ODI – विशाखापत्तनम की उमस भरी हवा में, जैसे ही क्विंटन डिकॉक ने ऑफ-स्टंप के ऊपर उठती गेंद को मिडविकेट के पार छह रन के लिए उड़ा दिया, स्टेडियम में वह एहसास गूंज गया जो बड़े रिकॉर्ड टूटने पर आता है।
यह सिर्फ एक शतक नहीं था—एक वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी थी। दक्षिण अफ्रीका के इस बाएं हाथ के विकेटकीपर-बल्लेबाज ने भारत के खिलाफ तीसरे वनडे में 89 गेंदों पर 106 रन ठोककर वनडे इतिहास में विकेटकीपर के तौर पर संयुक्त रूप से सबसे अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।
और इस सूची में वह अकेले नहीं—अब उनके नाम के सामने वही आंकड़ा है जो लंबे समय तक अटूट समझे जाने वाले श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगाकारा के नाम के बराबर था: 23 शतक।
डिकॉक—संघर्ष से शिखर तक, 23 शतकों की यह कहानी
वनडे क्रिकेट में 161 मैच।
23 शतक।
भारत के खिलाफ एक और बड़ा मंच।
डिकॉक ने 8 चौकों और 6 छक्कों से सजी यह पारी खेलते हुए दिखा दिया कि वह क्यों आधुनिक सफेद गेंद क्रिकेट के सबसे खतरनाक ओपनर-विकेटकीपर माने जाते हैं।
और दिलचस्प बात ये है कि संगाकारा ने जहां पूरे करियर में विकेटकीपर के तौर पर 23 शतक लगाए थे, डिकॉक ने यह उपलब्धि उम्र और मैच—दोनों मामलों में काफी कम समय में ही हासिल कर ली। संगाकारा के पूरे वनडे करियर में कुल 25 शतक थे, लेकिन विकेटकीपर रहते हुए 23।
डिकॉक के लिए यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं—यह उस लगातार बढ़ती विरासत का हिस्सा है जो दक्षिण अफ्रीका की वनडे बल्लेबाजी को नए युग में लेकर जाती है।
विकेटकीपरों में टॉप सेंचुरी मेकर्स—संक्षिप्त तुलना
अब जरा यह सूची देखिए, जो साफ बताती है कि विकेटकीपर के तौर पर किसने सबसे अधिक शतक जमाए:
| रैंक | खिलाड़ी | विकेटकीपर के तौर पर शतक | कुल वनडे शतक | मैच |
|---|---|---|---|---|
| 1 | क्विंटन डिकॉक | 23 | 23 | 161 |
| 1 | कुमार संगाकारा | 23 | 25 | 404 |
| 2 | शाई होप | 19 | 19 | 148 |
| 3 | एडम गिलक्रिस्ट | 16 | 16 | 287 |
| 4 | जोस बटलर | 11 | 11 | 196 |
| 5 | एमएस धोनी | 10 | 10 | 350 |
| 5 | एबी डिविलियर्स (WK रहते हुए) | 10 | 25 | 228 |
इस सूची में डिकॉक जिस ऊँचाई पर पहुंचे हैं, वहाँ पहुँचने में बाकी खिलाड़ियों ने या तो दोगुना करियर खेला या अलग-अलग भूमिकाएँ निभाईं।
धोनी और डिविलियर्स दोनों के पास कुल शतक भले अधिक हों, लेकिन विकेटकीपर के तौर पर उनकी भूमिका सीमित रही—इसलिए यह तुलना डिकॉक की लगातार निभाई गई जिम्मेदारी का महत्व और बढ़ाती है।
डिकॉक की बल्लेबाजी—क्यों उन्हें रोकना मुश्किल रहता है?
भारत के खिलाफ यह नया शतक भी डिकॉक के इसी स्वाभाव का विस्तार था:
- शुरू में धैर्य
- बीच में गियर शिफ्ट
- और पारी के आखिरी हिस्से में विस्फोटक फिनिश
यह पारी साफ दिखाती है कि वह जब लय में होते हैं, तब गेंदबाज़ों को सिर्फ सर्वाइव करने की कोशिश करनी पड़ती है।
6 सिक्स और 8 चौके इस बात का सबूत थे कि डिकॉक सिर्फ रन नहीं बनाते—मैच की दिशा बदलते हैं।
शाई होप, गिलक्रिस्ट, बटलर—और अब डिकॉक की चुनौती
शाई होप की 19 शतकों वाली पोजिशन भी काबिल-ए-तारीफ है, और वह आधुनिक युग में वेस्टइंडीज बल्लेबाजी की रीढ़ बन चुके हैं।
गिलक्रिस्ट जैसा आक्रामक ओपनर—287 मैच में 16 शतक—एक पूरी पीढ़ी की बल्लेबाजी शैली को बदल गया।
बटलर की 11 शतकों वाली सूची भी इंग्लैंड के नए युग की ताकत दिखाती है।
लेकिन डिकॉक जिस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि यह सूची आने वाले वर्षों में नई ही शक्ल लेगी—और शीर्ष स्थान पर शायद सिर्फ एक ही नाम रह जाए।
धोनी और डिविलियर्स—कम शतक, लेकिन भूमिका अलग
यह तुलना कई बार गलत समझी जाती है।
धोनी और डिविलियर्स दोनों ही फिनिशर थे—ऐसी भूमिका जहाँ शतक कम लेकिन मैच जीतने वाले योगदान अधिक दिखाई देते हैं।
धोनी के 350 वनडे में 10 शतक इस बात का संकेत हैं कि टीम उनसे क्या चाहती थी—एंकर नहीं, क्लोज़र बनना।
डिविलियर्स के भी विकेटकीपर रहते हुए 10 शतक हैं, लेकिन कुल 25—यानि उन्होंने ज्यादातर समय फील्डर के तौर पर खेलते हुए टीम के लिए बड़े रन बनाए।
फिर भी, विकेटकीपरों की इस रेस में उनका निचले पायदान पर होना डिकॉक की सांख्यिकीय ताकत को और उजागर करता है।
क्या डिकॉक अब लीजेंड्स की कतार में?
वनडे क्रिकेट में 23 शतक किसी भी बल्लेबाज़ के लिए बड़ी उपलब्धि है, और विकेटकीपर के तौर पर तो यह खास तौर पर कठिन माना जाता है।
क्योंकि विकेटकीपिंग में:
- लगातार 100 ओवर तक crouch
- तेज़ प्रतिक्रियाएं
- मानसिक दबाव
- और फिर ओपनिंग बल्लेबाजी
ये संयोजन सिर्फ कुछ नामों ने इतना लंबे समय तक निभाया है—और डिकॉक उनमें अब शीर्ष पर खड़े हैं।
2025–26 तक वे यह रिकॉर्ड अकेले अपने नाम कर सकते हैं—और उसके बाद हर शतक इतिहास की किताब में नई लाइन जोड़ देगा।















