IND vs SA – धर्मशाला की ठंडी शाम, हाई-स्कोरिंग पिच और सीरीज़ का सबसे नाज़ुक मोड़—IND vs SA तीसरा T20I सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि दोनों टीमों की सोच की असली परीक्षा है। 1-1 से बराबर पांच मैचों की सीरीज़ में आज जो टीम जीतेगी, वह सिर्फ बढ़त नहीं बनाएगी, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त भी हासिल करेगी।
लेकिन असली सवाल मैदान से पहले ड्रेसिंग रूम में है।
और वह सवाल घूमकर आकर टिकता है—संजू सैमसन पर।
धर्मशाला फैक्टर: रन चाहिए, रन चाहिए
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच एक पैटर्न पर चलती है।
नई गेंद के साथ शुरुआती 3–4 ओवर गेंदबाज़ों के लिए मददगार, लेकिन जैसे ही बल्लेबाज़ सेट हुआ—रोकना मुश्किल।
यही वजह है कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर आज ऐसे बल्लेबाज़ों को तरजीह दे सकते हैं, जो:
– दबाव में बड़े शॉट खेल सकें
– रनरेट को ऊपर रख सकें
– और 180+ स्कोर को वास्तविक बना सकें
यहीं से संजू सैमसन की एंट्री का तर्क मज़बूत होता है।
शुभमन गिल पर सवाल: कब आएगी बड़ी पारी?
टी20 टीम के उप-कप्तान शुभमन गिल का नाम अभी भी प्लेइंग XI में है, लेकिन आंकड़े उनके पक्ष में नहीं बोल रहे।
2025 में गिल के T20I आंकड़े:
– मैच: 14
– रन: 263
– औसत: 23.90
– स्ट्राइक रेट: 142.93
– लगातार पारियां बिना 50: 17
स्ट्राइक रेट ठीक है, लेकिन ओपनर से जो मैच-डिफाइनिंग पारी चाहिए, वह अब तक नहीं आई।
अगर आज भी गिल नाकाम रहते हैं, तो उनकी जगह पर बहस और तेज़ हो जाएगी।
संजू सैमसन कहां फिट होंगे?
जब तक गिल प्लेइंग XI में हैं, संजू सैमसन ओपनिंग के दावेदार नहीं बन सकते।
ऐसे में उनके लिए दो ही रास्ते बचते हैं:
– मिडिल ऑर्डर में आक्रामक रोल
– या फिनिशर की भूमिका
धर्मशाला जैसे मैदान पर दूसरा विकल्प ज्यादा प्रैक्टिकल लगता है।
शिवम दुबे बनाम संजू सैमसन: सीधा मुकाबला
अगर सैमसन को मौका मिलता है, तो सबसे बड़ा सवाल—किसकी जगह?
नज़रें सीधे शिवम दुबे पर जाती हैं।
शिवम दुबे (2025 T20):
– मैच: 15
– रन: 171
– बल्ले से प्रभाव: सीमित
– विकेट: 11
दुबे गेंद से योगदान दे रहे हैं, लेकिन धर्मशाला में आज बोर्ड पर रन ज्यादा अहम हो सकते हैं।
ऐसे में टीम मैनेजमेंट एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ के साथ जाना पसंद कर सकता है।
भारत की संभावित Playing XI (3rd T20I)
| क्रम | खिलाड़ी |
|---|---|
| 1 | अभिषेक शर्मा |
| 2 | शुभमन गिल |
| 3 | सूर्यकुमार यादव (कप्तान) |
| 4 | तिलक वर्मा |
| 5 | हार्दिक पंड्या |
| 6 | संजू सैमसन |
| 7 | जितेश शर्मा (विकेटकीपर) |
| 8 | वॉशिंगटन सुंदर |
| 9 | अर्शदीप सिंह |
| 10 | अक्षर पटेल |
| 11 | जसप्रीत बुमराह |
यह XI बल्लेबाज़ी में गहराई भी देती है और डेथ ओवर्स में विकल्प भी।
दक्षिण अफ्रीका की सोच: पावर और पेस
साउथ अफ्रीका की ताकत वही पुरानी—पावर हिटिंग + तेज़ गेंदबाज़ी।
धर्मशाला में नई गेंद से उनके पेसर्स मैच पलट सकते हैं।
साउथ अफ्रीका की संभावित XI
| क्रम | खिलाड़ी |
|---|---|
| 1 | क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर) |
| 2 | एडेन मार्कराम (कप्तान) |
| 3 | ट्रिस्टन स्टब्स |
| 4 | डेवाल्ड ब्रेविस |
| 5 | डेविड मिलर |
| 6 | डोनोवन फरेरा |
| 7 | जॉर्ज लिंडे |
| 8 | मार्को यानसन |
| 9 | एनरिक नॉर्टजे / कॉर्बिन बॉश |
| 10 | ओटनील बार्टमैन |
| 11 | लुंगी एनगिडी |
मैच की चाबी: पहले 6 ओवर
इस मैच का पूरा खेल पावरप्ले में छिपा है।
– अगर भारत शुरुआती विकेट बचा लेता है → 190+ संभव
– अगर साउथ अफ्रीका ने नई गेंद से स्ट्राइक कर दी → दबाव भारत पर
और ऐसे मैचों में अक्सर एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ ही फर्क पैदा करता है।
निष्कर्ष: फैसला सिर्फ नाम का नहीं
संजू सैमसन को खिलाना सिर्फ एक खिलाड़ी को मौका देना नहीं है—
यह फैसला बताएगा कि भारत आज सेफ बैलेंस चाहता है या हाई-स्कोरिंग इंटेंट।
धर्मशाला में आज रन बनेंगे।
सवाल सिर्फ इतना है—किसके बल्ले से?















R Ashwin : अश्विन की अनोखी सलाह – उस्मान तारिक की लय कैसे तोड़े भारत?