IND vs PAK – कोलंबो की उमस भरी रात, भरे हुए स्टैंड्स और भारत-पाकिस्तान का वही पुराना दबाव। लेकिन इस बार कहानी एकतरफा रही। टी-20 विश्व कप 2026 के महा-मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर न सिर्फ सुपर 8 का टिकट पक्का किया, बल्कि इतिहास में अपनी 8वीं विश्व कप जीत भी दर्ज कर ली। और इस जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव का चेहरा सब कुछ कह रहा था—संतोष, आत्मविश्वास और थोड़ी सी गर्व भरी मुस्कान।
ईशान ने जिम्मेदारी ली – सूर्या
मैच के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में कप्तान सूर्या ने सबसे पहले ईशान किशन का नाम लिया। 40 गेंदों में 77 रन—10 चौके, 3 छक्के—और वह भी तब जब शुरुआती झटका लग चुका था।
सूर्या ने कहा,
“बिना किसी स्कोर के एक विकेट गिर जाने के बाद इस तरह की बल्लेबाजी करना अद्भुत था। किसी ना किसी को जिम्मेदारी लेनी ही थी और जिस तरीके से ईशान ने ली, वह शानदार था।”
उन्होंने खास तौर पर ईशान की “आउट ऑफ बॉक्स” सोच की तारीफ की।
“उसने कुछ हटकर सोचा। उसी ने हमें मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचाया।”
दरअसल, पावरप्ले में जिस तरह ईशान ने स्पिनरों पर हमला किया और पेस के खिलाफ गैप्स निकाले, उससे पाकिस्तान की रणनीति बिखर गई।
175 रन—क्या था सही स्कोर?
भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए। पहली पारी में स्कोर सेट करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है—ओस का अंदेशा, लाइट्स के नीचे पिच का व्यवहार, सब कुछ अनिश्चित।
सूर्या ने इस पर खुलकर बात की:
“पहले बल्लेबाजी करते समय कहना मुश्किल होता है कि कितना टारगेट सही रहेगा। लेकिन हमें लगा कि हम औसत से 15 रन ज्यादा बना चुके थे। 155 का स्कोर मैच को रोमांचक बना सकता था।”
यह बयान बताता है कि टीम ड्रेसिंग रूम में 170+ को ‘सेफ जोन’ मान रही थी।
टीम का “ब्रांड क्रिकेट”
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि टीम ने वही ब्रांड का क्रिकेट खेला, जो वह खेलना चाहती है—आक्रामक, निडर और सकारात्मक।
| पहलू | भारत का प्रदर्शन |
|---|---|
| पावरप्ले | आक्रामक शुरुआत |
| मिडिल ओवर्स | रन रेट कायम |
| डेथ ओवर्स | तेज फिनिश |
| गेंदबाजी | लगातार दबाव |
गेंदबाजों पर भी कप्तान ने खुलकर तारीफ की:
“गेंद से सभी का योगदान देखना बहुत अच्छा लगा।”
बुमराह की सटीकता, हार्दिक की ऊर्जा, वरुण की मिस्ट्री—सबने मिलकर पाकिस्तान को 114 पर समेट दिया।
सुपर 8 की ओर
इस जीत के साथ भारत सुपर 8 में पहुंच चुका है। वेस्टइंडीज पहले ही क्वालीफाई कर चुकी थी। ग्रुप स्टेज का एक मुकाबला बाकी है, लेकिन टीम की नजर अब अगले चरण पर है।
सूर्या ने आगे की योजना पर कहा:
“हम वापस जाएंगे, एक टीम के रूप में अच्छा समय बिताएंगे और फिर अहमदाबाद के लिए उड़ान भरते समय बाकी मैचों के बारे में सोचेंगे।”
यह बयान साफ करता है—टीम जल्दबाजी में नहीं है। प्रक्रिया पर भरोसा है।
कप्तान का आत्मविश्वास
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम की बॉडी लैंग्वेज बदली हुई दिख रही है। वह जोखिम लेने से नहीं डरते। और जब टीम का ओपनर 77 ठोक दे, तो कप्तान का सीना चौड़ा होना लाजिमी है।
भारत-पाक मुकाबले में 61 रन का अंतर छोटा नहीं होता। यह सिर्फ दो अंक नहीं, मनोवैज्ञानिक बढ़त भी है।















