T20I – तिरुवनंतपुरम की गर्म शाम, भरा हुआ न्यूग्रीनफील्ड स्टेडियम और सामने श्रीलंका। यह सिर्फ इंडिया वर्सेस श्रीलंका टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला नहीं है—यह दीप्ति शर्मा के करियर का एक ऐतिहासिक मोड़ भी हो सकता है।
टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड अक्सर बल्लेबाज़ों के नाम होते हैं। लेकिन आज कहानी गेंद से लिखी जा सकती है। एक विकेट। सिर्फ एक विकेट—और दीप्ति शर्मा वुमेंस T20I क्रिकेट की सबसे सफल गेंदबाज़ बन जाएंगी।
एक विकेट दूर इतिहास से
दीप्ति शर्मा ने इसी सीरीज में 150 T20I रन पूरे किए थे। अब उनके नाम इस फॉर्मेट में 151 विकेट हैं। आज अगर श्रीलंका के खिलाफ वह एक बल्लेबाज़ को आउट करती हैं, तो वह 152 विकेट के साथ वुमेंस T20I इतिहास में सबसे आगे निकल जाएंगी।
फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की मेगन शट्ट के साथ साझा है। लेकिन आज की रात दीप्ति के नाम अकेली हो सकती है।
यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है। यह उस खिलाड़ी की कहानी है, जो सालों से टीम इंडिया की चुपचाप रीढ़ बनी हुई है।
आंकड़े जो दीप्ति को खास बनाते हैं
132 T20 इंटरनेशनल मैच।
129 पारियां।
और 151 विकेट।
दीप्ति शर्मा के आंकड़े सिर्फ लंबे करियर का नतीजा नहीं, बल्कि लगातार प्रभाव का सबूत हैं।
| गेंदबाज़ | मैच | विकेट | औसत | इकॉनमी |
|---|---|---|---|---|
| दीप्ति शर्मा | 132 | 151 | 18.94 | 6.11 |
| मेगन शट्ट | 131 | 151 | 17.70 | 6.40 |
शट्ट का औसत थोड़ा बेहतर हो सकता है, लेकिन दीप्ति की इकॉनमी और हर मैच में असर—उन्हें अलग बनाता है। और आज वह मौका है, जब यह तुलना भी खत्म हो सकती है।
सिर्फ विकेट नहीं, भरोसे का नाम
दीप्ति शर्मा उन गेंदबाज़ों में से हैं, जिन्हें कप्तान मुश्किल वक्त में गेंद थमाता है। पावरप्ले हो या डेथ ओवर्स, बल्लेबाज़ सेट हो या नई—दीप्ति का नाम पहले दिमाग में आता है।
लेफ्ट-आर्म स्पिन।
कोई दिखावटी एक्शन नहीं।
कोई बड़े सेलिब्रेशन नहीं।
बस लाइन, लेंथ और दिमाग।
यही वजह है कि वह सिर्फ विकेट लेने वाली गेंदबाज़ नहीं, बल्कि मैच कंट्रोल करने वाली खिलाड़ी बन चुकी हैं।
भारत की सबसे बड़ी T20I गेंदबाज़?
भारत की तरफ से वुमेंस T20I में 100 से ज्यादा विकेट लेने वाली सिर्फ दो गेंदबाज़ हैं—
- दीप्ति शर्मा
- राधा यादव
राधा यादव फिलहाल टीम से बाहर हैं। ऐसे में यह साफ है कि इस दौर में भारत की सबसे असरदार T20 गेंदबाज़ दीप्ति ही हैं।
और आज अगर वह 152 विकेट तक पहुंचती हैं, तो यह बहस भी खत्म हो जाएगी।
सीरीज: पूरी तरह भारत के नाम
यह पांच मैचों की सीरीज पहले ही भारत की झोली में जा चुकी है। शुरुआती चारों मुकाबले जीतकर हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी ने 4-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
श्रीलंका की टीम हर मैच में संघर्ष करती दिखी है—
- गेंदबाज़ी में लाइन टूटी
- बल्लेबाज़ी में गहराई की कमी
- फील्डिंग में मौके गंवाए
भारत ने हर डिपार्टमेंट में दबदबा बनाया है।
बीसीसीआई की आधिकारिक के आंकड़ों के मुताबिक, यह सीरीज भारत की सबसे एकतरफा वुमेंस T20 सीरीज में से एक बन चुकी है।
न्यूग्रीनफील्ड स्टेडियम: रन ही रन
तिरुवनंतपुरम का न्यूग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम इस सीरीज में भारत के लिए लकी वेन्यू साबित हुआ है। यहां खेले गए दोनों मुकाबलों में भारत ने पूरी तरह डोमिनेट किया।
पिछले मैच में तो टीम इंडिया ने—
- अपना अब तक का सबसे बड़ा T20 स्कोर
- और श्रीलंका को मैच से पूरी तरह बाहर
यह पिच बल्लेबाज़ों के लिए मददगार रही है, लेकिन स्पिनर्स को भी ग्रिप और टर्न मिला है। यानी दीप्ति शर्मा के लिए हालात बिल्कुल मुफीद।
आज क्या देखने को मिल सकता है?
सीरीज पहले ही जीत ली गई है, लेकिन भारत की भूख खत्म नहीं हुई है।
आज के मुकाबले में—
- फैंस एक हाई-स्कोरिंग गेम की उम्मीद करेंगे
- कप्तान कुछ बेंच स्ट्रेंथ आजमा सकती हैं
- और सबकी निगाहें होंगी—दीप्ति के पहले विकेट पर
जैसे ही वह विकेट गिरा, रिकॉर्ड बुक अपडेट हो जाएगी।
आईसीसी के आधिकारिक रिकॉर्ड सेक्शन में दीप्ति शर्मा का नाम सबसे ऊपर होगा।
दीप्ति का करियर: बिना शोर, बिना शिखर
दीप्ति शर्मा का करियर कभी शोर से भरा नहीं रहा।
न बड़े विवाद।
न हेडलाइन मांगने वाले बयान।
लेकिन हर टूर्नामेंट के बाद, हर सीरीज के बाद—वह आंकड़ों में मौजूद रहती हैं। और यही असली महानता है।
आज अगर इतिहास बनता है, तो वह उसी अंदाज़ में बनेगा—शांत, सधा हुआ, और दमदार।
आज की रात खास क्यों है
यह मैच भले ही सीरीज का आखिरी मुकाबला हो, लेकिन—
- दीप्ति शर्मा के लिए यह करियर का सबसे यादगार दिन बन सकता है
- टीम इंडिया के लिए यह क्लीन स्वीप का मौका है
- और फैंस के लिए—एक और रिकॉर्ड देखने का
एक विकेट।
इतिहास।
कभी-कभी क्रिकेट इतना सीधा भी होता है।















