Harbhajan : उस्मान तारिक पर हरभजन की बड़ी टिप्पणी

Atul Kumar
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Harbhajan

Harbhajan – कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह बाबर या सूर्या नहीं—उस्मान तारिक हैं। और इसी बीच पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने एक अलग ही एंगल पेश किया है। उनका मानना है कि अगर अभिषेक शर्मा पूरी तरह फिट हैं, तो भारत को पाकिस्तान के इस “अनोखे” स्पिनर से निपटने में मदद मिलेगी।

टी20 विश्व कप 2026 का यह मुकाबला वैसे ही हाई-वोल्टेज है, ऊपर से पिच धीमी और स्पिन-फ्रेंडली मानी जा रही है। ऐसे में तारिक का रोल अहम हो सकता है।

“स्टैंड एंड डिलीवर” सिर्फ स्टाइल नहीं, स्किल है

हरभजन सिंह ने पीटीआई से बातचीत में उस्मान तारिक के एक्शन और विविधताओं की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा:

“मैंने उन्हें ILT20 में गेंदबाजी करते देखा है। जब भी उन्हें सेमीफाइनल और फाइनल खेलने का मौका मिला, वह मैन ऑफ द मैच रहे। वह बाकी स्पिनरों से अलग हैं और उनके पास काफी वैरिएशन है।”

तारिक का “स्टैंड एंड डिलीवर” एक्शन—गेंद डालने से पहले हल्का ठहराव—बल्लेबाजों की टाइमिंग बिगाड़ सकता है। हरभजन ने साफ कहा:

“कोई भी खड़े होकर गेंद फेंक सकता है, लेकिन वैरिएशन होना जरूरी है, जो उनके पास है। बड़े मैदानों और धीमी पिचों पर उन्हें हिट करना आसान नहीं।”

प्रेमदासा की पिच पारंपरिक रूप से स्पिनरों की मदद करती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को धैर्य और योजना दोनों की जरूरत होगी।

क्यों अहम है अभिषेक की वापसी?

पेट के संक्रमण से उबरकर लौटे अभिषेक शर्मा पर खास नजर होगी। हरभजन का मानना है कि वह स्पिन के खिलाफ स्वाभाविक रूप से मजबूत खिलाड़ी हैं।

उन्होंने कहा:

“अभिषेक एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने दम पर मैच जिता सकते हैं। उनके पास हर तरह के शॉट हैं। कई बल्लेबाजों के पास सारे शॉट नहीं होते, लेकिन वह अलग हैं। वह पहली ही गेंद से हिट करते हैं और जब तक क्रीज पर रहते हैं, आक्रामक बने रहते हैं।”

दरअसल, अभिषेक की ताकत यही है—स्पिनरों पर दबदबा बनाना। अगर वह पावरप्ले में टिक गए, तो पाकिस्तान के स्पिन प्लान को झटका लग सकता है।

भारत बनाम तारिक: रणनीति क्या हो सकती है?

भारतीय बल्लेबाजों के सामने तीन प्रमुख चुनौतियां होंगी:

चुनौतीसंभावित समाधान
ठहराव वाला एक्शनगेंद की रिहाई पर नजर
स्लो पिचपैरों का इस्तेमाल
वैरिएशनजोखिम संतुलित रखना

हरभजन ने चेतावनी भी दी—
“जब आप किसी ऐसे गेंदबाज के खिलाफ खेल रहे हों जिसका पहले सामना नहीं किया हो, तो थोड़ा सतर्क रहना चाहिए।”

यानी शुरुआत में आक्रामकता से ज्यादा समझदारी जरूरी होगी।

माहौल पर नहीं, क्रिकेट पर ध्यान

इस मुकाबले से पहले राजनीतिक और प्रशासनिक अटकलें भी लगी थीं—मैच होगा या नहीं। लेकिन हरभजन ने साफ कहा:

“अब वह सब खत्म हो चुका है। ध्यान क्रिकेट पर होना चाहिए। भारत अच्छा खेलेगा, लेकिन पाकिस्तान भी मजबूत टीम है, खासकर इन परिस्थितियों में।”

उन्होंने हाथ मिलाने या औपचारिकताओं पर भी बेवजह बहस न करने की सलाह दी:

“किसी किताब में नहीं लिखा कि मैच के बाद हाथ मिलाना जरूरी है। क्रिकेट को क्रिकेट की तरह देखना चाहिए।”

यह बयान बताता है कि पूर्व खिलाड़ी खेल को खेल की तरह देखने की अपील कर रहे हैं—बिना अतिरिक्त भावनात्मक बोझ के।

मुकाबला कैसा हो सकता है?

प्रेमदासा की पिच धीमी रही तो स्पिन निर्णायक भूमिका निभाएगा। अगर भारत के टॉप ऑर्डर ने तारिक को शुरुआती ओवरों में ही निष्प्रभावी कर दिया, तो पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा।

लेकिन अगर तारिक ने पावरप्ले या मिडिल ओवर्स में विकेट निकाल लिए, तो कहानी बदल सकती है।

हरभजन सिंह की बातों में अनुभव झलकता है। वह जानते हैं कि अनजाने स्पिनर कितनी बड़ी चुनौती बन सकते हैं। लेकिन उन्हें भरोसा है कि अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक बल्लेबाज भारत को संतुलन देंगे।

अब सवाल यह है—क्या अभिषेक स्पिन पर हमला कर पाएंगे?
क्या तारिक की पहेली भारतीय बल्लेबाज सुलझा पाएंगे?

कोलंबो में जवाब मिलेगा।

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