Mitchell : सैंटनर बोले: डेरिल मिचेल की मेहनत अब रंग ला रही है

Atul Kumar
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Mitchell

Mitchell – नागपुर की पिच, शाम की हल्की ठंड और टी20 विश्व कप से पहले आखिरी बड़ी परीक्षा। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। वजह भी ठोस है—डेरिल मिचेल। वही बल्लेबाज, जिसने वनडे सीरीज में भारत को बार-बार परेशान किया और अब टी20 सीरीज में भी वही कहानी दोहराने की उम्मीद की जा रही है।

बुधवार से शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले सैंटनर ने साफ कहा कि वह चाहते हैं कि मिचेल अपनी वनडे वाली फॉर्म को छोटे फॉर्मेट में भी साथ लेकर आएं। और अगर हालिया आंकड़े देखें, तो यह उम्मीद हवा में नहीं है।

वनडे सीरीज ने बढ़ाया भरोसा

भारत के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में डेरिल मिचेल न्यूजीलैंड के सबसे बड़े मैच-विनर साबित हुए।
84 रन।
नाबाद 131 रन।
137 रन।

तीन पारियां, तीन अलग-अलग परिस्थितियां और हर बार भारत के गेंदबाजों पर नियंत्रण। कुल 352 रन बनाकर मिचेल न सिर्फ सीरीज के टॉप स्कोरर रहे, बल्कि प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी अपने नाम किया। न्यूजीलैंड की 2-1 की सीरीज जीत में उनकी भूमिका निर्णायक रही।

“मेहनत का नतीजा अब दिख रहा है” – सैंटनर

पहले टी20 मैच की पूर्व संध्या पर मिचेल सैंटनर ने अपने सीनियर बल्लेबाज की जमकर तारीफ की। उन्होंने माना कि यह बदलाव अचानक नहीं आया।

सैंटनर ने कहा,
“डेरिल को शुरुआत में स्पिन के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन उसने अविश्वसनीय रूप से कड़ी मेहनत की है। अब आप उसकी मेहनत का नतीजा साफ देख सकते हैं।”

भारत जैसी टीम के खिलाफ, जहां स्पिन गेंदबाजी हमेशा बड़ी ताकत रही है, यह बयान काफी मायने रखता है।

स्पिन के खिलाफ बदली कहानी

एक समय था जब डेरिल मिचेल को स्पिन के खिलाफ असहज माना जाता था। खासकर भारतीय पिचों पर। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी बल्लेबाजी में जो सबसे बड़ा बदलाव आया है, वह है—धैर्य और स्पष्टता।

सैंटनर ने इसे विस्तार से समझाया,
“वह अब स्पिन को अच्छी तरह खेल रहा है। वनडे क्रिकेट में वह बीच के ओवरों में खेल को कंट्रोल कर सकता है। उम्मीद है कि टी20 में भी वह कुछ ऐसा ही करेगा।”

टी20 में भले ओवर कम हों, लेकिन मिडिल ओवर्स में अगर कोई बल्लेबाज रन फ्लो को बनाए रखे, तो मैच हाथ से फिसलता नहीं।

भारत में खेलना क्यों है इतना जरूरी?

टी20 विश्व कप अब ज्यादा दूर नहीं है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होने वाला है। ऐसे में भारत में द्विपक्षीय सीरीज खेलना न्यूजीलैंड के लिए किसी बोनस से कम नहीं।

सैंटनर ने इस बात पर खास जोर दिया।
“हमें यहां खेलना बहुत पसंद है। टी20 विश्व कप से पहले भारतीय परिस्थितियों में एक मजबूत टीम के खिलाफ खेलना हमारे लिए बेहद अहम है।”

स्पिन, स्लो पिच, दबाव भरे स्टेडियम—भारत में खेलने से बेहतर तैयारी शायद कहीं और नहीं हो सकती।

भारत के खिलाफ मिचेल का भरोसेमंद रिकॉर्ड

डेरिल मिचेल का भारत के खिलाफ हालिया रिकॉर्ड अपने आप में कहानी कहता है। अलग-अलग फॉर्मेट, अलग-अलग मैदान और हर बार जिम्मेदारी की पारी।

उनकी सबसे बड़ी ताकत है—

  • स्पिन के खिलाफ संतुलन
  • बीच के ओवरों में जोखिम कम रखना
  • जरूरत पड़ने पर गियर बदलना

यही वजह है कि वह अब न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी का केंद्र बन चुके हैं।

टी20 में भी वही रोल?

सवाल यही है—क्या मिचेल वनडे वाली स्थिरता टी20 में भी ला पाएंगे?

टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का स्पिन अटैक किसी भी बल्लेबाज की परीक्षा ले सकता है। लेकिन सैंटनर को भरोसा है कि मिचेल की मौजूदा मानसिकता और फॉर्म उन्हें अलग बनाती है।

टी20 में शायद 130 गेंदें खेलने का वक्त न मिले, लेकिन 35–40 गेंदों में गेम को पकड़कर रखना भी उतना ही कीमती होता है।

न्यूजीलैंड की नजरें क्यों टिकी हैं मिचेल पर?

इस सीरीज में न्यूजीलैंड के पास युवा और आक्रामक बल्लेबाज हैं, लेकिन अनुभव और स्थिरता का चेहरा डेरिल मिचेल ही हैं। खासकर तब, जब मुकाबला भारत में हो और सामने स्पिन-प्रधान आक्रमण।

टी20 विश्व कप से ठीक पहले अगर मिचेल का बल्ला चलता है, तो यह सिर्फ सीरीज नहीं, पूरे टूर्नामेंट के लिए आत्मविश्वास देगा।

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