IND vs NZ – रायपुर की रात ईशान किशन के लिए सिर्फ एक मैच नहीं थी, यह वापसी की परीक्षा थी। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे इस विस्फोटक बल्लेबाज़ पर सबकी निगाहें थीं—चयनकर्ताओं की भी, कप्तान की भी और शायद खुद उनकी भी।
209 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए जब भारत 6/2 पर लड़खड़ा गया, तब यही लगा कि अब असली इम्तिहान शुरू हुआ है। और यहीं से ईशान किशन ने वो पारी खेली, जिसने सारी चर्चाओं की दिशा बदल दी।
बैकअप से प्लेइंग XI तक का सफर
IND vs NZ टी20 सीरीज़ से पहले ईशान किशन की भूमिका बिल्कुल साफ थी—बैकअप ओपनर और विकेटकीपर। वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह मिली, लेकिन शुरुआती प्लेइंग XI में उनका नाम तय नहीं था।
फिर कहानी ने मोड़ लिया।
तिलक वर्मा की चोट ने ईशान के लिए दरवाज़ा खोला और उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने का मौका मिला। पहला टी20 कुछ खास नहीं रहा। नागपुर में जल्दी आउट होना उस पुराने डर को वापस ले आया—“क्या मौका हाथ से निकल जाएगा?”
रायपुर में जवाब मिला—ज़ोरदार और साफ।
6/2 से 209 तक: जहां किशन ने मैच पलटा
209 रन का लक्ष्य।
संजू सैमसन आउट।
अभिषेक शर्मा आउट।
स्कोर 6/2 था और दबाव पूरी तरह भारत पर। नंबर 3 पर आए ईशान किशन ने एक पल भी गंवाए बिना अपने इरादे जाहिर कर दिए। गेंद देखने की कोशिश, फील्ड पढ़ना और फिर वही अंदाज़—आक्रमण।
- 32 गेंद
- 76 रन
- 11 चौके
- 4 छक्के
यह सिर्फ तेज़ रन नहीं थे, यह आत्मविश्वास की वापसी थी।
पावरप्ले में क्यों मचाया कोहराम?
ईशान किशन ने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया—वो भी पावरप्ले के अंदर। बाद में उन्होंने खुद इसका राज खोला।
मैच के बाद उनसे मज़ाकिया अंदाज़ में पूछा गया—
“आज लंच में क्या खाया था?”
ईशान मुस्कराए और बोले,
“लंच में कुछ खास नहीं था। नॉर्मल खाना। असल बात ये थी कि मैं बहुत अच्छे माइंडसेट में था। जब आपको लगता है कि आप अच्छी बैटिंग कर रहे हैं, तो आपको बस बॉल को देखना और सही शॉट खेलना होता है।”
यानी कोई जादुई डाइट नहीं—सिर्फ सही दिमाग़ी हालत।
रिस्क नहीं, समझदारी वाली आक्रामकता
ईशान की पारी की खास बात यह थी कि वह बेतहाशा नहीं थी। उन्होंने खुद बताया—
“हम रिस्क नहीं लेना चाहते थे। क्रॉस-बैटेड शॉट नहीं खेलना चाहते थे। लेकिन पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन बनाना जरूरी था, खासकर जब आप 200 से ज्यादा का लक्ष्य चेज कर रहे हों।”
यही आधुनिक टी20 की सोच है—
कैल्कुलेटेड अटैक।
ईशान ने दिखा दिया कि आक्रामक होना मतलब गैर-जिम्मेदार होना नहीं होता।
सूर्या के साथ साझेदारी: यहीं खत्म हुआ मैच
ईशान किशन की पारी को असली धार मिली कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ।
तीसरे विकेट के लिए:
49 गेंदों में 122 रन।
इस साझेदारी के दौरान न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ पूरी तरह बैकफुट पर चले गए। फील्ड बदली, गेंद बदली, लेकिन रन रुकने का नाम नहीं लिया। यही वो फेज़ था, जहां 209 का लक्ष्य छोटा लगने लगा।
दो साल तीन महीने का इंतज़ार खत्म
ईशान किशन की यह पारी इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके पीछे का दौर आसान नहीं रहा।
- 2024 में BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर
- मानसिक थकान का हवाला
- घरेलू क्रिकेट से दूरी
- चयनकर्ताओं की नाराज़गी
करीब 2 साल 3 महीने बाद टी20 इंटरनेशनल में वापसी—और सीधे ऐसे बड़े मंच पर प्रदर्शन।
वर्ल्ड कप प्लान और नंबर 3 की भूमिका
कप्तान सूर्यकुमार यादव पहले ही साफ कर चुके हैं कि
टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए ईशान किशन नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी करेंगे।
रायपुर में ईशान ने इस रोल की परफेक्ट झलक दी—
- पावरप्ले में रन
- दबाव में आक्रमण
- और मैच खत्म करने की क्षमता
सीरीज़ में भारत 2-0 से आगे
रायपुर में जीत के साथ भारत ने
5 मैचों की सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है।
अब तीसरा टी20
25 जनवरी, गुवाहाटी में खेला जाएगा।
भारत अगर वह मैच जीतता है, तो सीरीज़ लगभग तय मानी जाएगी।















