U19 : बुलावायो में क्रिकेट से पहले सियासत भारत-पाक टॉस बना चर्चा का केंद्र

Atul Kumar
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U19 – बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में जैसे ही टॉस हुआ, स्कोरबोर्ड से पहले कैमरों ने एक और कहानी पकड़ ली। भारत और पाकिस्तान के अंडर-19 कप्तान मंच पर साथ थे, लेकिन हाथ नहीं मिले। कोई औपचारिक मुस्कान नहीं, कोई शिष्टाचार नहीं—बस एक ठंडा सन्नाटा, जिसने साफ कर दिया कि यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं है।

पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ पहले फील्डिंग का फैसला किया। यानी भारत पहले बल्लेबाजी करेगा। लेकिन टॉस के फैसले से ज्यादा चर्चा उस लम्हे की रही, जिसने दोनों देशों के रिश्तों की सच्चाई एक बार फिर मैदान के बीच ला खड़ा किया।

टॉस पर नज़र आई सियासत की परछाईं

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कोई नया नहीं है, लेकिन उसका असर अब अंडर-19 स्तर तक साफ दिखने लगा है। टॉस के वक्त दोनों कप्तानों का हाथ न मिलाना कोई संयोग नहीं था। यह उसी सिलसिले की अगली कड़ी है, जो पिछले कुछ वर्षों से इंटरनेशनल क्रिकेट में दिखती रही है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया। इसका असर क्रिकेट पर भी पड़ा। सीनियर पुरुष टीम ने एशिया कप के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था, जिस पर काफी विवाद हुआ। बाद में महिला क्रिकेट और जूनियर लेवल पर भी भारत का रुख वैसा ही रहा।

अंडर-19 मैच, लेकिन दबाव सीनियर लेवल जैसा

कागज़ पर यह सिर्फ एक अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप का मुकाबला है, लेकिन माहौल किसी नॉकआउट से कम नहीं। वजह साफ है—सेमीफाइनल की रेस।

पिछली बार जब भारत और पाकिस्तान अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में भिड़े थे, तो नतीजा भारतीय फैंस के लिए कड़वा रहा। पाकिस्तान ने भारत को 191 रनों के विशाल अंतर से हराया था। वह हार आज भी इस टीम के ड्रेसिंग रूम की दीवारों पर टंगी यादों जैसी है।

आज का मुकाबला उसी जख्म पर मरहम रखने का मौका है।

सुपर सिक्स की तस्वीर: हर रन की कीमत

सुपर सिक्स स्टेज के दूसरे ग्रुप में स्थिति काफी दिलचस्प है।

टीममैचजीतअंकस्थिति
इंग्लैंड448क्वालीफाई
भारत436दूसरा
पाकिस्तान424तीसरा

इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। भारत अच्छे नेट रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान ठीक उसके पीछे सांस ले रहा है। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि मार्जिन का खेल भी है।

भारत पहले बल्लेबाजी करेगा: रणनीति साफ

टॉस हारने के बाद भारत का पहले बल्लेबाजी करना कोई झटका नहीं माना जा रहा। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में लक्ष्य सेट करने में ज्यादा सहज दिखी है। टॉप ऑर्डर ने शुरुआत दी है, और मिडिल ऑर्डर ने जिम्मेदारी निभाई है।

पाकिस्तान ने फील्डिंग चुनकर साफ संकेत दिया है कि वह भारत को दबाव में डालना चाहता है। नई गेंद से स्विंग, बीच के ओवरों में स्पिन और फिर डेथ ओवर्स में पेस—पाकिस्तान का प्लान सीधा है।

लेकिन भारत के लिए यह वही मौका है, जहां वह पिछली एशिया कप हार का हिसाब बराबर कर सकता है।

हाथ न मिलाना: परंपरा टूटी या संदेश दिया?

क्रिकेट को अक्सर “जेंटलमैन गेम” कहा जाता है। हाथ मिलाना उसकी बुनियादी परंपरा रही है। लेकिन जब सरहदों पर तनाव बढ़ता है, तो मैदान भी अछूता नहीं रहता।

भारत का यह रुख सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है। यह एक राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश भी है—कि हालात सामान्य नहीं हैं। चाहे मंच अंडर-19 ही क्यों न हो।

आगे का बड़ा सवाल: सीनियर टी20 वर्ल्ड कप में क्या होगा?

इस मैच के साथ एक और बहस फिर तेज हो गई है। भारत और श्रीलंका में होने वाले आगामी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर भी संशय बना हुआ है।

बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर किए जाने के फैसले पर पाकिस्तान पहले ही नाराज़गी जता चुका है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान, विरोध के तौर पर, भारत के खिलाफ मैच न खेलने का कदम उठा सकता है।

मैदान पर जवाब देने का मौका

इन सब सियासी और कूटनीतिक शोर के बीच एक सच्चाई साफ है—मैदान पर खेलने वाले खिलाड़ी अपना जवाब बल्ले और गेंद से ही देंगे।

भारतीय अंडर-19 टीम के लिए यह मुकाबला सिर्फ सेमीफाइनल की टिकट नहीं है। यह एक मौका है यह दिखाने का कि पिछली करारी हार महज एक पड़ाव थी, मंज़िल नहीं।

अगर भारत यहां मजबूत स्कोर खड़ा करता है और पाकिस्तान को दबाव में लाता है, तो यह जीत सिर्फ अंक तालिका में नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक तौर पर भी भारी होगी।

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