U19 – बेनोनी की पिच पर बादलों का साया था, लेकिन भारतीय अंडर-19 टीम के इरादों पर नहीं। कप्तानी की पहली परीक्षा, ओपनिंग में जल्दी विकेट, फिर बारिश का खलल—इन सबके बीच भारत ने साउथ अफ्रीका को पहले यूथ वनडे में 25 रन (DLS) से हराकर सीरीज़ में 1–0 की बढ़त बना ली। और यह जीत इसलिए खास रही क्योंकि यह वैभव सूर्यवंशी के बतौर कप्तान पहले मैच में आई—भले ही बल्ले से उनका दिन यादगार न रहा हो।
कप्तानी डेब्यू पर बल्ला खामोश, जिम्मेदारी भारी
नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे के उपलब्ध न होने की वजह से कमान वैभव सूर्यवंशी के हाथों में थी। टॉस हारकर भारत पहले बल्लेबाज़ी को उतरा, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
वैभव सूर्यवंशी 12 गेंदों में 11 रन बनाकर आउट हुए, जबकि उनके जोड़ीदार आरोन जोर्ज सिर्फ 5 रन बनाकर लौट गए। पावरप्ले के भीतर ही भारत दबाव में आ गया।
15 ओवर के भीतर स्कोर था 67/4। लग रहा था कि साउथ अफ्रीका मैच पर पकड़ बना रहा है।
हरवंश–अंबरीश की साझेदारी ने बदला मैच का रुख
यहीं से कहानी पलटी।
हरवंश पंगालिया और आर.एस. अंबरीश ने मिलकर पारी को संभाला—और फिर आगे बढ़ाया।
पांचवें विकेट के लिए दोनों के बीच हुई 137 रनों की साझेदारी ने न सिर्फ स्कोरबोर्ड को गति दी, बल्कि ड्रेसिंग रूम को भी राहत दी।
- हरवंश पंगालिया: 93 रन
- आर.एस. अंबरीश: 65 रन
इस साझेदारी की बदौलत भारत 50 ओवर में 300 रन तक पहुंच सका—एक ऐसा स्कोर, जो अंडर-19 क्रिकेट में हमेशा मुकाबले में रखता है।
| भारत की पारी | रन |
|---|---|
| हरवंश पंगालिया | 93 |
| आर.एस. अंबरीश | 65 |
| टीम स्कोर | 300 (50 ओवर) |
301 के लक्ष्य का पीछा और शुरुआती झटके
301 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत भी लड़खड़ाई। पहले 10 ओवर में ही टीम ने 62 रन पर 3 विकेट गंवा दिए। भारतीय गेंदबाज़ों ने नई गेंद से सही लाइन-लेंथ पकड़ी।
लेकिन फिर आया एक स्थिर साझेदारी का दौर।
वान शाल्कविक और मनैक ने दिखाई टक्कर
चौथे विकेट के लिए जोरिच वान शाल्कविक (60*) और अरमान मनैक (46) ने 86 रनों की साझेदारी कर मैच को बराबरी की तरफ खींचा।
यहीं पर बारिश ने खेल बिगाड़ दिया—और साउथ अफ्रीका की भी।
मनैक रन आउट हुए और कुछ ही देर बाद बारिश तेज हो गई। खेल रुका, और फिर दोबारा शुरू नहीं हो सका।
DLS ने सुनाया फैसला: भारत 25 रन आगे
जब बारिश के बाद खेल संभव नहीं हो पाया, तो DLS मैथड के तहत स्कोर देखा गया।
27.4 ओवर में 148/4 के स्कोर पर साउथ अफ्रीका, भारत से 25 रन पीछे था।
अंपायरों ने मुकाबला यहीं समाप्त घोषित किया—और भारत को जीत मिली।
वैभव सूर्यवंशी के लिए सीख वाला दिन
यह मैच वैभव सूर्यवंशी के लिए रन बनाने का नहीं, बल्कि लीडर बनने का दिन था। बतौर बल्लेबाज़ फ्लॉप शो के बावजूद टीम ने संयम नहीं खोया—और यही कप्तानी का असली इम्तिहान होता है।
भारतीय अंडर-19 सिस्टम में कप्तानी को भविष्य के निवेश की तरह देखा जाता है, और यह मैच उसी प्रक्रिया का हिस्सा है
सीरीज़ का हाल
तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में भारत अब 1–0 से आगे है।
अगले मुकाबले में साउथ अफ्रीका की कोशिश बराबरी की होगी, जबकि भारत जीत की लय बनाए रखना चाहेगा।
जीत जो स्कोर से नहीं, हालात से आई
यह जीत सिर्फ 25 रन की नहीं थी।
यह जीत थी—
- मुश्किल शुरुआत से उबरने की
- साझेदारी की अहमियत समझने की
- और दबाव में शांत रहने की
वैभव सूर्यवंशी का बल्ला भले न चला हो, लेकिन उनकी कप्तानी की शुरुआत जीत के साथ हुई—और अंडर-19 क्रिकेट में इससे बेहतर शुरुआत शायद ही हो।















