T20I : सूर्या, ईशान और अभिषेक कौन रचेगा इतिहास

Atul Kumar
Published On:
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T20I – टी20 वर्ल्ड कप 2026 की उलटी गिनती अब सिर्फ कैलेंडर की बात नहीं रही। सात फरवरी को पहला मैच होगा, स्टेडियम भरेंगे, और हर छक्के के साथ इतिहास की किताब फिर से खुलने वाली है।

लेकिन इस टूर्नामेंट के साथ एक सवाल हर बार लौटकर आता है—टी20 वर्ल्ड कप में शतक क्यों इतने दुर्लभ हैं? और भारत के लिए तो सवाल और भी तीखा है, क्योंकि पिछले 16 साल से कोई भारतीय बल्लेबाज इस मंच पर शतक नहीं लगा पाया है।

भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहे इस 10वें संस्करण में निगाहें सिर्फ ट्रॉफी पर नहीं, बल्कि एक पुराने सूखे पर भी होंगी।

टी20 वर्ल्ड कप: जहां शतक लगना अपवाद है

फ्रेंचाइजी लीग्स और द्विपक्षीय सीरीज में आज शतक आम बात हो चुकी है। हर दूसरे हफ्ते कोई न कोई बल्लेबाज 100 ठोक देता है। लेकिन टी20 वर्ल्ड कप अलग जानवर है।
2007 से अब तक खेले गए सभी संस्करणों में सिर्फ 10 खिलाड़ियों ने शतक लगाए हैं। यही आंकड़ा बताता है कि दबाव, परिस्थितियां और विपक्ष यहां अलग लेवल का होता है।

क्रिस गेल इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने यह कारनामा दो बार किया। भारत की बात करें तो कहानी और छोटी हो जाती है—सिर्फ एक नाम।

सुरेश रैना: 2010 की वो ऐतिहासिक रात

भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले अब तक के इकलौते बल्लेबाज हैं सुरेश रैना।
साल 2010, साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला, ग्रोस आइलेट का मैदान।

रैना तीसरे नंबर पर उतरे और 60 गेंदों में 101 रन ठोक दिए।

  • 9 चौके
  • 5 छक्के
  • स्ट्राइक रेट जो उस दौर में पागलपन माना जाता था

उनकी पारी की बदौलत भारत ने 185/5 का स्कोर खड़ा किया। जवाब में साउथ अफ्रीका 172/5 तक ही पहुंच सका और भारत ने 14 रन से मैच जीत लिया।

उस दिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यही शतक 16 साल तक आखिरी भारतीय शतक बना रहेगा।

भारत का टॉप स्कोर: शतक के कितने करीब, फिर भी दूर

रैना के बाद भारत कई बार शतक के बेहद करीब पहुंचा, लेकिन हर बार कुछ रन कम पड़ गए।

रनबल्लेबाजविपक्षसाल
101सुरेश रैनासाउथ अफ्रीका2010
92रोहित शर्माऑस्ट्रेलिया2024
89*विराट कोहलीवेस्टइंडीज2016
82*विराट कोहलीऑस्ट्रेलिया2016
82*विराट कोहलीपाकिस्तान2022
79*रोहित शर्माऑस्ट्रेलिया2010
78*विराट कोहलीपाकिस्तान2012
77विराट कोहलीश्रीलंका2014
76विराट कोहलीश्रीलंका2024
75गौतम गंभीरपाकिस्तान2007

सूची देखकर साफ दिखता है—मौके आए, बल्लेबाज भी थे, लेकिन शतक की लाइन हर बार एक-दो ओवर दूर रह गई।

2026 में उम्मीद क्यों ज़्यादा है?

इस बार फर्क है फॉर्म।
न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने जो किया, उसने उम्मीदों को हवा दे दी है।

ईशान किशन

  • 4 मैच
  • 215 रन
  • औसत: 53.75
  • स्ट्राइक रेट: 231.18
  • एक शतक, एक अर्धशतक

अभिषेक शर्मा

  • 182 रन
  • स्ट्राइक रेट: 249.31
  • दो अर्धशतक

सूर्यकुमार यादव

  • 5 मैचों में 242 रन
  • तीन अर्धशतक
  • स्ट्राइक रेट: 196.74
  • प्लेयर ऑफ द सीरीज

ये आंकड़े सिर्फ अच्छे नहीं हैं—ये बताते हैं कि बल्लेबाज टी20 मोड में पूरी तरह लॉक हैं।

सूर्या, ईशान या अभिषेक—कौन तोड़ेगा सूखा?

  • सूर्यकुमार यादव: 360 डिग्री शॉट्स, बीच के ओवरों में एक्सेलेरेशन, कप्तानी का आत्मविश्वास
  • ईशान किशन: पावरप्ले में तबाही मचाने की क्षमता, लंबी पारी खेलने का हालिया सबूत
  • अभिषेक शर्मा: बिना डर खेले जाने वाला अंदाज़, गेंदबाजों को सोचने का मौका नहीं देते

इन तीनों में एक कॉमन फैक्टर है—इंटेंट
और टी20 वर्ल्ड कप में शतक अक्सर वहीं से निकलता है, जहां बल्लेबाज डर छोड़ देता है।

ग्रुप ए और शेड्यूल का असर

भारत ग्रुप ए में है, जहां मुकाबले होंगे:

  • USA (7 फरवरी)
  • नामीबिया (12 फरवरी)
  • नीदरलैंड्स (18 फरवरी)
  • पाकिस्तान (15 फरवरी – कोलंबो, लेकिन बहिष्कार के कारण वॉकओवर संभव)

अगर पाकिस्तान के खिलाफ मैच में वॉकओवर मिलता है, तो भारत को सीधे अंक मिलेंगे—लेकिन शतक का मौका नहीं।
ऐसे में शुरुआती तीन मुकाबले ही वह मंच होंगे, जहां कोई भारतीय बल्लेबाज इतिहास रच सकता है।

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