Ashes – मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर एशेज 2025-26 का बॉक्सिंग डे टेस्ट वैसे ही इंग्लैंड के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं चल रहा था। स्कोरबोर्ड, पिच और हालात—सब ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में। और अब इसमें एक और झटका जुड़ गया है।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए हैं, जिससे इंग्लिश खेमे की परेशानी और बढ़ गई है।
लगातार तीन टेस्ट हारने के बाद चौथे मैच में वापसी की उम्मीद कर रही इंग्लैंड की टीम के लिए यह खबर बेहद चिंताजनक है।
बॉक्सिंग डे टेस्ट के दूसरे दिन लगा झटका
चौथे टेस्ट के दूसरे दिन, जब ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी कर रहा था, तभी इंग्लैंड को यह झटका लगा। गस एटकिंसन ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के पहले सेशन में अपना पांचवां ओवर डाला और उसी ओवर के बाद उन्हें बाईं हैमस्ट्रिंग में तेज खिंचाव महसूस हुआ।
दर्द इतना था कि उन्होंने तुरंत अपनी जांघ पकड़ी और साफ दिख रहा था कि कुछ ठीक नहीं है। कुछ देर तक उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते देख उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद वह दोबारा गेंदबाज़ी करने नहीं लौटे।
बाहर जाने से पहले दिलाई अहम सफलता
चोटिल होने से पहले गस एटकिंसन ने इंग्लैंड के लिए दिन की सबसे अहम सफलता दिलाई। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के नाइटवॉचमैन स्कॉट बोलैंड को आउट किया, जिससे इंग्लैंड को दूसरी पारी में पहली सफलता मिली।
यानी चोट से पहले भी एटकिंसन अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, लेकिन दुर्भाग्य ने एक बार फिर इंग्लैंड का साथ नहीं दिया।
एशेज 2025-26 में इंग्लैंड के लिए फिटनेस बनी सबसे बड़ी समस्या
एशेज सीरीज में इंग्लैंड की परेशानी सिर्फ खराब प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही है। फिटनेस इस पूरी सीरीज की सबसे बड़ी कहानी बन चुकी है।
गस एटकिंसन इस सीरीज में चोटिल होने वाले इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज हैं।
इंग्लैंड के चोटिल तेज गेंदबाज
| खिलाड़ी | चोट | स्थिति |
|---|---|---|
| मार्क वुड | बायां घुटना | सीरीज से बाहर |
| जोफ्रा आर्चर | साइड स्ट्रेन | बाकी टेस्ट से बाहर |
| गस एटकिंसन | बाईं हैमस्ट्रिंग | चौथे टेस्ट में चोटिल |
लगातार तीन मुख्य तेज गेंदबाजों का बाहर होना किसी भी टीम के लिए बड़ा झटका होता है, और इंग्लैंड के लिए तो यह लगभग रीढ़ टूटने जैसा है।
जोफ्रा आर्चर की गैरमौजूदगी पहले ही भारी पड़ चुकी है
इससे पहले जोफ्रा आर्चर मांसपेशियों में खिंचाव के कारण एशेज के बाकी बचे दो टेस्ट मैचों से बाहर हो चुके थे। आर्चर की चोट इसलिए भी ज्यादा चिंता की वजह बनी, क्योंकि वह लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे थे।
पिछले चार वर्षों में आर्चर:
- पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर
- दाहिनी कोहनी की समस्या
- लगातार रिहैब
जैसी गंभीर दिक्कतों से जूझते रहे हैं।
फिर भी, इस एशेज में उन्होंने पर्थ, ब्रिस्बेन और एडिलेड टेस्ट में 80 ओवर गेंदबाज़ी करते हुए 27.11 की औसत से 9 विकेट लिए थे। उनके बाहर होने के बाद ही गस एटकिंसन को अंतिम एकादश में मौका मिला था।
मार्क वुड पहले ही हो चुके थे बाहर
इंग्लैंड को पहला झटका पर्थ टेस्ट में ही लग गया था, जब मार्क वुड अपने बाएं घुटने की पुरानी चोट के दोबारा उभरने के कारण सीरीज से बाहर हो गए थे। तेज रफ्तार से गेंदबाज़ी करने वाले वुड का बाहर होना इंग्लैंड की बाउंसर रणनीति पर सीधा असर डाल चुका है।
एटकिंसन की चोट इंग्लैंड के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक?
गस एटकिंसन इस वक्त इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक हैं। आर्चर और वुड के बाहर होने के बाद:
- नई गेंद की जिम्मेदारी
- लंबे स्पेल
- रिवर्स स्विंग की उम्मीद
सब कुछ एटकिंसन पर ही आ गया था।
अब अगर उनकी हैमस्ट्रिंग चोट गंभीर निकलती है, तो इंग्लैंड को न सिर्फ इस टेस्ट में, बल्कि सीरीज के आखिरी मुकाबले में भी बड़ा सिरदर्द झेलना पड़ सकता है।
मैच की स्थिति: इंग्लैंड पहले ही बैकफुट पर
मैच की बात करें तो हालात पहले से ही इंग्लैंड के खिलाफ हैं।
- पहले दिन दोनों टीमें ऑलआउट
- ऑस्ट्रेलिया – 152
- इंग्लैंड – 110
दूसरे दिन लंच तक:
- ऑस्ट्रेलिया – 98/6
- कुल बढ़त – 140 रन
जोश टंग ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर इंग्लैंड को मैच में बनाए रखा, लेकिन बल्लेबाज़ी की नाकामी और अब गेंदबाज़ों की चोट ने हालात और खराब कर दिए हैं।
आगे क्या करेगी इंग्लैंड?
अब सबकी निगाहें इंग्लैंड के मेडिकल अपडेट पर होंगी।
- हैमस्ट्रिंग स्कैन
- चोट की गंभीरता
- मैच में दोबारा लौटने की संभावना
लेकिन हैमस्ट्रिंग इंजरी आमतौर पर जल्दी ठीक होने वाली नहीं होती, खासकर तेज गेंदबाजों के लिए।
एशेज में इंग्लैंड की मुश्किलें खत्म नहीं हो रहीं
एशेज 2025-26 में इंग्लैंड के लिए हर दिन कोई न कोई नई परेशानी लेकर आ रहा है। पहले हार, फिर खराब बल्लेबाज़ी, अब तेज गेंदबाजों की चोटों की लिस्ट।
गस एटकिंसन का चोटिल होना इस बात का संकेत है कि इंग्लैंड की यह एशेज सिर्फ स्कोरलाइन के लिहाज से नहीं, बल्कि फिटनेस और गहराई की परीक्षा भी बन चुकी है।
अगर हालात नहीं बदले, तो मेलबर्न के बाद यह सीरीज इंग्लैंड के लिए सिर्फ हार की नहीं, बल्कि टूटे हुए सपनों और चोटों की कहानी बनकर रह जाएगी।















