India – अगर किसी को यह समझना हो कि टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत कितना आगे निकल चुका है, तो उसे लंबा डेटा खंगालने की ज़रूरत नहीं।
बस भारत बनाम न्यूजीलैंड तीसरे टी20 का स्कोरकार्ड उठा लीजिए—कहानी खुद बोलने लगेगी।
क्योंकि आज की टीम इंडिया सिर्फ मैच नहीं जीत रही,
वह लगातार ऑलआउट होने से इनकार कर रही है।
40 मैच, सिर्फ 4 बार ऑलआउट: चौंकाने वाला सच
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद से लेकर 29 जनवरी 2026 तक भारत ने कुल
40 T20I मैच खेले हैं।
इन 40 मुकाबलों में भारतीय टीम
सिर्फ 4 बार ऑलआउट हुई है।
टी20 क्रिकेट जैसे फॉर्मेट में—
जहां 160–170 भी छोटे स्कोर माने जाते हैं—
यह आंकड़ा अपने आप में बड़ी बात है।
किस कप्तान के तहत ऑलआउट हुई टीम?
यहां कप्तानी का एंगल भी दिलचस्प है।
| कप्तान | ऑलआउट कितनी बार |
|---|---|
| सूर्यकुमार यादव | 3 |
| शुभमन गिल | 1 |
| रोहित शर्मा | 0 (WC 2024 के बाद नहीं खेले) |
टी20 वर्ल्ड कप 2024 भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में जीता,
और वही उनका इस फॉर्मेट में आखिरी मैच भी था।
इसके बाद जिम्मेदारी आई
सूर्यकुमार यादव के कंधों पर।
शुभमन गिल की कप्तानी में वो एक अपवाद
जब भारत जिम्बाब्वे दौरे पर गया,
तो कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को दी गई।
उस सीरीज़ के एक मैच में—
- भारत 102 रन पर ऑलआउट
- वही एक मुकाबला था, जहां पूरी टीम ढह गई
- और उसी मैच में भारत को हार मिली
यही वो एकमात्र मौका था,
जब कप्तान गिल के तहत टीम पूरी तरह बिखरी।
2025: दो बार टूटी बल्लेबाजी लाइन
2025 में भारतीय टीम दो बार ऑलआउट हुई।
पहली बार
- ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत
- वेन्यू: MCG
- भारत: 125 रन पर ऑलआउट
दूसरी बार
- भारत बनाम साउथ अफ्रीका
- वेन्यू: मुल्लानपुर
- भारत: 162 रन पर ऑलआउट
दोनों मुकाबले हाई-क्वालिटी बॉलिंग अटैक्स के खिलाफ थे,
और दोनों ही मैचों में भारत लड़ते हुए आउट हुआ—ढहकर नहीं।
2026: न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा झटका
2026 में अब तक भारत सिर्फ एक बार ऑलआउट हुआ है।
- मुकाबला: भारत बनाम न्यूजीलैंड
- वेन्यू: विशाखापट्टनम
- स्कोर: 165 रन
यह वही मैच था,
जहां शिवम दुबे ने 15 गेंदों में फिफ्टी ठोकी,
और भारत 85/5 से मुकाबले में लौटा।
यानी ऑलआउट होने के बावजूद,
टीम ने हार मानने से मना कर दिया।
जीत-हार का पूरा हिसाब: भारत सबसे आगे
अब सिर्फ ऑलआउट नहीं,
पूरी परफॉर्मेंस पर नज़र डालते हैं।
पिछले 40 T20I मैचों में भारत का रिकॉर्ड
| नतीजा | संख्या |
|---|---|
| जीत | 30 |
| हार | 6 |
| टाई | 2 |
| बेनतीजा | 2 |
30 जीत—
यह उन सभी टीमों में सबसे बेहतर जीत प्रतिशत है,
जिन्होंने इस अवधि में 30 या उससे ज्यादा T20I मैच खेले हैं।
यह बदलाव आया कहां से?
इस भारतीय दबदबे के पीछे तीन बड़े कारण साफ दिखते हैं।
1. लंबी बैटिंग लाइन
अब भारत 7–8 बल्लेबाज़ों के साथ खेलता है।
ऑलआउट होना आसान नहीं रहा।
2. रोल-क्लैरिटी
हर बल्लेबाज़ जानता है—
- पावरप्ले में क्या करना है
- मिडिल ओवर्स में रिस्क कितना लेना है
- डेथ में कौन फिनिश करेगा
3. कप्तानी का माइंडसेट
सूर्यकुमार यादव का फोकस है—
डर नहीं, डेप्थ।
यही वजह है कि टीम जल्दी ढहती नहीं।















