Spell – रायपुर की पिच पर जैसे ही आख़िरी ओवर खत्म हुआ, स्कोरबोर्ड ने एक बात साफ़ कर दी—न्यूज़ीलैंड बिना किसी शतक या अर्धशतक के 200 के पार निकल चुका था। 208/6 का स्कोर टी20 में सिर्फ बल्लेबाज़ों की आक्रामकता का नतीजा नहीं होता, यह अक्सर गेंदबाज़ी की चूक भी बताता है। और इस मुकाबले में भारत के लिए वही कहानी लिखी गई—अर्शदीप सिंह के नाम।
बाएं हाथ के इस तेज़ गेंदबाज़ ने अपने चार ओवरों में 53 रन लुटाए, बिना एक भी विकेट लिए। आंकड़ा देखने में जितना भारी लगता है, मैदान पर वह उससे कहीं ज़्यादा दर्दनाक था।
शुरुआत से ही अर्शदीप निशाने पर
मैच की पहली ही गेंदों से न्यूज़ीलैंड के सलामी बल्लेबाज़ों ने संदेश दे दिया था कि आज वे किसी को बख्शने के मूड में नहीं हैं।
डेवोन कॉनवे और टिम सीफर्ट ने अर्शदीप के खिलाफ खुलकर हाथ खोले।
पहला ओवर—18 रन
दूसरा ओवर—18 रन
यानि पावरप्ले की लय वहीं टूट गई। स्विंग नहीं, लेंथ भटकी हुई और फील्डिंग भी दबाव में। अर्शदीप की ताकत मानी जाने वाली नई गेंद आज बिल्कुल साथ नहीं दे रही थी।
बीच में स्पिनरों ने रोकी रफ्तार, लेकिन…
मिडिल ओवर्स में भारतीय स्पिनरों ने मैच में वापसी की कोशिश ज़रूर की। रन गति थोड़ी थमी, विकेट भी गिरे।
लेकिन टी20 में कहानी अक्सर आख़िरी दो ओवर लिखते हैं।
और वहीं अर्शदीप फिर सामने थे।
20वां ओवर: जहां सब बिखर गया
20वें ओवर में अर्शदीप ने जो किया, उसने पूरे स्पेल पर मुहर लगा दी—17 रन।
इस ओवर में
- जाकरी फॉल्क्स का एक छक्का
- एक चौका
- और 4 रन बाई के रूप में
यह सिर्फ रन नहीं थे, यह कंट्रोल का पूरी तरह छूट जाना था।
अर्शदीप का इकोनॉमी रेट—13.25।
और यही वह फर्क था, जिसने न्यूज़ीलैंड को बिना किसी व्यक्तिगत बड़े स्कोर के 208 तक पहुंचा दिया।
पहली बार नहीं, पैटर्न बनता जा रहा है
यह प्रदर्शन कोई अपवाद नहीं रहा।
अर्शदीप सिंह का नाम अब टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के सबसे महंगे गेंदबाज़ों की सूची में बार-बार दिखने लगा है।
उनका सबसे खराब स्पेल 2022 में गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था—62 रन।
दिसंबर 2025 में भी उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 54 रन खर्च किए थे।
और अब रायपुर में 53 रन।
यह आंकड़े एक सवाल खड़ा करते हैं—क्या डेथ ओवर्स में अर्शदीप की भूमिका भारत के लिए खतरा बनती जा रही है?
भारत के सबसे महंगे टी20I स्पेल्स: एक नज़र
| रैंक | गेंदबाज़ | रन | विरोधी | स्थान | वर्ष |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | प्रसिद्ध कृष्णा | 68 | ऑस्ट्रेलिया | गुवाहाटी | 2023 |
| 2 | युजवेंद्र चहल | 64 | दक्षिण अफ्रीका | सेंचुरियन | 2018 |
| 3 | अर्शदीप सिंह | 62 | दक्षिण अफ्रीका | गुवाहाटी | 2022 |
| 4 | जोगिंदर शर्मा | 57 | इंग्लैंड | डरबन | 2007 |
| 5 | दीपक चाहर | 56 | वेस्टइंडीज | हैदराबाद | 2019 |
| 6 | उमरान मलिक | 56 | इंग्लैंड | नॉटिंघम | 2022 |
| 7 | क्रुणाल पांड्या | 55 | ऑस्ट्रेलिया | ब्रिस्बेन | 2018 |
| 8 | आवेश खान | 55 | अफगानिस्तान | बेंगलुरु | 2024 |
| 9 | अर्शदीप / अन्य | 54 | – | – | – |
| 10 | अर्शदीप / सिराज / शमी सहित | 53 | – | रायपुर | 2026 |
डेथ ओवर्स: भारत की पुरानी कमजोरी
भारत लंबे समय से डेथ ओवर्स की गेंदबाज़ी से जूझता रहा है।
जहां जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज़ उपलब्ध नहीं होते, वहां जिम्मेदारी अर्शदीप जैसे खिलाड़ियों पर आती है।
लेकिन समस्या यही है—
- यॉर्कर मिस
- स्लोअर बॉल पढ़ ली जाती है
- फुल टॉस और स्लॉट बॉल
आज न्यूज़ीलैंड ने इन्हीं गलतियों को बेरहमी से भुनाया।
बिना अर्धशतक के 200+ : यह कैसे हुआ?
यह आंकड़ा अपने आप में चौंकाने वाला है।
न्यूज़ीलैंड की ओर से कोई भी बल्लेबाज़ 50 तक नहीं पहुंचा, फिर भी स्कोर 208।
इसका मतलब साफ है—
- हर बल्लेबाज़ ने 15–25 रन तेज़ी से बनाए
- किसी एक ओवर में बहुत ज़्यादा रन आए
- गेंदबाज़ों को लगातार दबाव में रखा गया
और अर्शदीप के ओवरों ने यही संतुलन बिगाड़ा।
क्या यह चिंता की बात है?
बिल्कुल।
खासतौर पर तब, जब भारत बड़े टूर्नामेंट्स में
पहले गेंदबाज़ी या टारगेट डिफेंड करने की रणनीति अपनाता है।
डेथ ओवर्स में अगर 15–18 रन का ओवर आम हो जाए, तो कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं रहता।
अर्शदीप के लिए आगे क्या?
अर्शदीप सिंह अब भी टैलेंटेड गेंदबाज़ हैं—इसमें कोई शक नहीं।
स्विंग, एंगल और बाएं हाथ का वैरिएशन आज भी उनकी ताकत है।
लेकिन इस तरह के स्पेल यह याद दिलाते हैं कि
टी20 में मार्जिन ऑफ एरर ज़ीरो के करीब होता है।
अब सवाल यही है—
क्या टीम मैनेजमेंट उन्हें लगातार डेथ ओवर्स देगा?
या रोल में बदलाव देखने को मिलेगा?















