Test – पहला सवाल यही उठता है—अगर टीम इंडिया 2025 में टेस्ट क्रिकेट में इस कदर लड़खड़ाई, तो आखिर रन किसने बनाए? और यहां चौंकाने वाला नाम सबसे ऊपर आता है: शुभमन गिल।
हाँ, वही गिल, जो साल खत्म होते-होते गर्दन की चोट के कारण साउथ अफ्रीका सीरीज से बाहर हो गए। लेकिन उससे पहले उन्होंने इतना रन बरसा दिया कि कोई उनका पीछा ही नहीं कर पाया।
गिल ने 2025 में 983 रन बना दिए—महज 17 रन कम रह गए हजार के जादुई आंकड़े को छूने से।
शुभमन गिल—लाल गेंद का नया चेहरा, और 2025 का नंबर-1 भारतीय बल्लेबाज
भारतीय टेस्ट टीम का यह पूरा साल खराब रहा, लेकिन गिल की बैटिंग इससे बिल्कुल उलट थी—संयम, क्लास और मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य। 9 टेस्ट और 16 पारियों में उनका औसत रहा 70.21—भारत के किसी भी बल्लेबाज के लिए इस साल का सबसे मजबूत आँकड़ा।
गुवाहाटी में चोट से पहले तक वह एकदम शीर्ष फॉर्म में थे। पहले टेस्ट की पहली पारी में गर्दन में अकड़न हुई और उन्हें दूसरी पारी में उतारा भी नहीं गया।
दूसरा टेस्ट पूरी तरह मिस—और वहीं एक हजार रनों का सपना 17 रन दूर रह गया।
फिर भी, 2025 के ओवरऑल टेस्ट रन-स्कोरर्स में वह दुनिया में भी नंबर-1 हैं, यह अपने-आप में बड़ी बात है।
केएल राहुल—813 रन, लेकिन SA दौरे पर फीकी चमक
इस साल भारतीय बल्लेबाजी की दूसरी सबसे मजबूत स्टोरी थे केएल राहुल।
10 मैच, 19 पारियाँ, 813 रन—औसत 45.16।
सालभर राहुल ने कई बार मिडिल ऑर्डर को बचाया, लेकिन साउथ अफ्रीका सीरीज में उनकी स्ट्रगल साफ दिखी।
दोनों टेस्ट में एक भी फिफ्टी नहीं। कुछ अच्छी शुरुआत, कुछ खराब शॉट्स—और पूरी सीरीज उनके हाथ से निकल गई।
फिर भी 800+ रन बनाकर उन्होंने खुद को भारतीय टेस्ट लाइनअप का स्थायी हिस्सा बनाए रखा।
रविंद्र जडेजा—764 रन, 63.66 औसत… टीम के संकटमोचक
जडेजा इस साल सिर्फ गेंद से ही नहीं, बैट से भी भारत के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में रहे।
17 पारियों में 764 रन—औसत 63.66—यह नंबर किसी भी मुख्य बल्लेबाज को शर्मिंदा कर सकता है।
उनकी बल्लेबाजी कहीं-कहीं उस पुराने जडेजा की याद दिलाती रही, जो इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी टीम को एक छोर से थाम लेते थे।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने एक महत्वपूर्ण फिफ्टी भी जड़ी, लेकिन टीम के बाकी बल्लेबाजों ने उनका साथ नहीं दिया।
यशस्वी जायसवाल—745 रन, लेकिन निरंतरता missing
यशस्वी जायसवाल ने 2025 को एक ऐसे साल के रूप में दर्ज किया होगा, जिसमें उन्होंने कुछ कमाल की पारियाँ खेलीं, और कुछ बार बेवजह विकेट फेंके।
10 टेस्ट, 19 पारियाँ, 745 रन—औसत करीब 39।
उनका टैलेंट विशाल है, लेकिन SA सीरीज में 58 रन की पारी के बाद उनसे और रन की उम्मीद थी। युवा हैं, सीखने की जगह भी है—लेकिन आंकड़े बताते हैं कि वे भारत के इस कठिन साल में चौथे सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज रहे।
ऋषभ पंत—629 रन, औसत 48.38… लेकिन कप्तानी + खराब शॉट चयन ने छवि धूमिल की
साल की शुरुआत में पंत लौटे—फिट, स्मार्ट और बैटिंग में नई ऊर्जा के साथ।
7 टेस्ट, 13 पारियों में 629 रन—औसत लगभग 48।
ये आंकड़े खराब नहीं हैं।
लेकिन कहानी आंकड़ों से ज़्यादा गहरी है।
- साउथ अफ्रीका के खिलाफ कप्तानी मिली (गिल चोटिल होने के कारण बाहर)
- लेकिन बैटिंग में बार-बार जल्दबाज़ी
- खराब शॉट चयन
- टीम की पारी को गिराने वाली लापरवाही—जिसने कोच गंभीर को नाराज भी किया
नंबर-5 या नंबर-6 पर पंत मैच पलट सकते हैं, लेकिन SA सीरीज में वे वही खिलाड़ी नहीं दिखे।
शीर्ष 5 भारतीय टेस्ट बल्लेबाज—2025 में रन मशीन कौन?
यह तालिका पूरे साल का एक साफ आईना है:
| रैंक | खिलाड़ी | मैच | पारियाँ | रन | औसत |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | शुभमन गिल | 9 | 16 | 983 | 70.21 |
| 2 | केएल राहुल | 10 | 19 | 813 | 45.16 |
| 3 | रविंद्र जडेजा | 10 | 17 | 764 | 63.66 |
| 4 | यशस्वी जायसवाल | 10 | 19 | 745 | 39.21 |
| 5 | ऋषभ पंत | 7 | 13 | 629 | 48.38 |
तालिका में भी दिख रहा है—गिल की छलांग बाकी सब से दो-तीन गुना बड़ी है।
भारत की टेस्ट टीम के लिए यह डेटा क्या कहता है?
तीन बड़ी बातें साफ दिखती हैं:
भारत का असली संकट टॉप-ऑर्डर है
गिल एकमात्र स्थिर स्तंभ थे। जायसवाल ने सहयोग दिया, लेकिन बीच-बीच में ढह गए।
मिडिल ऑर्डर बेहद अस्थिर रहा। यह वही स्लॉट है जहां पहले पुजारा–रहाणे–कोहली जैसी मजबूत दीवारें थीं।
जडेजा और पंत—बचाव में असरदार, लेकिन जिम्मेदारी में कमी
ये दोनों आज भी मैच पलटने का दम रखते हैं, पर SA सीरीज में दोनों बार बल्लेबाजी में मानसिकता की कमी दिखी।
नंबर 3–4–5 स्लॉट भारत की टेस्ट हारों का सबसे बड़ा कारण
गिल जब चोटिल हुए तो टीम की रीढ़ ही टूट गई।
नीचे टेबल में बल्लेबाज चले, लेकिन समय पर साझेदारी नहीं बनी।















