Imad Wasim – पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के नए सीज़न से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ऑलराउंडर इमाद वसीम की पूर्व पत्नी सानिया अशफाक ने सोशल मीडिया पर पिछले 48 घंटों में कई पोस्ट साझा कर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप इतने संगीन हैं कि मामला अब निजी विवाद से आगे बढ़कर सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है।
सानिया ने इमाद को “कातिल” बताते हुए दावा किया है कि दिसंबर 2023 में उन्हें गर्भपात के लिए मजबूर किया गया और यह उनका अपना फैसला नहीं था। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से हस्तक्षेप की अपील की है।
फिलहाल, इन आरोपों पर इमाद वसीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या हैं आरोप?
सानिया अशफाक ने सोशल मीडिया पर तीन अलग-अलग पोस्ट में आरोप लगाए:
• दिसंबर 2023 में उन्हें जबरन गर्भपात के लिए मजबूर किया गया।
• इस दौरान उन्हें शारीरिक और भावनात्मक ट्रॉमा झेलना पड़ा।
• क्रिकेटर ने उन्हें कथित तौर पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।
• उनके पास आरोपों के समर्थन में वीडियो और व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट होने का दावा।
अपने एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “यह मेरा फैसला नहीं था… मुझे इस दौरान कोई सपोर्ट नहीं मिला।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य “इंतकाम नहीं, इंसाफ” है।
PSL ऑक्शन और बहिष्कार की अपील
विवाद उस समय और बढ़ गया जब हाल ही में हुए PSL ऑक्शन में इस्लामाबाद यूनाइटेड ने इमाद वसीम को 2.2 करोड़ पाकिस्तानी रुपये में खरीदा। ऑक्शन की तस्वीर शेयर करते हुए सानिया ने फ्रेंचाइज़ी के बहिष्कार की अपील की।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसी खिलाड़ी को मौका देना “नैतिक रूप से गलत” है।
तलाक और निजी पृष्ठभूमि
इमाद वसीम और सानिया अशफाक का तलाक दिसंबर 2025 में हुआ था। दोनों के रिश्ते में दरार की खबरें पहले भी आती रही थीं, लेकिन इस तरह के सार्वजनिक आरोप पहली बार सामने आए हैं।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि अभी तक आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या अदालत द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। मामला पूरी तरह आरोप-प्रत्यारोप के चरण में है।
कानूनी और नैतिक पहलू
यह मुद्दा दो स्तरों पर खड़ा है:
पहला — कानूनी।
अगर आरोप गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं, तो इसकी जांच संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए।
दूसरा — नैतिक।
खेल संगठनों के सामने सवाल उठता है कि क्या निजी विवादों के दौरान खिलाड़ी की पेशेवर स्थिति पर प्रभाव पड़ना चाहिए, और कब?
किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सामने आना जरूरी है। न्यायिक प्रक्रिया के बिना किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं माना जाता।
सोशल मीडिया ट्रायल बनाम कानूनी प्रक्रिया
पिछले कुछ वर्षों में खेल जगत में सोशल मीडिया आरोपों का चलन बढ़ा है। कई मामलों में जांच के बाद सच्चाई अलग निकली है, तो कुछ मामलों में आरोप साबित भी हुए हैं।
इस मामले में भी अभी सिर्फ एक पक्ष के दावे सार्वजनिक हैं।
इमाद वसीम या इस्लामाबाद यूनाइटेड की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।
यदि आरोप औपचारिक शिकायत में बदले जाते हैं, तो:
• PCB आचार संहिता के तहत आंतरिक जांच शुरू कर सकता है।
• कानूनी एजेंसियां मामले की जांच कर सकती हैं।
• PSL फ्रेंचाइज़ी अनुबंध पर पुनर्विचार कर सकती है।
फिलहाल, मामला सार्वजनिक चर्चा के दौर में है।
इमाद वसीम और सानिया अशफाक के बीच विवाद ने PSL से पहले एक गंभीर बहस छेड़ दी है। आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन अभी अप्रमाणित हैं।
कानून का सिद्धांत साफ है—दोष साबित होने तक व्यक्ति निर्दोष माना जाता है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या यह मामला कानूनी जांच तक पहुंचेगा और क्या PCB या संबंधित फ्रेंचाइज़ी कोई आधिकारिक कदम उठाएंगे।















