BPL – मैनचेस्टर की अदालत ने मामला बंद किया, पीसीबी ने निलंबन हटाया—और अब हैदर अली फिर से प्रोफेशनल क्रिकेट में लौटने को तैयार हैं। लेकिन कहानी सिर्फ इतनी नहीं है। यह मामला बताता है कि पाकिस्तान क्रिकेट में अनुशासन, कानूनी प्रक्रियाओं और एनओसी राजनीति—तीनों की जकड़ कितनी गहरी है।
हैदर अली की वापसी—आरोप, निलंबन और फिर क्लीन चिट का पूरा चक्र
सितंबर में मैनचेस्टर पुलिस ने हैदर अली के खिलाफ बलात्कार के आरोपों की जांच बंद कर दी। पुलिस के अनुसार,
“न तो गिरफ्तारी का आधार था और न ही केस को अदालत भेजने के लिए पर्याप्त सबूत।”
यानी, कानूनी तौर पर हैदर अली पूरी तरह “not charged, not guilty” स्थिति में हैं।
लेकिन इसके बावजूद वे पिछले कुछ महीनों से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर थे—क्योंकि PCB ने जांच पूरी होने तक उन पर अस्थायी निलंबन लगाया था।
अब जबकि केस बंद हो चुका है, PCB ने निलंबन हटा दिया है और उन्हें NOC जारी कर दिया है, जिससे वे बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में खेल सकेंगे।
PCB की लिस्ट—कौन खेल सकता है, कौन नहीं?
पीसीबी ने BPL के लिए कुल 9 खिलाड़ियों को NOC दी है:
| खिलाड़ी | स्थिति |
|---|---|
| हैदर अली | निलंबन हटाया, NOC मिला |
| मोहम्मद नवाज | अनुमति |
| अबरार अहमद | अनुमति |
| साहबजादा फरहान | अनुमति |
| फहीम अशरफ | अनुमति |
| हुसैन तलत | अनुमति |
| ख्वाजा नफे | अनुमति |
| एहसानउल्लाह | अनुमति |
| उमर अकमल | NOC से इनकार |
सबसे दिलचस्प नाम—उमर अकमल। PCB ने उन्हें NOC नहीं दिया और अकमल ने तुरंत बोर्ड से लिखित स्पष्टीकरण मांग लिया। यह अपने आप में एक नया विवाद है, क्योंकि अकमल कई महीनों से घरेलू टीम में भी जगह पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
हैदर अली का मामला—कानूनी रूप से साफ, लेकिन करियर पर असर भारी
हैदर के साथ हुई घटना कुछ अहम बिंदु सामने लाती है:
- अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान आरोप लगना—टीम मैनेजमेंट के लिए संवेदनशील स्थिति
- PCB का तुरंत निलंबन—जो बताता है कि बोर्ड अब इमेज रिस्क नहीं लेना चाहता
- मामला बंद होने तक पूरी तरह क्रिकेट से दूर रहना
- NOC जारी होना यह संकेत देता है कि बोर्ड अब उन्हें क्लीन-स्टेट दे रहा है
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि करियर तुरंत पटरी पर लौट आएगा। पाकिस्तान टीम में बैटिंग स्लॉट पहले ही बहुत प्रतिस्पर्धी है—और लंबे गैप का असर T20 specialists पर तेज़ी से पड़ता है।
PCB क्यों सख्त हुआ?
PCB की तरफ से जो सूत्र बयान दे रहे हैं, उसका सार ये है:
“खिलाड़ियों को BPL में 23 जनवरी तक खेलने की इजाज़त दी गई है।”
मतलब बोर्ड ने सैन्य-शैली का tight timeline सेट किया है—किसी भी लीग, किसी भी फॉर्मेट में ‘अनियंत्रित availability’ का दौर खत्म किया जा रहा है।
इसके पीछे दो प्रमुख वजहें:
- पाक टीम की लगातार गिरती परफॉर्मेंस
- बोर्ड का यह मानना कि खिलाड़ी विदेश लीग में ज्यादा समय बिताकर PSL और राष्ट्रीय कैंप को नजरअंदाज कर रहे थे
उमर अकमल को NOC क्यों नहीं?
यह बड़ा सवाल है।
– फिटनेस विवाद
– अनुशासन के मामलों का लंबा इतिहास
– बोर्ड के साथ हाइ-टेंशन रिश्ता
– और टीम में फिट न बैठने वाला प्रोफाइल
ये सभी वजहें हो सकती हैं।
अकमल ने जैसे ही NOC रिजेक्ट की खबर पाई, उन्होंने PCB से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा—जो बताता है कि मामला अब यहीं नहीं रुकेगा।
पाकिस्तान क्रिकेट—कानूनी और प्रशासनिक उलझनें अभी खत्म नहीं
हैदर अली की वापसी PCB के लिए एक “क्लीन-अप” केस जैसा लग सकती है, लेकिन यह भी साफ दिखाता है कि:
– बोर्ड खिलाड़ियों की इमेज को लेकर बेहद संवेदनशील है
– कानूनी मामलों में ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ वाला स्टैंड ले रहा है
– लेकिन NOC politics अभी भी PCB का पुराना, unresolved अध्याय है
















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