Harleen – पिछले 24 घंटे हरलीन देओल के लिए किसी इमोशनल रोलरकोस्टर से कम नहीं रहे। एक दिन पहले तक वही बल्लेबाज़ बेंच पर बैठी थीं, आंखों में निराशा और चेहरे पर सवाल—और अगले ही दिन वही हरलीन बल्ला उठाकर मैदान पर उतरीं और जवाब ऐसा दिया कि मैदान, स्कोरबोर्ड और टीम मैनेजमेंट—तीनों चुप हो गए।
WPL 2026 में यूपी वॉरियर्स की यह कहानी सिर्फ एक पारी की नहीं है। यह भरोसे, फैसलों और खिलाड़ी के आत्मसम्मान की कहानी है।
जब अर्धशतक से पहले दिल टूट गया
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबला।
हरलीन देओल 36 गेंदों पर 47 रन बनाकर पूरी तरह सेट थीं। अर्धशतक बस कुछ शॉट दूर था। लेकिन तभी ड्रेसिंग रूम से इशारा आया—रिटायर्ड आउट।
कप्तान मेग लैनिंग का फैसला रणनीतिक था। सोच यह थी कि क्लो ट्रायोन जैसी पावर-हिटर को लाकर आखिरी ओवरों में तेजी लाई जाए। कागज़ पर प्लान सही था, लेकिन ज़मीन पर? पूरी तरह फ्लॉप।
हरलीन का चेहरा उतर गया। वह बिना कुछ कहे बाहर चली गईं। कैमरों ने सब कुछ देख लिया—वह निराशा, वह सवाल, वह टूटता हुआ मोमेंट।
और सबसे बड़ी बात—
यूपी वॉरियर्स आखिरी गेंद पर मैच हार गई।
उस दिन बहस सिर्फ हार की नहीं थी। सवाल यह था—
क्या हरलीन को सही समय पर हटाया गया?
या क्या एक सेट बल्लेबाज़ पर भरोसा नहीं दिखाया गया?
अगले दिन, वही हरलीन… लेकिन कहानी बदली हुई
क्रिकेट शायद इसी को कहते हैं—24 घंटे में सब कुछ पलट देना।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबला। लक्ष्य 162 रन। दबाव साफ था।
यूपी की शुरुआत ठीक रही, लेकिन फिर दो विकेट गिरे। मैच फिसल सकता था।
और यहीं से हरलीन देओल ने वो किया, जो बड़े खिलाड़ी करते हैं—चुपचाप, बल्ले से जवाब।
39 गेंदों में नाबाद 64 रन।
12 शानदार चौके।
स्ट्राइक रेट 164.10।
न कोई जल्दबाज़ी। न कोई गुस्सा। सिर्फ क्रिकेट।
साझेदारियां, जो भरोसे की कहानी कह गईं
हरलीन ने यह पारी अकेले नहीं खेली, लेकिन लय पूरी तरह उनके हाथ में थी।
– फोबे लिचफील्ड (25 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 73 रन
– फिर वही क्लो ट्रायोन, जिनके लिए एक दिन पहले हरलीन को बाहर किया गया था
– ट्रायोन के साथ 44 रन की अटूट साझेदारी
और ट्रायोन ने भी अपना काम किया—11 गेंदों में नाबाद 27 रन।
लेकिन फर्क साफ था—
इस बार हरलीन क्रीज पर थीं, और मैच पूरी तरह यूपी के कंट्रोल में था।
एक दिन पहले सवाल, आज वही जवाब
कल:
– स्ट्राइक रेट पर सवाल
– अर्धशतक से पहले बाहर
– टीम हारी
आज:
– नाबाद अर्धशतक
– मैच 18.1 ओवर में खत्म
– यूपी वॉरियर्स की पहली जीत
क्रिकेट इससे बेहतर स्क्रिप्ट शायद खुद भी न लिख पाए।
सिर्फ पारी नहीं, मैसेज था यह
हरलीन देओल की यह पारी सिर्फ 64 रन नहीं थी।
यह एक बयान था—
– कि वह पारी को संभाल सकती हैं
– कि वह जरूरत पड़ने पर आक्रामक भी हो सकती हैं
– और कि वह मैच फिनिश करना जानती हैं
कल कहा गया था कि वह धीमी हैं।
आज उन्होंने 164 के स्ट्राइक रेट से जवाब दिया।
टीम मैनेजमेंट के लिए भी एक सबक?
यह जीत सिर्फ दो पॉइंट्स की नहीं है।
यह एक रिमाइंडर भी है—
कभी-कभी डेटा से ज़्यादा ज़रूरी होता है
क्रीज पर खड़े खिलाड़ी का कॉन्फिडेंस।
मेग लैनिंग का फैसला कल रणनीतिक था, लेकिन आज हरलीन की पारी ने यह दिखा दिया कि हर सिचुएशन का जवाब सिर्फ पावर-हिटिंग नहीं होती।
स्कोर से आगे की कहानी
| मैच | प्रदर्शन |
|---|---|
| बनाम DC | 47 (36), रिटायर्ड आउट, हार |
| बनाम MI | 64* (39), जीत |
दो पारियां।
दो दिन।
और सोच पूरी तरह बदल गई।















