Gill : मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं – यहीं हारा भारत गिल

Atul Kumar
Published On:
Gill

Gill – राजकोट की रात में शोर था, लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम में खामोशी। स्कोरबोर्ड साफ बता रहा था कि भारत ने 284 रन बनाए, फिर भी मैच हाथ से फिसल गया।

शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में सात विकेट से हार झेलनी पड़ी—और यह हार सिर्फ स्कोर की नहीं, मिडिल ओवर्स की लड़ाई में मिली चूक की कहानी बन गई।

न्यूजीलैंड ने खराब शुरुआत के बाद जिस ठहराव और समझदारी से लक्ष्य हासिल किया, उसने भारतीय कैंप को सोचने पर मजबूर कर दिया। 15 गेंद शेष रहते जीत—और सीरीज़ अब 1-1 से बराबर।

मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं, यहीं टूटा मैच

मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने बिना लाग-लपेट के असली वजह बता दी।
“हम मिडिल ओवर्स में कोई विकेट नहीं ले पाए। सर्कल के अंदर पांच फील्डर होने के बावजूद जब विकेट नहीं मिलते, तो बहुत मुश्किल हो जाती है।”

गिल ने यहां तक कहा कि अगर भारत 15–20 रन और भी बना लेता, तब भी नतीजा शायद नहीं बदलता। यह बयान बताता है कि समस्या रन की नहीं, ब्रेकथ्रू की थी।

डेरिल मिचेल का मास्टरक्लास

न्यूजीलैंड की जीत की धुरी बने डेरिल मिचेल—और यह कोई सामान्य पारी नहीं थी।
117 गेंदों में नाबाद 131। दबाव में, धैर्य के साथ, और हर गैप का सही इस्तेमाल।

मिचेल को मिडिल ओवर्स में विल यंग का परफेक्ट साथ मिला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 162 रनों की साझेदारी की—ऐसी साझेदारी, जिसने मैच की दिशा बदल दी।

साझेदारीरनओवर
मिचेल–यंग (तीसरा विकेट)162मिडिल ओवर्स

यंग की 87 रन की ‘शांत’ पारी

विल यंग का 87 (98 गेंद) शायद शतक नहीं था, लेकिन यह पारी वही थी जो चेज़ में चाहिए होती है—रन-रेट कंट्रोल, जोखिम सीमित, और सेट बल्लेबाज़ को टिकने का वक्त।

गिल ने भी माना कि “जब पार्टनरशिप बन जाती है, तो सेट बल्लेबाज़ को बड़ी पारी खेलनी चाहिए”—न्यूजीलैंड ने वही किया।

भारत की बल्लेबाज़ी: राहुल का शतक, लेकिन…

भारत के 284 रन बेकार नहीं थे।
केएल राहुल ने 92 गेंदों में नाबाद 112 की शानदार पारी खेली, वहीं गिल ने 56 (53 गेंद) का योगदान दिया।

बल्लेबाज़रनगेंद
केएल राहुल112*92
शुभमन गिल5653

लेकिन कप्तान की बात में दम था—सेट बल्लेबाज़ से और बड़ा स्कोर चाहिए था। क्योंकि बाद में आने वालों के लिए पिच उतनी आसान नहीं रहती।

गेंदबाज़ी की शुरुआत ठीक, फिर पिच आसान

गिल का आकलन साफ था।
“शुरुआती 10–15 ओवर में गेंद अच्छा काम कर रही थी। उसके बाद पिच आसान हो गई। हम थोड़ा और साहस दिखा सकते थे।”

यहीं मैच फिसला। शुरुआती दबाव को मिडिल ओवर्स में विकेट में नहीं बदला गया—और न्यूजीलैंड ने इसे भुनाया।

फील्डिंग की चूक: मौके गए, कीमत चुकाई

भारत की फील्डिंग भी मददगार नहीं रही। कैच टपके, मौके हाथ से गए।
गिल ने स्वीकार किया—“अगर इस फॉर्मेट में मौके नहीं लेंगे, तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा।”

यह बात सीधी है। वनडे में एक कैच = एक विकेट = मैच की दिशा।

स्पिनर्स फिर फीके, कीवी बेहतर ढले

घरेलू हालात में भी भारतीय स्पिन असर नहीं छोड़ सका। इसके उलट, राजकोट की स्पिन-फ्रेंडली पिच पर न्यूजीलैंड ने खुद को बेहतर ढंग से ढाला—लेंथ, स्वीप, रिवर्स—सब कुछ सधा हुआ।

स्कोरकार्ड स्नैपशॉट

टीमस्कोरनतीजा
भारत284हार
न्यूजीलैंड285/3जीत (15 गेंद शेष)

आगे क्या? इंदौर में निर्णायक जंग

अब सब कुछ इंदौर (18 जनवरी) पर टिका है। होलकर की पिच आमतौर पर रन देती है, लेकिन वहां भी मिडिल ओवर्स में विकेट ही कुंजी रहेंगे। भारत को साहस दिखाना होगा—बॉलिंग में भी, फील्डिंग में भी।

रन नहीं, विकेट की कहानी

राजकोट ने साफ संदेश दिया—
284 पर्याप्त हो सकते हैं, अगर मिडिल ओवर्स में विकेट मिलें।
न्यूजीलैंड ने साझेदारी से मैच निकाला, भारत ने मौके गंवाए।

इंदौर में जवाब चाहिए—और वह जवाब सिर्फ स्कोर से नहीं, ब्रेकथ्रू से आएगा।

टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Follow Us On