ICC – वनडे क्रिकेट में नंबर-1 बनना बड़ी बात है, लेकिन सालों तक उस कुर्सी पर टिके रहना उससे भी बड़ा इम्तिहान। यही वजह है कि जब आईसीसी वनडे रैंकिंग के इतिहास पर नज़र जाती है, तो कुछ ही नाम ऐसे मिलते हैं जिन्होंने वक्त, दबाव और फॉर्म—तीनों को मात दी है। उसी एलीट लिस्ट में एक बार फिर विराट कोहली का नाम चमक उठा है।
14 जनवरी को आईसीसी की ताज़ा वनडे रैंकिंग में विराट कोहली ने दोबारा नंबर-1 बल्लेबाज़ की कुर्सी हासिल कर ली। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में खेली गई 93 रनों की पारी ने साफ कर दिया कि किंग अभी भी सिंहासन के असली दावेदार हैं।
विव रिचर्ड्स: नंबर-1 रहने का सबसे लंबा राज
आईसीसी वनडे रैंकिंग में लगातार सबसे ज्यादा दिनों तक नंबर-1 बल्लेबाज़ रहने का रिकॉर्ड आज भी सर विवियन रिचर्ड्स के नाम है।
जनवरी 1984 से अक्टूबर 1988 तक
पूरे 1748 दिन
लगातार टॉप पर
यह वह दौर था जब रैंकिंग सिस्टम नया-नया था, लेकिन रिचर्ड्स का दबदबा इतना गहरा था कि चार साल से ज्यादा कोई उन्हें हिला नहीं पाया।
माइकल बेवन: शांत लेकिन खतरनाक चेज़ मास्टर
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज़ माइकल बेवन इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।
जनवरी 1999 से जुलाई 2002 तक
1259 दिन लगातार नंबर-1
बेवन का खेल दिखावटी नहीं था, लेकिन उनकी निरंतरता ने उन्हें सालों तक रैंकिंग के शिखर पर बनाए रखा।
विराट कोहली: आधुनिक युग का सबसे स्थिर नाम
तीसरे स्थान पर हैं विराट कोहली—और यह जगह यूं ही नहीं मिली।
अक्टूबर 2017 से अप्रैल 2021 तक
लगातार 1258 दिन
आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-1
सिर्फ एक दिन से माइकल बेवन से पीछे। और अब, 2025 में, कोहली ने फिर से वही ताज पहन लिया है।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वडोदरा वनडे में 93 रन,
28,000 इंटरनेशनल रन का आंकड़ा,
और फिर—रैंकिंग में वापसी।
डीन जोन्स और ब्रायन लारा: क्लासिक महान
ऑस्ट्रेलिया के डीन जोन्स
जनवरी 1990 से फरवरी 1993
1146 दिन नंबर-1
वहीं वेस्टइंडीज के जादुई बल्लेबाज़ ब्रायन लारा
मार्च 1996 से जनवरी 1999
1040 दिन टॉप पर रहे।
इन दोनों के खेल में आर्ट थी, टाइमिंग थी, और विरोधियों के लिए डर भी।
टॉप-5 बल्लेबाज़: लगातार नंबर-1 रहने के दिन
| रैंक | खिलाड़ी | देश | लगातार दिन |
|---|---|---|---|
| 1 | विव रिचर्ड्स | वेस्टइंडीज | 1748 |
| 2 | माइकल बेवन | ऑस्ट्रेलिया | 1259 |
| 3 | विराट कोहली | भारत | 1258 |
| 4 | डीन जोन्स | ऑस्ट्रेलिया | 1146 |
| 5 | ब्रायन लारा | वेस्टइंडीज | 1040 |
कोहली की वापसी क्यों खास है?
क्योंकि यह वापसी सिर्फ रैंकिंग की नहीं है—
यह भूख की वापसी है।
37 की उम्र में, सीमित फॉर्मेट खेलते हुए,
फिर से दुनिया के नंबर-1 बनना—यह आसान नहीं।
















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