IND vs USA – मुश्किल वक्त में बड़े खिलाड़ी की पहचान होती है, और शनिवार की रात वानखेड़े में सूर्यकुमार यादव ने वही किया। चारों तरफ विकेट गिर रहे थे, स्कोरबोर्ड दबाव में था और सामने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला मुकाबला।
ऐसे हालात में भारतीय कप्तान ने 49 गेंदों पर नाबाद 84 रन ठोककर न सिर्फ पारी संभाली, बल्कि इतिहास के पन्नों में भी अपनी जगह और मजबूत कर ली।
अमेरिका के खिलाफ इस मुकाबले में सूर्या की पारी सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं थी। यह जिम्मेदारी, मैच अवेयरनेस और कप्तानी के दबाव के बीच संतुलन साधने का नमूना थी।
संकट में कप्तान की पारी
भारत की शुरुआत इस मैच में लड़खड़ाती हुई रही। दूसरे ओवर में ही अभिषेक शर्मा गोल्डन डक पर लौट गए। इसके बाद ईशान किशन (20) और तिलक वर्मा (25) ने कुछ देर टिकने की कोशिश की, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। शिवम दुबे खाता तक नहीं खोल पाए, जबकि रिंकू सिंह (6) और हार्दिक पांड्या (6) भी जल्दी पवेलियन लौट गए।
एक समय भारत का स्कोर 77 रन पर 6 विकेट था। वानखेड़े की पिच बल्लेबाजी के लिए ठीक थी, लेकिन मानसिक दबाव पूरी तरह भारत के पाले में चला गया था। वहीं से सूर्यकुमार यादव ने मोर्चा संभाला—बिना घबराहट, बिना जल्दबाजी।
49 गेंद, 84 रन और कप्तानी का क्लास
सूर्या ने अपनी पारी में 10 चौके और 4 छक्के लगाए। शुरुआत में उन्होंने सिंगल-डबल्स पर ध्यान दिया, गैप खोजे और गेंदबाजों को थकाया। जैसे-जैसे ओवर कम होते गए, शॉट्स का दायरा खुलता चला गया।
उन्होंने 36 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो उनका टी20 इंटरनेशनल करियर का 25वां फिफ्टी था। आखिरी ओवर में सूर्या ने गियर बदला—दो चौके, दो छक्के—और भारत को 160 के पार पहुंचा दिया।
उनकी बदौलत भारत 20 ओवर में 161/9 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर सका।
अक्षर पटेल के साथ अहम साझेदारी
जब चारों ओर विकेट गिर चुके थे, तब सूर्या को एक छोर से साथ चाहिए था। यह जिम्मेदारी निभाई उपकप्तान अक्षर पटेल ने। अक्षर ने 14 रन बनाए, लेकिन इससे ज्यादा अहम थी उनकी 41 रनों की साझेदारी, जो सातवें विकेट के लिए आई।
इस पार्टनरशिप ने भारत को ऑलआउट होने से बचाया और स्कोरबोर्ड को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया।
धोनी-गंभीर को पीछे छोड़ते हुए टॉप-4 में सूर्या
इस पारी के साथ सूर्यकुमार यादव टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस दौरान एमएस धोनी और गौतम गंभीर—दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।
टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन: भारतीय खिलाड़ी
| खिलाड़ी | मैच | रन |
|---|---|---|
| विराट कोहली | 35 | 1292 |
| रोहित शर्मा | 47 | 1220 |
| युवराज सिंह | 31 | 593 |
| सूर्यकुमार यादव | 19 | 564 |
| एमएस धोनी | 33 | 529 |
| गौतम गंभीर | 21 | 524 |
सूर्या के नाम अब 19 मैचों में 564 रन हैं। वह युवराज सिंह (593 रन) से सिर्फ 29 रन पीछे हैं। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह फासला ज्यादा देर तक टिकेगा, ऐसा कहना मुश्किल है।
कोहली-रोहित के बाद जिम्मेदारी का नया चेहरा
टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट पर नजर डालें, तो एक बात साफ दिखती है—विराट कोहली और रोहित शर्मा का दबदबा। कोहली ने 1292 और रोहित ने 1220 रन बनाए हैं। ये दोनों ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टूर्नामेंट में 1000 रन का आंकड़ा पार किया।
2024 में भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने के बाद कोहली और रोहित ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उसके बाद टीम इंडिया की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी जिन कंधों पर आई, उनमें सबसे मजबूत नाम सूर्यकुमार यादव का है।
अमेरिका के खिलाफ मैच: स्कोर कम, अहम ज्यादा
161 रन कागज पर भले ही बहुत बड़ा स्कोर न लगे, लेकिन मैच के हालात को देखें तो यह पूरी तरह लड़ने लायक टोटल था। भारत ने शुरुआती 10 ओवर में जो नुकसान झेला, उसके बाद 160 के पार पहुंचना सूर्या की पारी के बिना मुमकिन नहीं था।
यह वही स्थिति थी, जहां कप्तान की भूमिका सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि टीम को मानसिक रूप से भी खड़ा करना होता है।
सूर्या की पारी क्यों खास रही?
इस पारी की खासियत सिर्फ स्ट्राइक रेट या बाउंड्री काउंट नहीं थी। खास बात यह रही कि—
- उन्होंने रिस्क और जिम्मेदारी के बीच संतुलन रखा
- विकेट गिरने के बावजूद घबराहट नहीं दिखाई
- आखिरी ओवर्स में पूरी तरह मैच की डिमांड के मुताबिक खेले
यही वजह है कि यह 84 रन साधारण अर्धशतक नहीं, बल्कि लीडरशिप पारी बन गई।















