Amla – हाशिम अमला ने यह काम बिना किसी शोर-शराबे के किया, बिल्कुल अपने बल्लेबाजी अंदाज़ की तरह। न कोई लंबी सफाई, न विवाद पैदा करने वाली लाइन। बस अपनी ऑल-टाइम वनडे प्लेइंग इलेवन चुनी—और क्रिकेट फैंस को बहस का पूरा मसाला दे दिया। खास बात यह रही कि इस टीम में दुनिया भर के दिग्गजों के बीच भारत के तीन सबसे बड़े नामों को जगह मिली, जबकि खुद अमला ने अपने लिए कोई कुर्सी नहीं रखी।
ऑल-टाइम वनडे XI चुनना वैसे भी आसान काम नहीं होता। अलग-अलग दौर, अलग पिचें, अलग नियम। लेकिन अमला की टीम को देखकर एक बात साफ है—यह सिर्फ नामों की नहीं, बल्कि संतुलन और मैच जीतने की क्षमता वाली XI है।
तीन भारतीय, मजबूत रीढ़
अमला की टीम में भारत से चुने गए नाम हैं—सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और एमएस धोनी।
तीनों अलग-अलग पीढ़ियों के चेहरे, लेकिन वनडे क्रिकेट में एक जैसी छाप।
सचिन और कोहली—दो ऐसे बल्लेबाज़ जिन्होंने वनडे में रन बनाना आसान बना दिया।
एक ने शुरुआत की, दूसरे ने उसे नई ऊंचाई तक पहुंचाया।
वहीं एमएस धोनी को अमला ने सिर्फ विकेटकीपर के तौर पर नहीं, बल्कि एक फिनिशर और रणनीतिक दिमाग के रूप में शामिल किया है। बड़े मैचों में दबाव संभालने की उनकी कला आज भी बेंचमार्क मानी जाती है।
ओपनिंग से मिडिल ऑर्डर तक क्लास
अमला की XI की शुरुआत ही भारी है।
सचिन तेंदुलकर और एडम गिलक्रिस्ट—एक तरफ तकनीक और निरंतरता, दूसरी तरफ आक्रामकता और पावरप्ले का पूरा इस्तेमाल।
गिलक्रिस्ट को विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है, जिससे टीम को शुरुआत में ही बढ़त मिलती है।
इसके बाद आते हैं—
- ब्रायन लारा
- विराट कोहली
- एबी डिविलियर्स
यह ऐसा मिडिल ऑर्डर है जो हालात देखकर खेल सकता है और जरूरत पड़ने पर मैच को अकेले पलट भी सकता है। लारा की क्लास, कोहली की निरंतरता और डिविलियर्स की 360-डिग्री बल्लेबाजी—तीनों मिलकर किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए बुरा सपना हैं।
जैक कैलिस और धोनी: स्थिरता और फिनिश
जैक कैलिस इस टीम के इकलौते ऑलराउंडर हैं।
वह न सिर्फ बल्लेबाजी को गहराई देते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंद से भी योगदान कर सकते हैं।
धोनी का रोल बिल्कुल साफ है—
अंत के ओवर, मुश्किल हालात, और ठंडे दिमाग से फैसला।
यह वही कॉम्बिनेशन है जो बड़े टूर्नामेंट में टीमों को चैंपियन बनाता है।
गेंदबाजी: शायद अब तक का सबसे खतरनाक आक्रमण
अगर बल्लेबाजी डरावनी है, तो गेंदबाजी और भी ज्यादा।
अमला ने गेंदबाजी में चुना है—
- वसीम अकरम
- डेल स्टेन
- शेन वॉर्न
- मुथैया मुरलीधरन
रफ्तार, स्विंग, रिवर्स, स्पिन, गुगली—सब कुछ मौजूद है।
| गेंदबाज | खासियत |
|---|---|
| वसीम अकरम | लेफ्ट-आर्म स्विंग, रिवर्स |
| डेल स्टेन | कच्ची रफ्तार और आक्रामकता |
| शेन वॉर्न | लेग स्पिन मास्टरी |
| मुरलीधरन | ऑफ स्पिन की कला |
पाकिस्तान के अकरम से नई गेंद, स्टेन से मिड ओवर्स का दबाव और वॉर्न-मुरली की स्पिन जोड़ी—यह आक्रमण किसी भी कंडीशन में मैच निकाल सकता है।
खुद को बाहर रखना: अमला का अंदाज़
सबसे दिलचस्प बात यह है कि हाशिम अमला ने खुद को अपनी टीम में नहीं चुना।
जबकि उनका वनडे रिकॉर्ड किसी भी महान बल्लेबाज़ से कम नहीं रहा।
यह फैसला अमला की पर्सनैलिटी को भी दिखाता है—शांत, विनम्र और टीम को खुद से ऊपर रखने वाला।
पूरी XI एक नजर में
हाशिम अमला की ऑल-टाइम वनडे प्लेइंग XI:
सचिन तेंदुलकर
एडम गिलक्रिस्ट (विकेटकीपर)
ब्रायन लारा
विराट कोहली
एबी डिविलियर्स
जैक कैलिस
एमएस धोनी
वसीम अकरम
शेन वॉर्न
डेल स्टेन
मुथैया मुरलीधरन
बड़ी तस्वीर: यह टीम क्यों खास है?
यह XI सिर्फ स्टार पावर पर नहीं बनी है।
इसमें—
- टॉप ऑर्डर की स्थिरता
- मिडिल ऑर्डर की आक्रामकता
- डेथ ओवर्स की समझ
- और हर हालात में विकेट लेने वाली गेंदबाजी
सब कुछ मौजूद है।















