ENG – टी20 वर्ल्ड कप 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और इसी बीच इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पहली चाल चल दी है। 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में शुरू होने वाले टूर्नामेंट के लिए इंग्लैंड ने अपनी प्रोविजनल स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है।
यह फाइनल टीम नहीं है, लेकिन इशारे साफ हैं—इंग्लैंड इस बार भी खिताब बचाने नहीं, बल्कि दबदबा कायम रखने उतरेगा।
इस स्क्वॉड में निरंतरता है, जोखिम है और कुछ ऐसे फैसले भी हैं, जो आने वाले हफ्तों में बहस का विषय बन सकते हैं।
प्रोविजनल स्क्वॉड का मतलब क्या है?
आईसीसी के नियमों के मुताबिक, हर टीम को टूर्नामेंट शुरू होने से एक महीने पहले तक स्क्वॉड घोषित करना अनिवार्य होता है। इस डेडलाइन से पहले टीमें बिना किसी अनुमति के बदलाव कर सकती हैं। लेकिन जैसे ही डेडलाइन खत्म होती है, हर बदलाव के लिए आईसीसी की मंजूरी जरूरी हो जाती है।
इंग्लैंड ने जो टीम घोषित की है, वह प्रोविजनल है—यानी प्रदर्शन, फिटनेस और फॉर्म के आधार पर इसमें आगे फेरबदल संभव है। आईसीसी की आधिकारिक गाइडलाइंस में इस प्रक्रिया का जिक्र साफ तौर पर किया गया है।
हैरी ब्रूक पर भरोसा कायम
इंग्लैंड ने कप्तानी के मोर्चे पर कोई प्रयोग नहीं किया है। हैरी ब्रूक को कप्तान बनाए रखा गया है, जो बताता है कि बोर्ड उन्हें लॉन्ग-टर्म लीडर के तौर पर देख रहा है।
ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने आक्रामक क्रिकेट खेला है—कभी-कभी जरूरत से ज्यादा, लेकिन टी20 फॉर्मेट में यही उनका डीएनए है। भारत की सपाट पिचों और छोटे ग्राउंड्स पर उनकी सोच अहम साबित हो सकती है।
जोश टंग की एंट्री, एशेज का इनाम
इस स्क्वॉड का सबसे दिलचस्प नाम है—जोश टंग।
एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने वो किया, जो हर तेज गेंदबाज़ का सपना होता है।
- ऑस्ट्रेलिया में 15 साल बाद इंग्लैंड को टेस्ट जीत
- प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड
- कंगारू बल्लेबाज़ों पर लगातार दबाव
अब उसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें टी20 वर्ल्ड कप की प्रोविजनल टीम में मिला है। यह साफ संकेत है कि इंग्लैंड तेज़, उछाल और आक्रामकता के साथ भारत आने वाला है।
जोफ्रा आर्चर: नाम है, लेकिन अभी दूरी
स्क्वॉड में जोफ्रा आर्चर का नाम जरूर है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिलहाल कागज़ों तक सीमित है।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक—
- आर्चर को एशेज के तीसरे टेस्ट (एडिलेड) में बाईं तरफ चोट लगी थी
- वह इस वक्त इंग्लैंड की मेडिकल टीम के साथ रिहैब में हैं
- इसलिए वह श्रीलंका दौरे पर नहीं जाएंगे
लेकिन उन्हें प्रोविजनल स्क्वॉड में रखने का मतलब साफ है—अगर फिट हुए, तो आर्चर सीधे प्लेइंग इलेवन के दावेदार होंगे। ECB ने अपनी आधिकारिक अपडेट में यह स्थिति साफ की है।
इंग्लैंड की प्रोविजनल स्क्वॉड (15 खिलाड़ी)
| खिलाड़ी |
|---|
| हैरी ब्रूक (कप्तान) |
| रेहान अहमद |
| जोफ्रा आर्चर |
| टॉम बैंटन |
| जैकब बेथेल |
| जोस बटलर |
| सैम कुरेन |
| लियाम डॉसन |
| बेन डकेट |
| विल जैक्स |
| जेमी ओवरटन |
| आदिल राशिद |
| फिल साल्ट |
| जोश टंग |
| ल्यूक वुड |
इस लिस्ट में अनुभव और युवा जोश का संतुलन दिखता है। बटलर, राशिद और कुरेन जैसे खिलाड़ी बड़े मैचों के अभ्यस्त हैं, जबकि टंग और बेथेल जैसे नाम भविष्य की तरफ इशारा करते हैं।
भारत की पिचों के हिसाब से टीम
अगर इस स्क्वॉड को गौर से देखें, तो यह साफ दिखता है कि इंग्लैंड ने भारत की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर चयन किया है।
- दो क्वालिटी स्पिनर्स—आदिल राशिद और लियाम डॉसन
- ऑलराउंडर्स जो बैट और बॉल दोनों से असर डाल सकते हैं
- पावरप्ले में मारक बल्लेबाज़—बटलर, फिल साल्ट, डकेट
भारत में टी20 जीतने के लिए सिर्फ ताकत नहीं, स्मार्ट क्रिकेट चाहिए। इंग्लैंड उसी दिशा में जाता दिख रहा है।
ग्रुप मैच: मुंबई और कोलकाता की परीक्षा
इंग्लैंड अपने अभियान की शुरुआत वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई से करेगा—और यह आसान शुरुआत नहीं है।
इंग्लैंड के ग्रुप मैच
- इंग्लैंड vs नेपाल – रविवार, 8 फरवरी 2026 – वानखेड़े, मुंबई
- इंग्लैंड vs वेस्टइंडीज – बुधवार, 11 फरवरी 2026 – वानखेड़े, मुंबई
- बांग्लादेश vs इंग्लैंड – शनिवार, 14 फरवरी 2026 – ईडन गार्डन्स, कोलकाता
- इंग्लैंड vs इटली – सोमवार, 16 फरवरी 2026 – ईडन गार्डन्स, कोलकाता
वानखेड़े हाई-स्कोरिंग वेन्यू है, जबकि ईडन गार्डन्स में स्पिनर्स को मदद मिल सकती है। इंग्लैंड के लिए यह शेड्यूल बैलेंस्ड लेकिन चुनौतीपूर्ण है।
क्या अभी बदलाव संभव हैं?
बिल्कुल।
प्रोविजनल स्क्वॉड का मतलब यही है कि—
- अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है
- अगर फॉर्म अचानक गिरता है
- या कोई नया नाम उभरता है
तो इंग्लैंड डेडलाइन से पहले बदलाव कर सकता है। इसके बाद हर बदलाव के लिए आईसीसी की मंजूरी लेनी होगी, जैसा कि टूर्नामेंट नियमों में साफ लिखा है।
इरादे साफ रास्ता अभी खुला
इंग्लैंड की यह प्रोविजनल स्क्वॉड एक बात साफ कहती है—
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में वे प्रयोग नहीं, परफॉर्मेंस के भरोसे उतरेंगे।
- हैरी ब्रूक पर कप्तानी का भरोसा
- जोश टंग जैसे फॉर्म प्लेयर्स को इनाम
- आर्चर को फिटनेस के बावजूद नजरों में रखना
अब देखना दिलचस्प होगा कि फाइनल स्क्वॉड में कौन आता है और कौन बाहर होता है। लेकिन एक बात तय है—इंग्लैंड इस वर्ल्ड कप में हल्के में लेने वाली टीम नहीं है।















