England – नाजुक शुरुआत, कप्तान की सौम्य मुस्कान और फिर गेंदों की लगातार आवाज़—मंगलवार का सेमीफाइनल अंडर-19 वर्ल्ड कप की उस किस्म का मुकाबला था, जहां एक पारी पूरी कहानी बदल देती है।
कप्तान थॉमस रेव ने 110 रनों का शतक जड़कर इंग्लैंड को संकट से उबारा, ऑस्ट्रेलिया को 27 रनों से हराया और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, ओलिवर पीक का शतक भी हार नहीं टाल सका। क्रिकेट ने फिर याद दिलाया—कप्तानी पारी सिर्फ रन नहीं, दिशा तय करती है।
60/3 से 277/7: रेव की कप्तानी पारी
इंग्लैंड की शुरुआत लड़खड़ाई। 60 रन पर तीन विकेट—और ऑस्ट्रेलिया की पकड़ कसती दिखी। यहीं थॉमस रेव ने मोर्चा संभाला। 107 गेंदों में 14 चौके और एक छक्का—लेकिन आंकड़ों से ज़्यादा अहम था टेम्परामेंट। रेव ने जोखिम चुने, जल्दबाज़ी नहीं।
सेलेब फाल्कनर के साथ चौथे विकेट के लिए 135 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख पलट दिया। फाल्कनर के आउट होने और रेव के शतक के बाद रन-आउट—ये दोनों पल ऑस्ट्रेलिया के लिए उम्मीद जगाने वाले थे। आखिरी सात ओवरों में इंग्लैंड ने सिर्फ 40 रन जोड़े, पर तब तक स्कोर 277/7 तक पहुंच चुका था—इस पिच पर एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य।
| इंग्लैंड – प्रमुख बल्लेबाज़ | रन (गेंद) | 4s/6s |
|---|---|---|
| थॉमस रेव (कप्तान) | 110 (107) | 14/1 |
| सेलेब फाल्कनर | — | — |
| टीम स्कोर | 277/7 (50 ओवर) | — |
ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाज़ी: अंत में नियंत्रण, पर देर से
ऑस्ट्रेलिया ने डेथ ओवर्स में अनुशासन दिखाया। नादेन कूरे ने गेंद को टर्न कराया और 49 रन देकर दो विकेट लिए। हेडेन शिलर भी 31 रन पर दो विकेट के साथ प्रभावी रहे। लेकिन मिडिल ओवर्स में साझेदारी टूट न पाना भारी पड़ा।
| ऑस्ट्रेलिया – प्रमुख गेंदबाज़ | ओवर | रन | विकेट |
|---|---|---|---|
| नादेन कूरे | — | 49 | 2 |
| हेडेन शिलर | — | 31 | 2 |
278 का पीछा: पीक का शतक, लेकिन साथ नहीं मिला
लक्ष्य बड़ा था, पर ओलिवर पीक ने उसे छोटा करने की कोशिश की। कप्तान ने 100 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों को जिंदा रखा। नितेश सैमुअल (47) और आर्यन शर्मा (34) ने हाथ बंटाया, लेकिन निर्णायक साझेदारी नहीं बन सकी। एक छोर से रन आए, दूसरे से विकेट गिरते रहे—और यही अंतर बना।
इंग्लैंड की गेंदबाज़ी सामूहिक रही। सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मिंटो, मैनी लुम्स्डेन और राल्फी अल्बर्ट—चारों ने दो-दो विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रेलिया 47.3 ओवर में 250 पर सिमट गया।
| ऑस्ट्रेलिया – प्रमुख बल्लेबाज़ | रन |
|---|---|
| ओलिवर पीक (कप्तान) | 100 |
| नितेश सैमुअल | 47 |
| आर्यन शर्मा | 34 |
| इंग्लैंड – विकेट टेकर | विकेट |
|---|---|
| सेबेस्टियन मॉर्गन | 2 |
| जेम्स मिंटो | 2 |
| मैनी लुम्स्डेन | 2 |
| राल्फी अल्बर्ट | 2 |
टर्निंग पॉइंट्स: जहां मैच फिसला
पहला—60/3 पर रेव का टिकना। अगर यहां विकेट गिरता, इंग्लैंड 230–240 तक सिमट सकता था।
दूसरा—रेव-फाल्कनर की 135 रन की साझेदारी। यही नींव बनी।
तीसरा—पीक को साझेदारी न मिलना। शतक के बावजूद रन-रेट और विकेट्स का बैलेंस ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गया।
कप्तानी का फर्क
युवा क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है—कप्तानी सीखने की चीज़ है। लेकिन इस मैच में रेव ने लीड किया। फील्ड प्लेसमेंट्स सधे हुए, गेंदबाज़ों का रोटेशन समय पर, और खुद बैटिंग में जिम्मेदारी। दूसरी ओर, पीक की पारी शानदार थी, पर टीम-लेवल पर उसे समर्थन नहीं मिला।
फाइनल की तस्वीर
इंग्लैंड अब फाइनल में भारत बनाम अफगानिस्तान के दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा। फाइनल का दांव सिर्फ ट्रॉफी नहीं—यह संकेत भी है कि इंग्लैंड की अंडर-19 पाइपलाइन फिर से मजबूती पकड़ रही है।















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