मैनेजमेंट किस दिशा में जा सकता है।
चहल की XI भरोसा अनुभव पर, जोखिम सीमित
चहल ने अमेरिका के खिलाफ मुकाबले के लिए जो अंतिम-11 चुनी है, वह हालिया सीरीज के आंकड़ों से पूरी तरह मेल नहीं खाती। न्यूजीलैंड के खिलाफ धमाकेदार शतक लगाने वाले ईशान किशन को उन्होंने बाहर रखा, जबकि खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को ओपनिंग में जगह दी।
युजवेंद्र चहल की प्लेइंग इलेवन (अमेरिका के खिलाफ):
अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह
(यहां एक तेज गेंदबाज स्लॉट पर चर्चा बनी रहेगी—टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से बदलाव संभव है।)
संजू बनाम ईशान: आंकड़े कुछ और कहते हैं
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन को बतौर सलामी बल्लेबाज खुद को साबित करने का पूरा मौका मिला। लेकिन नतीजे पक्ष में नहीं रहे।
| खिलाड़ी | मैच | रन | औसत | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| संजू सैमसन | 5 | 46 | 9.20 | — |
| ईशान किशन | 4 | 215 | 53.75 | 231.18 |
ईशान ने पांचवें टी20 में शतक जड़ा और सीरीज की सबसे विस्फोटक पारियों में से एक खेली। फिर भी चहल का चयन ईशान के पक्ष में नहीं गया। सवाल उठना लाज़मी है—क्यों?
चहल की सोच: रोल > फॉर्म?
चहल के चयन में एक पैटर्न दिखता है।
- अभिषेक शर्मा: पावरप्ले में आक्रामक लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन
- संजू सैमसन: विकेटकीपिंग + फ्लोटर की भूमिका
- मिडिल ऑर्डर: सूर्या, तिलक, हार्दिक—स्थिरता और एक्सप्लोसिविटी का मिश्रण
- फिनिश: रिंकू, शिवम दुबे
- स्पिन कंट्रोल: अक्षर + वरुण
यानी चहल शायद यह मानकर चल रहे हैं कि अमेरिका जैसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ विकेटकीपिंग से लेकर फील्डिंग तक का बैलेंस ज्यादा अहम है। संजू का अनुभव और विकेटों के पीछे की साफ-सुथरी स्किल्स उन्हें बढ़त देती हैं—कम से कम इस मैच के लिए।
वानखेड़े फैक्टर: कौन सूट करता है?
वानखेड़े की पिच पर शुरुआती ओवरों में गेंद बल्ले पर आती है। यहां पावरप्ले में इंटेंट सबसे बड़ा हथियार है। अभिषेक शर्मा इस रोल में फिट बैठते हैं। दूसरे छोर पर संजू को “सुरक्षित आक्रमण” का विकल्प माना जा रहा है—हालांकि हालिया फॉर्म इसके खिलाफ है।
ईशान किशन का स्ट्राइक रेट वानखेड़े के लिए आदर्श है। लेकिन उनकी जगह बाहर होना यह संकेत देता है कि टीम एक मैच के फॉर्म से ज्यादा टूर्नामेंट प्लान देख रही है।
2024 के बाद भारत का ग्राफ
भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीता और उसके बाद से 41 टी20I खेले हैं।
- जीत: 33
- हार: 6
- नो रिज़ल्ट/अन्य: शेष
न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 की सीरीज जीत ने दिखाया कि टीम हर विभाग में गहराई रखती है—और यही गहराई चयन को जटिल बनाती है।
क्या यह फाइनल कॉल है?
नहीं। यह एक राय है—एक पूर्व खिलाड़ी की। लेकिन चहल की राय यूं ही नहीं आती। उन्होंने टी20 में लंबे समय तक मैनेजमेंट के साथ काम किया है और मैच-अप्स समझते हैं। ईशान किशन का बाहर होना अस्थायी भी हो सकता है—खासतौर पर अगर विपक्ष मजबूत हो या रन-चेज़ बड़ा हो।















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