Super 8 : सुपर-8 में बदलाव के संकेत – तीन बल्लेबाजों पर लटकी तलवार

Atul Kumar
Published On:
Super 8

Super 8 – अहमदाबाद की 76 रन की हार सिर्फ एक स्कोरलाइन नहीं थी—वो टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में होने वाली मुश्किल बातचीत की शुरुआत थी। अब सुपर-8 में दो “करो या मरो” मैच बचे हैं। और संकेत साफ हैं—प्लेइंग इलेवन में बदलाव हो सकता है।

मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहयोगी रियान टेन डोइशे और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इशारों में मान लिया है कि खराब फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों पर चर्चा होगी। खासकर टॉप ऑर्डर और लेफ्ट-हैंडर रणनीति पर।

तीन बल्लेबाज दबाव में

साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद जिन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा है, वो हैं—अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह।

मौजूदा टूर्नामेंट में प्रदर्शन

खिलाड़ीमैचरनस्ट्राइक रेट
अभिषेक शर्मा415
तिलक वर्मा5107
रिंकू सिंह24 (29 गेंद)82.75

अभिषेक का 4 मैच में 15 रन—यह आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। तिलक ने रन तो बनाए हैं, लेकिन मैच की गति के हिसाब से उनका स्ट्राइक रेट अपेक्षित नहीं रहा। रिंकू, जो फिनिशर की भूमिका में थे, 82.75 की स्ट्राइक रेट से 24 रन—यह टी20 में स्वीकार्य नहीं।

“कुछ अलग करना होगा?”

बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने साफ कहा,
“अगर मुख्य कोच और टीम प्रबंधन को लगता है कि हमें कुछ अलग करना होगा तो हम करेंगे।”

यह बयान सामान्य नहीं है। टूर्नामेंट के बीच में “कुछ अलग” का मतलब होता है—संयोजन पर पुनर्विचार।

उन्होंने यह भी कहा,
“हम ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं कि सोचना होगा कि बदलाव करना है या उसी संयोजन से काम करना है।”

यानी भरोसा बनाम बदलाव—दोनों विकल्प टेबल पर हैं।

लेफ्ट-हैंडर्स की रणनीति पर पुनर्विचार

भारत ने टॉप ऑर्डर में कई खब्बू बल्लेबाज उतारे। सिद्धांत यह था कि विरोधी टीम के बॉलिंग एंगल को बिगाड़ा जाए। लेकिन क्या इससे बैलेंस बिगड़ गया?

रियान टेन डोइशे ने संकेत दिया कि टीम में बैकअप विशेषज्ञ बल्लेबाजों की कमी भी चिंता है।

उन्होंने कहा,
“या तो आप उन्हीं खिलाड़ियों को चुनते हैं जो पिछले डेढ़ साल से अच्छा खेल रहे हैं, भले ही अभी रन नहीं बना पा रहे हों। या बदलाव करके संजू सैमसन को लाते हैं, जो शानदार खिलाड़ी है और टॉप ऑर्डर में दाएं हाथ का विकल्प देगा।”

साफ है—संजू सैमसन का नाम गंभीरता से चर्चा में है।

क्या सैमसन आएंगे?

अगर सैमसन को लाया जाता है, तो यह सिर्फ एक खिलाड़ी का बदलाव नहीं होगा—यह रणनीतिक बदलाव होगा।
• टॉप ऑर्डर में राइट-लेफ्ट बैलेंस
• स्ट्राइक रोटेशन में सुधार
• स्पिन के खिलाफ बेहतर विकल्प

अगले दो मैच—जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ—निर्णायक हैं। ऐसे में प्रयोग की गुंजाइश कम है, लेकिन मजबूरी ज्यादा।

अभिषेक पर कोच का भरोसा

अभिषेक शर्मा के बारे में कोटक ने कहा,
“मैं अभि या तिलक के लिए बहाना नहीं बनाऊंगा। लेकिन पेट के संक्रमण ने अभिषेक की तैयारियों को प्रभावित किया।”

फिर उन्होंने दिलचस्प बात कही—
“दो दिन में आप कुछ बदल नहीं सकते। जरूरत से ज्यादा सलाह देने से आत्मविश्वास हिल सकता है।”

यानी टीम मैनेजमेंट जानता है कि तकनीकी बदलाव से ज्यादा मानसिक संतुलन जरूरी है।

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