Test – ब्रिस्बेन की गुलाबी शाम ने तीसरे दिन ऐसा करवट बदला कि डे-नाइट टेस्ट अचानक एकतरफा ढलान पर फिसलता दिखने लगा—और वह ढलान पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की तरफ झुकी है।
इंग्लैंड की दूसरी पारी शुरू तो तूफानी हुई, लेकिन जैसे ही पिंक बॉल की पुरानी धार रात के अंधेरे में जागी, कहानी पलट गई।
स्टंप्स पर स्कोर: 134/6, और अभी भी ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी की बढ़त से 43 रन पीछे।
गाबा का इतिहास खुद बयान करता है—यहां मैच हाथ में आते ही ऑस्ट्रेलिया उसे जाने नहीं देता। तीसरा दिन भी कोई अपवाद नहीं रहा।
ओपनिंग में धमाका, फिर ऑस्ट्रेलिया का जोरदार पलटवार
डिनर से पहले के 6 ओवर—इंग्लैंड ने 45 रन ठोक दिए। बल्ले पर गेंद आ रही थी, आउटफील्ड तेज था, और क्रॉली–डकेट की बॉडी लैंग्वेज साफ दिखा रही थी कि वे मुकाबले को बराबरी पर लाना चाहते हैं।
लेकिन स्कॉट बोलैंड ने जैसे ही गेंद हाथ में ली, पिच की रिद्म बदल गई।
पहली टर्निंग पॉइंट:
इंटरवल के ठीक बाद एक गेंद लो रखी, डकेट ने लाइन भांपी भी, पर गेंद उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा नीची रही—और स्टंप्स बिखर गए।
नेसर का डबल स्ट्राइक—क्रॉली और पोप दोनों आउट
क्रॉली (44) और पोप (26) दोनों एक अच्छी साझेदारी गढ़ रहे थे, रन भी तरलता से आ रहे थे। लेकिन माइकल नेसर ने अपने अंदाज़ी, शातिर लंबाई का इस्तेमाल कर दोनों को लगभग एक ही तरीके से आउट कर दिया—कैच-एंड-बोल्ड।
यहां मैच की गति फिर बदली। इंग्लैंड के चेहरे पर पहली बार दबाव दिखा।
रूट और ब्रूक भी नहीं बच पाए—स्टार्क और बोलैंड का मिलाजुला प्रहार
पहली पारी के शतकधारी जो रूट इस पारी में भी भरोसेमंद दिख रहे थे, लेकिन स्टार्क की एक उछलती, बाहर जाती गेंद ने उनकी रक्षात्मक मुद्रा को तोड़ दिया—स्लिप में कैच।
ब्रूक भी सेट होने से पहले ही बोलैंड की नकल-सीम गेंदबाज़ी के शिकार हो गए।
इसके बाद जेमी स्मिथ का विकेट गिरते ही इंग्लैंड 6 विकेट खो चुका था—और मैच का पलड़ा पूरी तरह कंगारुओं की तरफ।
आखिरी सत्र—हर गेंद पर खतरा
पहले दो दिन बल्लेबाज़ों को यह पिच गुलाबी गेंद की पुरानी हालत में काफी सपाट लगी थी।
लेकिन तीसरी रात?
गेंद:
- देर से स्विंग कर रही थी
- उछाल कभी अतिरिक्त, कभी नीची
- टेंपो पढ़ना लगभग नामुमकिन
इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी हर ओवर में टूटती दिखी।
ऑस्ट्रेलिया की पर्फेक्ट बॉलिंग कार्ड (दूसरी पारी)
| गेंदबाज़ | विकेट | स्पेल की खासियत |
|---|---|---|
| स्टार्क | 2 | रूट का बड़ा विकेट, लेफ्ट-आर्म एंगल खतरनाक |
| नेसर | 2 | लगातार दो कैच-एंड-बोल्ड, पेस में बेहतरीन बदलाव |
| बोलैंड | 2 | डकेट और ब्रूक—दोनों को टेस्ट-मैच स्किल से मात |
तीनों ने मिलकर इंग्लैंड को कभी सेट होने का मौका ही नहीं दिया।
इंग्लैंड की चुनौती अब बेहद कठिन
स्टंप्स तक: 134/6
बचे हुए विकेट: 4
बढ़त पाने के लिए जरूरी रन: 43
मैच में वापसी का प्रतिशत: लगभग प्रतीकात्मक।
अगर इंग्लैंड को कोई चमत्कार करना है, तो चौथे दिन सुबह पहला घंटा उन्हें ऐसे खेलना पड़ेगा जैसे यह पूरे टूर की आखिरी सांस हो।
लेकिन गाबा में सुबह की नई पिंक बॉल… यह काम लगभग असंभव बनाती है।
पिंक-बॉल टेस्ट का निर्णायक मोड़?
जी हाँ।
तीसरा दिन इस टेस्ट की असली दिशा तय कर गया।
और वह दिशा ऑस्ट्रेलिया के जश्न की ओर बढ़ती दिख रही है।















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